Bihar
Lalu Yadav की सीवान कोर्ट में पेशी: 2011 मामले में आरोप गठित
सीवान: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) शुक्रवार को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े एक पुराने मामले में सीवान स्थित विशेष एमपी-एमएलए अदालत (एसीजेएम प्रथम) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए।
न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अदालत द्वारा उन्हें अभियोजन से जुड़े आरोपों का सारांश पढ़कर सुनाया गया और आरोप गठन (चार्ज फ्रेमिंग) की औपचारिकताएं पूरी की गईं। इस दौरान न्यायालय कक्ष में लगभग पांच मिनट तक कानूनी कार्यवाही चली। राज्यभर की राजनीतिक व कानूनी बिरादरी की निगाहें इस बहुचर्चित Lalu Prasad Yadav Siwan Court पेशी पर टिकी रहीं, क्योंकि इस मामले में पूर्व में गैर-जमानती वारंट और कुर्की तक के आदेश जारी हो चुके थे।
Lalu Yadav : 2011 के दरौंदा उपचुनाव से जुड़ा है पूरा मामला
यह संपूर्ण कानूनी विवाद वर्ष 2011 के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान से संबंधित है। 8 अक्टूबर 2011 को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पार्टी प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे थे।
आरोप था कि क्षेत्र में धारा 144 और चुनावी निषेधाज्ञा प्रभावी होने के बावजूद प्रशासनिक अनुमति लिए बिना ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) का अनधिकृत इस्तेमाल किया गया और सार्वजनिक सभा आयोजित की गई। तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) शंकर महतो ने इसे आदर्श आचार संहिता और ध्वनि विस्तारण यंत्र अधिनियम का प्रत्यक्ष उल्लंघन मानते हुए दरौंदा थाने में कांड संख्या 146/11 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में लालू प्रसाद यादव और प्रत्याशी परमेश्वर सिंह दोनों को नामजद अभियुक्त बनाया था, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया था।
Lalu Yadav : गैर-जमानती वारंट और कुर्की के आदेश के बाद हुई पेशी
लंबे समय से विचाराधीन इस मुकदमे में सह-अभियुक्त परमेश्वर सिंह का पूर्व में ही निधन हो चुका है, जिसके बाद लालू प्रसाद यादव के विरुद्ध अकेले सुनवाई आगे बढ़ रही थी। अदालत द्वारा पूर्व में कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद जब राजद प्रमुख व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए, तो न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) और बाद में कुर्की-जब्ती की उद्घोषणा तक जारी कर दी थी।
हालांकि, लालू प्रसाद यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने उनकी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, गुर्दा प्रत्यारोपण और उम्र का हवाला देकर न्यायालय से कुर्की आदेश को स्थगित करने की गुहार लगाई थी। अदालत ने स्वास्थ्य संबंधी दलीलों को स्वीकार करते हुए कुर्की की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी और उन्हें निर्धारित तिथि पर सशरीर पेश होने का अंतिम निर्देश दिया था। शुक्रवार को अपने अधिवक्ता कामेश्वर तिवारी के साथ अदालत पहुंचे राजद प्रमुख ने कानून के प्रति सम्मान जताते हुए आरोप गठन की प्रक्रिया में भाग लिया।
एक दिन पूर्व ही सीवान पहुंचे थे राजद प्रमुख, हुआ था भव्य स्वागत
न्यायालय में पेशी से एक दिन पूर्व ही गुरुवार की शाम लालू प्रसाद यादव भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीवान पहुंच गए थे। राजधानी पटना से सीवान आने के क्रम में रास्ते भर विभिन्न जिलों और कस्बों में राजद नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
सीवान आगमन के बाद उन्होंने पचरूखी स्थित एक निजी होटल में रात्रि विश्राम किया। इस दौरान उनके साथ बिहार विधान परिषद सदस्य विनोद जायसवाल, पूर्व विधायक भोला यादव सहित कई प्रमुख राजनीतिक सहयोगी मौजूद रहे। पचरूखी में उनके ठहरने के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी, रघुनाथपुर विधायक ओसामा साहब, पूर्व विधायक हरिशंकर यादव, राजद नेता अनवारुल हक, जिला प्रवक्ता उमेश कुमार, अरुण गुप्ता, हरेंद्र सिंह पटेल, विक्रांत सिंह, ललन यादव और रविंद्र राय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय पदाधिकारियों ने उनसे शिष्टाचार मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
कानूनी प्रक्रिया के साथ सियासी समीकरणों पर भी चर्चा
