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Koshi के उफान से नवहट्टा की 7 पंचायतों में बढ़ा संकट: सड़कें बनीं नदी, कमर भर पानी में चलने को मजबूर ग्रामीण
नवहट्टा (सहरसा)। नेपाल के तराई क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण Koshi नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है. कोसी में आए इस उफान की वजह से सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के तटबंध के भीतर बसे गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है.
मुख्य रूप से 7 पंचायतों का संपर्क पूरी तरह प्रभावित हुआ है और गांवों को जोड़ने वाली सड़कें पानी में डूबकर नदी का रूप ले चुकी हैं.
Koshi News: सड़कें बनीं सबसे बड़ी चुनौती, घुटने से लेकर कमर तक डूबे लोग
नदी का पानी खेतों से निकलकर गांवों को जोड़ने वाली कच्ची और मुख्य जर्जर सड़कों पर तेजी से फैल रहा है. स्थिति यह है कि कई मार्गों पर घुटने भर तो कहीं-Pedestrian कमर तक पानी भर गया है. जहाँ पानी थोड़ा कम है, वहाँ सड़कें गहरे कीचड़ में तब्दील हो चुकी हैं. ऐसे में लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पैदल ही आवागमन करने को विवश हैं.
इस जलजमाव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है जिनके घरों में छोटे बच्चे, बुजुर्ग, बीमार व्यक्ति या गर्भवती महिलाएं हैं. स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित है और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुँचाना जिला व प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटने के कारण एक बड़ी चुनौती बन गया है.
Koshi News: निर्माणाधीन पुल के पास जलजमाव, लापरवाही का आरोप
प्रखंड की खड़का तेलवा पंचायत के वार्ड संख्या 7 और 8 स्थित चाही टोला में स्थिति और भी विकट है. यहाँ एक निर्माणाधीन पुल के पास पानी का तेज बहाव होने से बाढ़ का दृश्य बन गया है और सैकड़ों परिवार अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं.
स्थानीय ग्रामीण बीरजू कुमार, प्रभा देवी, संगीता देवी, जासो देवी और जया देवी सहित अन्य आक्रोशित लोगों ने निर्माण कार्य कर रही एजेंसी पर भारी लापरवाही का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि एजेंसी के पास कलवर्ट उपलब्ध होने के बावजूद उसे सही समय पर स्थापित नहीं किया गया. यदि समय रहते जल निकासी के लिए कलवर्ट लगा दिया जाता, तो आज सैकड़ों घरों के आगे यह जलजमाव नहीं होता. इस शिकायत को लेकर जब संबंधित संवेदक (ठेकेदार) से संपर्क साधने की कोशिश की गई, तो वे न तो कार्यस्थल पर मिले और न ही उनका फोन लग सका.
हर साल वही परेशानी, स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार कागजों पर 15 जून से 15 अक्टूबर तक बाढ़ अवधि घोषित कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेती है. लेकिन इस चार महीने की अवधि के दौरान तटबंध के भीतर रहने वाले लाखों लोगों के लिए न तो सुरक्षित नावों या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाती है और न ही स्वास्थ्य सेवाओं के पुख्ता इंतजाम दिखते हैं.
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए तटबंध के भीतर पक्की सड़कों का निर्माण कराने, बाढ़ अवधि में नाव व वैकल्पिक यातायात की सुविधा देने और निर्माणाधीन पुल के पास तुरंत कलवर्ट चालू करने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं निकाला, तो वे जल्द ही एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होंगे.
