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Madhepura: बदहाल सड़कों, एमडीएम व शिक्षकों के वेतन पर हंगामा, अफसरों को अल्टीमेटम

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Madhepura: बदहाल सड़कों, एमडीएम व शिक्षकों के वेतन पर हंगामा, अफसरों को अल्टीमेटम

Madhepura: बिहार के मधेपुरा जिला अंतर्गत पुरैनी प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में आयोजित बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक काफी हंगामेदार रही। प्रखंड बीस सूत्री के उपाध्यक्ष रौशन कुशवाहा की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में क्षेत्र की लचर स्वास्थ्य सेवाओं, विद्यालयों की वित्तीय समस्याओं, जर्जर सड़कों और लचर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश फूट पड़ा। बैठक में जनहित से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सदस्यों ने लापरवाह अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए स्पष्ट अल्टीमेटम दिया।

Madhepura News: एमडीएम का बकाया और बीपीएससी शिक्षकों का वेतन संकट

बैठक में सबसे गंभीर बहस शिक्षा विभाग की कार्यशैली को लेकर हुई। समिति के सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि प्रखंड के कई प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पिछले चार महीनों से मध्याह्न भोजन योजना (MDM) की राशि का आवंटन नहीं हुआ है। इसके कारण विद्यालय प्रभारियों को उधार पर राशन की व्यवस्था करनी पड़ रही है और नौनिहालों के पोषण पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

इसके साथ ही बीपीएससी टीआरई-1 (BPSC TRE-1) के तहत बहाल नवनियुक्त शिक्षकों के बकाए वेतन भुगतान का मुद्दा भी गूंजा। सदस्यों ने कहा कि महीनों से वेतन न मिलने के कारण शिक्षक आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मध्याह्न भोजन की लंबित राशि और शिक्षकों का बकाया वेतन अविलंब जारी किया जाए।

आंगनबाड़ी में बुनियादी सुविधाओं की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल

स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मामला छाया रहा। सदस्यों ने बताया कि पुरैनी पंचायत के वार्ड संख्या 10 में एएनएम (ANM) की घोर कमी के चलते ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। इसे देखते हुए तत्काल अतिरिक्त एएनएम की प्रतिनियुक्ति का प्रस्ताव पारित किया गया।

आंगनबाड़ी केंद्रों की दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सदस्यों ने कहा कि कई केंद्रों पर अब तक बिजली और पंखों की सुविधा नहीं है, जिससे भीषण गर्मी में छोटे बच्चे पसीने से तरबतर होने को विवश हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में फैल रहे डेंगू के खतरे को देखते हुए नियमित फॉगिंग व जनजागरूकता अभियान चलाने और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य कर्मियों की बायोमेट्रिक/समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।

जर्जर सड़कें, अतिक्रमण और बाजार में भीषण जाम

यातायात और सड़क अधोसंरचना के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाया। पुरैनी बाजार में रोजाना लगने वाले जाम से नागरिकों को मुक्ति दिलाने के लिए बड़े और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्व में तय प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने की मांग की गई।

सड़कों की बदहाली का उल्लेख करते हुए सदस्यों ने डुमरैल चौक से बधवा-दियारा होते हुए करामा तक की अत्यंत जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण तथा समाज कल्याण चौक से कालीस्थान होकर उपेंद्र यादव के घर तक नई पक्की सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर सरकारी विद्यालयों में चहारदीवारी और मुख्य द्वार के निर्माण पर भी जोर दिया गया।

गैस एजेंसी में चोरी का खुलासा न होने पर नाराजगी

बैठक में स्थानीय विधि-व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। पुरैनी स्थित रॉयल एचपी गैस एजेंसी में हाल ही में हुई बड़ी चोरी की घटना का पुलिस द्वारा अब तक खुलासा न किए जाने पर सदस्यों ने गहरी चिंता और आक्रोश जताया। पुलिस पदाधिकारियों को इस आपराधिक वारदात की तहकीकात तेज कर जल्द पर्दाफाश करने की चेतावनी दी गई।

बैठक में बीस सूत्री अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, बीडीओ अमरेंद्र कुमार, सीओ स्मिता झा, प्रखंड कृषि पदाधिकारी आशुलि प्रिया, सदस्य मनोज कुमार सिंह, विजय सिंह, पवन केडिया, निर्मल ठाकुर, सिकंदर पासवान तथा मुन्ना पंडित सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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Saharsa: वैशाली एक्सप्रेस के एसी कोच से 33 लीटर विदेशी शराब जब्त, तस्कर फरार

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Saharsa: वैशाली एक्सप्रेस के एसी कोच से 33 लीटर विदेशी शराब जब्त, तस्कर फरार