अदालत में मात्र पांच मिनट चली सुनवाई के बाद लालू प्रसाद यादव अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। कानूनी जानकारों के मुताबिक, आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इस मामले में साक्ष्यों और गवाहों के बयान दर्ज करने का अगला चरण शुरू होगा।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय बाद लालू प्रसाद यादव का सीवान दौरा केवल एक अदालती पेशी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए उन्होंने जिले के नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं में नए सिरे से चुनावी व सांगठनिक ऊर्जा भरने का काम भी किया है।
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पतरघट: विशनपुर व पहाड़पुर पहुंचे मंत्री Ratnesh Sada, परिजनों को बंधाया ढांढ़स
पतरघट (सहरसा): बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री सह स्थानीय विधायक Ratnesh Sada ने गुरुवार की देर शाम पतरघट प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों का दौरा किया। इस दौरान वे क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में पहुंचे और हाल ही में अपने परिजनों को खोने वाले शोक संतप्त परिवारों से मिलकर गहरी संवेदना प्रकट की।
राजनीतिक व सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बने इस Ratnesh Sada Patarghat Visit के दौरान मंत्री ने पीड़ित परिजनों से आत्मीय संवाद स्थापित कर इस असहनीय दुःख की घड़ी में उन्हें धैर्य, संबल और साहस बनाए रखने के लिए ढांढ़स बंधाया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की चिर शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और पीड़ित परिवारों को हर संभव सामाजिक व नैतिक सहयोग का भरोसा दिलाया।
पहाड़पुर में शिक्षक विजय कुमार यादव के घर पहुंचे मंत्री Ratnesh Sada
आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा अपने दौरे के पहले चरण में पतरघट प्रखंड अंतर्गत पहाड़पुर गांव पहुंचे। वहां उन्होंने स्थानीय शिक्षक विजय कुमार यादव के आवास पर जाकर उनकी पूज्य माताजी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
मंत्री ने शोकाकुल परिजनों के साथ बैठकर उनका दुख साझा किया और कहा कि मां का साया सिर से उठना किसी भी संतान के जीवन की सबसे बड़ी और अपूरणीय क्षति होती है। सांसारिक जीवन में इस शून्य को कभी भरा नहीं जा सकता, किंतु ईश्वर की मर्जी के आगे सभी विवश हैं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से बातचीत करते हुए कहा कि पूरा समाज इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है।
विशनपुर में समाजसेवी हीरा प्रसाद सिंह को दी श्रद्धांजलि
पहाड़पुर के उपरांत मंत्री रत्नेश सादा विशनपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने क्षेत्र के जाने-माने व प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक तथा प्रख्यात समाजसेवी हीरा प्रसाद सिंह के असामयिक निधन पर उनके परिजनों से मुलाकात की।
मंत्री ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हीरा बाबू ने अपने लंबे शैक्षणिक व सामाजिक जीवन में सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा था। उनका शांत, सरल और परोपकारी स्वभाव पूरे इलाके के लिए एक मिसाल था। ऐसे पुण्यात्मा का जाना केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र के शैक्षणिक व सामाजिक ताने-बाने के लिए एक बहुत बड़ा आघात है।
शिक्षा और समाज के उत्थान में दिया योगदान सदैव रहेगा स्मरणीय: Ratnesh Sada
शोक संतप्त परिजनों से चर्चा करते हुए मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि समाज के प्रबुद्ध शिक्षकों, विचारकों और कर्मठ कार्यकर्ताओं द्वारा शिक्षा व जनसेवा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य हमेशा अमर रहते हैं।
उन्होंने रेखांकित किया कि भौतिक शरीर भले ही नश्वर हो, लेकिन एक शिक्षक द्वारा दिए गए नैतिक संस्कार और समाजसेवी द्वारा किए गए लोककल्याणकारी कार्य पीढ़ियों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हीरा प्रसाद सिंह जैसे व्यक्तित्व का जीवन सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी दी भावभीनी श्रद्धांजलि
मंत्री के इस सांत्वना दौरे के दौरान जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कई प्रमुख पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उनके साथ उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगतों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
इस अवसर पर जिला जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शमशाद आलम, जदयू जिला उपाध्यक्ष सह पूर्व जिला पार्षद अंजनी कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार साह, पंकज कुमार सिंह, अभिषेक प्रताप सिंह, शैलेंद्र सादा, विकास कुमार, जयकांत यादव, संजय कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह, शिवू सादा, राकेश कुमार, राजीव कुमार सिंह, संगम सिंह और सक्षम सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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Supaul: अमहा पंचायत में गोबर गैस प्लांट जल्द होगा चालू, स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