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DIG का निरीक्षण टलने के बाद सदर थाना पहुंचे Saharsa SP: लंबित कांडों की समीक्षा, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देश
सहरसा। कोसी क्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष का सदर थाने में प्रस्तावित निरीक्षण कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित होने के बाद पुलिस अधीक्षक (Saharsa SP) विक्रम सिहाग स्वयं सदर थाना पहुंचे।
एसपी ने थाना परिसर में पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक गहन समीक्षा बैठक की और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, अनुसंधान की गुणवत्ता व विधि-व्यवस्था को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
Saharsa SP: लंबित मामलों के निष्पादन और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी पर जोर
एसपी ने थाना क्षेत्र के आपराधिक मामलों और अनुसंधानों की वर्तमान प्रगति की विस्तृत समीक्षा की:
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वारंट व कुर्की जब्ती: लंबे समय से लंबित वारंटों के निष्पादन और फरार अभियुक्तों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आदेश दिया गया।
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समयबद्ध कार्रवाई: आम जनता की शिकायतों का निष्पक्ष व समयबद्ध निस्तारण करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी मामले की जांच में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं होगा।
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क्वालिटी इन्वेस्टिगेशन: अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष बल दिया गया ताकि कोर्ट में मजबूत पैरवी सुनिश्चित हो सके।
Saharsa SP: थाना परिसर, मालखाना और अभिलेखों का औचक निरीक्षण
बैठक के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने सदर थाने के विभिन्न विंग्स का भौतिक निरीक्षण किया:
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दस्तावेजों का रख-रखाव: मालखाना, हाजत, शस्त्रागार और कार्यालयीन अभिलेखों की स्थिति देखकर रिकॉर्ड्स को हमेशा अपडेट और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
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पारदर्शिता व स्वच्छता: थाना परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और प्रशासनिक कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता बरतने को कहा गया।
Saharsa SP: रात्रि गश्ती और वाहन जांच तेज करने के आदेश
अपराध नियंत्रण और सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से एसपी ने मैदानी पुलिसिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए:
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संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी और सघन वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया।
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रात्रि गश्ती (Night Patrolling) को प्रभावी बनाने और आम नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर जनता का भरोसा जीतने पर जोर दिया गया।
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Supaul में कार से टकराई शराब लदी बाइक: 30 लीटर देसी शराब छोड़कर तस्कर फरार, वाहन जब्त
छातापुर (Supaul )। मुख्यालय स्थित बजरंग चौक के समीप स्टेट हाईवे-91 (SH-91) पर शुक्रवार रात शराब से लदी एक बाइक और कार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद कार चालक और बाइक सवार दोनों तस्कर मौके पर ही क्षतिग्रस्त बाइक और शराब की खेप छोड़कर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से 30 लीटर देसी चुलाई शराब और बिना नंबर प्लेट की बाइक जब्त कर ली।
Supaul Crime: बजरंग चौक पर SH-91 चढ़ते वक्त हुई टक्कर
जानकारी के अनुसार, दो युवक नरहैया की ओर से बाइक पर देसी शराब की खेप लादकर छातापुर की तरफ आ रहे थे:
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नशे में थे सवार: बताया जा रहा है कि बाइक सवार नशे की हालत में थे और जैसे ही बजरंग चौक के पास SH-91 पर चढ़ने लगे, सामने से आ रही कार से उनकी सीधी टक्कर हो गई।
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सड़क पर बिखरे पाउच: टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सड़क पर गिर गई और उस पर लदे शराब के कई पाउच फटकर सड़क पर बहने लगे।
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मौके से भागे आरोपी: स्थानीय लोगों के जुटने से पहले ही कार चालक और दोनों बाइक सवार अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।
Supaul Crime: बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर बाइक, 30 लीटर शराब बरामद
थानाध्यक्ष प्रमोद झा के नेतृत्व में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की:
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बरामदगी: पुलिस ने मौके से करीब 30 लीटर देसी चुलाई शराब और काले रंग की स्प्लेंडर बाइक को कब्जे में लिया।
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पहचान में जुटी पुलिस: बाइक पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण चेसिस और इंजन नंबर के आधार पर वाहन मालिक की पहचान की जा रही है।
बाइक मालिक और अज्ञात सवारों पर प्राथमिकी दर्ज
थानाध्यक्ष प्रमोद झा ने बताया कि बाइक और उसके मालिक के खिलाफ मद्यनिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस खुफिया सूत्रों की मदद से फरार तस्करों और शराब के सप्लायर व रिसीवर के नेटवर्क की कड़ियां तलाशने में जुटी है।
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Madhepura में एनीमिया मुक्त भारत अभियान तेज: DM ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश, 1 सितंबर से NCD कैंपेन
Madhepura। जिले में एनीमिया (खून की कमी) की रोकथाम और गैर-संचारी रोगों (NCD) के नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति की जांच की गई और अधिकारियों को केवल कागजी आंकड़े जुटाने के बजाय धरातल पर शत-प्रतिशत परिणाम देने का सख्त निर्देश दिया गया।
Madhepura: स्क्रीनिंग से लेकर नियमित फॉलोअप तक पर जोर
डीएम ने स्पष्ट किया कि एनीमिया से निपटने के लिए केवल दवा वितरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी स्वास्थ्य प्रक्रिया को परिणामोन्मुख बनाना होगा:
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समय पर पहचान: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्क्रीनिंग कर एनीमिया पीड़ितों की समय पर पहचान की जाएगी।
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दवा व पोषण: आयरन-फोलिक एसिड (IFA) की निर्बाध आपूर्ति, वितरण और उचित पोषण परामर्श सुनिश्चित किया जाएगा।
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मरीजों का फॉलोअप: उपचार के बाद मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि योजना का वास्तविक लाभ मिले।
Madhepura: 1 सितंबर से शुरू होगा NCD कैंपेन
बैठक में आगामी 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होने वाले गैर-संचारी रोग (NCD) अभियान की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई:
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गंभीर बीमारियों की पहचान: डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की समय पूर्व स्क्रीनिंग की जाएगी।
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जांच, उपचार व रेफरल: संभावित मरीजों की पहचान कर आवश्यक जांच, निःशुल्क दवाइयां और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफरल की व्यवस्था रहेगी।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मियों को आपसी समन्वय से समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी और संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।
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