Saharsa: बिहार में सख्त शराबबंदी कानून के बावजूद तस्करों द्वारा शराब की अवैध ढुलाई के लिए नित नए तौर-तरीके अपनाए जा रहे हैं। अब लक्जरी यात्रा का बहाना बनाकर सुपरफास्ट ट्रेनों के वातानुकूलित (एसी) कोचों को तस्करी का जरिया बनाया जाने लगा है। हालांकि, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता ने ऐसे ही एक मंसूबे को नाकाम कर दिया। सहरसा पहुंची वैशाली एक्सप्रेस के खाली रैक के एसी डिब्बों से लावारिस हालत में 44 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 43 हजार रुपये आंकी गई है।

Saharsa: गुप्त सूचना पर आरपीएफ ने बिछाया था सुरक्षा का जाल

शराब की इस खेप को पकड़ने के लिए आरपीएफ ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया था। सहरसा आरपीएफ को पुख्ता इनपुट मिला था कि ट्रेन संख्या 15566 वैशाली एक्सप्रेस के खाली रैक में विदेशी शराब की बड़ी खेप ललितग्राम से सहरसा लाई जा रही है। सूचना मिलते ही पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार ने तत्काल विशेष निगरानी दल का गठन किया।

तस्करों को बीच रास्ते में माल उतारने से रोकने के लिए रूट के स्टेशनों पर भी कड़ी चौकसी रखी गई। सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार काजी को ट्रेन में गोपनीय निगरानी के लिए लगाया गया, जबकि राघवपुर स्टेशन पर प्रधान आरक्षी सत्येंद्र नाथ तिवारी और सरायगढ़ स्टेशन पर प्रधान आरक्षी बबलू शर्मा को तैनात किया गया था।

Saharsa: वाशिंग पिट तक निगरानी, बी-1 और बी-2 कोच में मिली खेप

बुधवार तड़के करीब 5:15 बजे जब ट्रेन सहरसा के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची, तो सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार पांडेय के नेतृत्व में बोगियों की सघन जांच शुरू हुई। शुरुआती जांच में एसी कोच बी-1 और बी-2 में कुछ संदिग्ध लावारिस बैग देखे गए। जवानों ने बैग उठाने वाले का इंतजार किया, लेकिन कोई सामने नहीं आया।

इसके बाद सुबह करीब 7:15 बजे ट्रेन जब वाशिंग पिट में धुलाई के लिए पहुंची, तब आरपीएफ टीम ने वीडियोग्राफी के साथ तलाशी ली। इस दौरान बी-1 कोच की सीट संख्या 33 और 49 के नीचे से पीले रंग के झोले मिले, जबकि बी-2 कोच की सीट संख्या 17 और 29 के नीचे से एक बड़ा बैग और प्लास्टिक का झोला बरामद किया गया।

33 लीटर शराब जब्त, उत्पाद विभाग को सौंपी गई खेप

कैमरे के सामने जब बैगों को खोला गया तो विभिन्न नामी ब्रांडों की कुल 44 बोतलें (लगभग 33 लीटर) विदेशी शराब निकलीं। बाजार में इसकी कीमत करीब 43 हजार रुपये है। आरपीएफ की सख्त घेराबंदी की भनक पाकर शातिर तस्कर संभवतः पहले ही फरार हो गए। आरपीएफ ने पूरी खेप को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए उत्पाद विभाग को सौंप दिया। सूचना मिलने पर उत्पाद विभाग के सहायक अवर निरीक्षक लक्ष्मण कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और माल को अपने कब्जे में लिया।

एसी डिब्बों में तस्करी से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सुपरफास्ट ट्रेनों के एसी कोचों का उपयोग शराब तस्करी के लिए होना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय है। इससे यह सवाल भी खड़ा होता है कि सुरक्षा जांच के बावजूद ललितग्राम से सहरसा तक यह खेप कोच के भीतर कैसे पहुंची। फिलहाल सहरसा आरपीएफ और उत्पाद विभाग रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि बैग रखने वालों की पहचान कर इस तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसा जा सके।

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Bihar Cabinet: मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं का वेतन ढाई गुना बढ़ा, सुरक्षा के लिए 50 हाईटेक ड्रोन

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Bihar Cabinet

पटना: Bihar Cabinet: बिहार सरकार ने राज्य के विभिन्न आयोगों, बोर्डों, निगमों, पर्षदों और समितियों में पदस्थापित राजनीतिक पदाधिकारियों को बड़ा वित्तीय तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 24 महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई।

इस बैठक में जनप्रतिनिधियों के वेतन-भत्तों में भारी बढ़ोतरी के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा, तकनीकी निगरानी, मद्यनिषेध और पशुपालन क्षेत्र के विस्तार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

Bihar Cabinet: वेतन और भत्तों में ऐतिहासिक इजाफा

कैबिनेट के निर्णय के तहत मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री का दर्जा प्राप्त विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों के पारिश्रमिक में करीब ढाई गुना की भारी वृद्धि की गई है। अब इन पदाधिकारियों का मासिक वेतन 25,000 रुपये से सीधे बढ़ाकर 65,000 रुपये कर दिया गया है, यानी इसमें प्रति माह 40,000 रुपये की सीधी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

वेतन के साथ ही उनके अन्य वित्तीय लाभों में भी व्यापक संशोधन किया गया है:

  • दैनिक भत्ता: पहले मिलने वाले 1,000 रुपये प्रतिदिन के भत्ते को बढ़ाकर अब 3,500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।

  • आतिथ्य भत्ता (कैबिनेट मंत्री दर्जा): इसे 18,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।

  • आतिथ्य भत्ता (राज्य मंत्री दर्जा): यह राशि 17,500 रुपये से संशोधित कर 29,500 रुपये प्रति माह तय की गई है।

  • आतिथ्य भत्ता (उप मंत्री दर्जा): इसे 17,000 रुपये से बढ़ाकर 29,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।

Bihar Cabinet: 24.50 करोड़ से खरीदे जाएंगे 50 हाईटेक ड्रोन

राज्य में विधि-व्यवस्था को पुख्ता करने और सुरक्षा एजेंसियों को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करने के लिए 50 हाईटेक ड्रोन की खरीद को प्रशासनिक मंजूरी मिली है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 24.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इन अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों का प्राथमिक इस्तेमाल त्योहारों और संवेदनशील मौकों पर भीड़ नियंत्रण (क्राउड मैनेजमेंट), दियारा एवं दुर्गम नदी तटीय क्षेत्रों में निगरानी, नक्सल विरोधी अभियानों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत-बचाव कार्यों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए किया जाएगा। इससे पुलिस बल को दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में त्वरित इनपुट मिल सकेगा।

Bihar Cabinet: सुरक्षा एवं मद्यनिषेध तंत्र को 336.85 करोड़ का संबल

शराबबंदी कानून के कड़े अनुपालन और अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार ने जिला पुलिस, रेल पुलिस, मद्यनिषेध विभाग तथा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु 336.85 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस कोष से विशेष जांच उपकरण, आधुनिक वाहन, संचार संसाधन तथा लोक भवन के उपयोग के लिए आवश्यक साजो-सामान खरीदे जाएंगे।

कोसी क्षेत्र में डेयरी उद्योग का होगा कायाकल्प

उत्तरी बिहार, विशेषकर कोसी अंचल के ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए 126.07 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिलों में आधुनिक डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा। इस परियोजना में मिल्क चिलिंग प्लांट, दही उत्पादन इकाई और प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट की स्थापना शामिल है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता दोनों में तेजी आएगी।

चार स्तरीय पशु चिकित्सा ढांचा होगा तैयार

राज्य में मूक पशुओं के समुचित इलाज के लिए ‘बिहार पशु चिकित्सा अवसंरचना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति’ को सैद्धांतिक सहमति दी गई है। अगले पांच वर्षों के भीतर राज्य में ग्राम से लेकर जिला स्तर तक चार स्तरीय आधुनिक पशु चिकित्सा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक 10 हजार पशु इकाइयों पर कम से कम एक सहायक पशु चिकित्साकर्मी तैनात करने का लक्ष्य रखा गया है।

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Darbhanga में दुष्कर्म के 3 मामलों की जांच में लापरवाही: SSP ने महिला थाने के दारोगा को किया निलंबित

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Darbhanga। महिला अपराध और गंभीर मामलों की जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर दरभंगा पुलिस कप्तान ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला थाना में पदस्थापित पुलिस अधिकारी संजीव कुमार रजक को दुष्कर्म से जुड़े तीन अलग-अलग संवेदनशील मामलों के अनुसंधान में घोर शिथिलता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने मासिक समीक्षा के दौरान यह सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की।

Darbhanga News: समीक्षा में खुली लापरवाही की पोल, 3 वर्षों के मामले थे लंबित

अगस्त 2026 तक दर्ज दुष्कर्म शीर्ष से संबंधित लंबित कांडों की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान जांच अधिकारी की लापरवाही उजागर हुई:

  • लंबित कांड: समीक्षा में पाया गया कि महिला थाना कांड संख्या 70/24, 56/25 और 24/26 के अनुसंधान में जांच अधिकारी द्वारा अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी और मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया था।

  • गंभीरता से लिया गया मामला: महिला उत्पीड़न और दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामलों में साक्ष्य संकलन और त्वरित कार्रवाई न किए जाने को एसएसपी ने कर्तव्यहीनता मानते हुए कड़ी आपत्ति जताई।

Darbhanga Crime: तत्काल प्रभाव से निलंबन, पुलिस केंद्र बना मुख्यालय

लापरवाही प्रमाणित होने के बाद एसएसपी ने त्वरित एक्शन लिया:

  • निलंबन आदेश: एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने पुलिस अधिकारी संजीव कुमार रजक को सामान्य जीवनयापन भत्ता पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

  • मुख्यालय निर्धारित: निलंबन की पूरी अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र (पुलिस लाइन), दरभंगा तय किया गया है।

लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का कड़ा निर्देश

एसएसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और अनुसंधानकर्ताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि गंभीर अपराधों, विशेषकर महिलाओं व बच्चों से जुड़े मामलों की जांच में किसी भी तरह की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जांच अधिकारियों को वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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