Supaul: ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन से निकलने वाले गोबर और जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन तथा स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देने की दिशा में सुपौल जिले में बड़ी पहल हुई है।
सदर प्रखंड अंतर्गत अमहा पंचायत में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत स्थापित बायोगैस संयंत्र को पुनः क्रियाशील बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस Supaul Gobardhan Bio Gas Plant को समयबद्ध रूप से चालू कराने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त (डीडीसी) इन्द्रवीर कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी और स्थानीय अधिकारियों को सभी तकनीकी बाधाओं को दूर करते हुए प्लांट का नियमित संचालन तत्काल शुरू कराने का सख्त निर्देश दिया है।
जैविक कचरे का सही उपयोग और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की पहल
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान और केंद्र सरकार की गोबरधन योजना के समन्वय से गांवों में अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में यह संयंत्र मील का पत्थर साबित होने वाला है। अमहा पंचायत में स्थापित इस प्लांट के चालू होने से पशुपालकों के घरों से निकलने वाले गोबर का समुचित निस्तारण संभव हो सकेगा।
बायोगैस के उत्पादन से न केवल गांवों को धुआंमुक्त और स्वच्छ ऊर्जा का सुलभ विकल्प मिलेगा, बल्कि प्लांट से निकलने वाली स्लरी (अवशेष) का उपयोग किसान उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में अपने खेतों में कर सकेंगे। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और रासायनिक उर्वरकों पर ग्रामीणों की निर्भरता कम होगी।
Supaul: डीडीसी ने लिया जायजा, तकनीकी एजेंसी को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार ने प्लांट के डाइजेस्टर, गैस पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और अन्य तकनीकी ढांचों की मौजूदा स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद निर्माण एजेंसी ‘निदान’ के प्रतिनिधि विशाल कुमार से परियोजना के लंबित कार्यों और संचालन की रूपरेखा पर बिंदुवार चर्चा की।
एजेंसी के प्रतिनिधि ने डीडीसी को आश्वस्त किया कि शेष आवश्यक तकनीकी सुधारों को पूरा कर जल्द से जल्द प्लांट को क्रियाशील कर दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर समन्वय और तकनीकी सहयोग की मांग की, जिस पर डीडीसी ने पूर्ण प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया।
स्थानीय कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण, सीएलएफ जुटाएगा कच्चा माल
संयंत्र को शुरू करने के बाद उसके टिकाऊ और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। डीडीसी ने एजेंसी को निर्देश दिया कि प्लांट के दैनिक रखरखाव और संचालन के लिए स्थानीय युवकों और कर्मियों को व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि भविष्य में किसी खराबी की स्थिति में तुरंत स्थानीय स्तर पर समाधान हो सके।
वहीं, प्लांट को नियमित रूप से चलाने के लिए कच्चे माल यानी गोबर की पर्याप्त आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके लिए संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) के सदस्यों को प्रतिदिन आवश्यकतानुसार गोबर एकत्रित कर प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पशुपालकों को भी अतिरिक्त आय का जरिया मिल सकेगा।
जीविका को सौंपी गई निगरानी की कमान, जिला कार्यालय को जाएगी रिपोर्ट
योजना की पारदर्शिता और नियमित प्रगति के लिए डीडीसी ने जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) को निदान एजेंसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लांट के संचालन और प्रगति का साप्ताहिक प्रतिवेदन जिला स्वच्छता कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजा जाए।
निरीक्षण के दौरान डीआरडीए निदेशक आशुतोष कुमार, जिला समन्वयक सोनम कुमारी, जीविका बीपीएम, प्रखंड समन्वयक, एजेंसी प्रतिनिधि विशाल कुमार और सीएलएफ की महिला सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। प्रशासन के इस सक्रिय कदम से अमहा और आसपास के ग्रामीणों में स्वच्छ ऊर्जा मिलने की उम्मीद जग गई है।
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Murliganj: सरकारी रेन बसेरा से हटा कब्जा, जीर्णोद्धार का रास्ता साफ
मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले अंतर्गत Murliganj प्रखंड में सार्वजनिक व सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में स्थानीय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
मुरलीगंज-बिहारीगंज मुख्य मार्ग (एसएच-91) के किनारे भेलाही वार्ड नंबर तीन में स्थित सरकारी रेन बसेरा भवन वर्षों से अवैध कब्जे और उपेक्षा का शिकार बना हुआ था। इस लंबे समय से उपेक्षित स्थल पर प्रशासन ने अचानक सख्त रुख अपनाते हुए बहुचर्चित Murliganj Rain Basera Encroachment पर त्वरित कार्रवाई की और समूचे भवन को अवैध कब्जेदारों से पूरी तरह मुक्त करा लिया। अंचलाधिकारी (सीओ) किसलय कुमार की मौजूदगी में पुलिस बल द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई से न केवल वर्षों पुराना अतिक्रमण हटा, बल्कि इस सरकारी भवन के आधुनिक जीर्णोद्धार और सार्वजनिक उपयोग की राह भी प्रशस्त हो गई है।
Murliganj News: वर्षों से निजी हित में हो रहा था सार्वजनिक भवन का इस्तेमाल
मुरलीगंज-बिहारीगंज स्टेट हाईवे (एसएच-91) पर भेलाही के समीप इस रेन बसेरा भवन का निर्माण वर्षों पूर्व एक अत्यंत लोककल्याणकारी उद्देश्य से किया गया था। इस परियोजना का मूल ध्येय यह था कि ठंड, बरसात या चिलचिलाती गर्मी के मौसम में लंबी दूरी तय करने वाले मुसाफिरों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और बेसहारा जरूरतमंदों को रात बिताने के लिए एक सुरक्षित व निःशुल्क आश्रय स्थल मिल सके।
दुर्भाग्यवश, निर्माण के कुछ समय बाद प्रशासनिक निगरानी के अभाव में यह परिसर धीरे-धीरे उपेक्षा की भेंट चढ़ गया। आसपास के कुछ प्रभावशाली और स्थानीय लोगों ने मौके का अनुचित लाभ उठाते हुए इस पर अपना निजी कब्जा जमा लिया। जिस भवन को बेघरों का सहारा बनना था, उसका इस्तेमाल निजी सामान रखने, मवेशी बांधने और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाने लगा।
Murliganj News: चेतावनी की अनदेखी करने पर प्रशासन ने उठाया सख्त कदम
स्थानीय अंचल प्रशासन द्वारा पूर्व में कई अवसरों पर अतिक्रमणकारियों को मौखिक और औपचारिक रूप से चेतावनी दी गई थी कि वे सरकारी भवन को स्वतः खाली कर दें। इसके बावजूद कब्जा जमाए बैठे लोगों ने प्रशासनिक निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया और भवन पर अनधिकृत कब्जा निरंतर बनाए रखा।
जब कई बार की समझाइश और नोटिस का कोई असर नहीं हुआ, तो अंचलाधिकारी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए पुलिस बल के साथ संयुक्त छापेमारी और बेदखली अभियान चलाने का ठोस निर्णय लिया। प्रशासन की इस योजनाबद्ध कार्रवाई ने अतिक्रमणकारियों के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
सीओ किसलय कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम, झटके में हटा कब्जा
गुरुवार को अंचलाधिकारी किसलय कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल के जवान और अंचल कर्मी भेलाही वार्ड संख्या तीन पहुंचे। प्रशासनिक अमले के कड़े तेवर और पुलिस जवानों की मुस्तैदी को देखते हुए अवैध कब्जाधारियों में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच भवन के भीतर से निजी सामान, अवरोधक और अन्य सामग्रियों को बाहर निकलवाकर परिसर को पूरी तरह खाली करा लिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की भारी भीड़ के सामने सीओ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी ने भी इस सरकारी भवन या इसके आसपास की जमीन पर पुनः कब्जा करने की जुर्रत की, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता और लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई व प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
जीर्णोद्धार का रास्ता साफ, जरूरतमंदों को मिलेगा सहारा
अंचलाधिकारी किसलय कुमार ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि भवन का कायाकल्प कर इसे आम नागरिकों की सेवा में समर्पित करना है। वर्षों से बंद और अतिक्रमित रहने के कारण भवन की छत, दीवारें, खिड़कियां और शौचालय जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं।
कब्जा हटने के बाद अब भवन निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसी द्वारा इसके व्यापक मरम्मत, रंग-रोगन, विद्युतीकरण, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था का काम जल्द शुरू किया जाएगा। जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद एसएच-91 से होकर गुजरने वाले सैकड़ों यात्रियों और स्थानीय निर्धन नागरिकों को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमापूर्ण रैन बसेरा उपलब्ध हो सकेगा।
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