Connect with us

Bihar

 Bihar Weather Update: प्री-मॉनसून की दस्तक: सीमांचल और पूर्वी बिहार में झमाझम बारिश

Published

on

Bihar Weather Update

 Bihar Weather Update: शनिवार सुबह से ही पूर्णिया, भागलपुर, सुपौल और कटिहार जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। इस अचानक हुई तेज बारिश से जहां एक तरफ तापमान में भारी गिरावट आई और मौसम सुहाना हो गया, वहीं दूसरी तरफ निचले इलाकों और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। पिछले कई दिनों से चल रही भीषण लू (Heatwave) अब पूरी तरह से गायब हो चुकी है।

वज्रपात और आंधी से कई जिलों में बुनियादी सुविधाएं ठप:  Bihar Weather Update

तेज बारिश के साथ आए आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है:

  • मधुबनी: सुबह के समय ठनका गिरने से चकदह और रामपट्टी पावर सब स्टेशन की बिजली लगभग 7 घंटे तक गुल रही। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ गए और एलटी लाइन में खराबी आ गई, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ा।

  • बांका और सुपौल: बांका में सुबह तेज हवाओं के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण बिजली व्यवस्था ठप हो गई। कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हुआ। सुपौल के जिला मुख्यालय सहित त्रिवेणीगंज, छातापुर और निर्मली जैसे इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग का आगामी अलर्ट, जानिए आपके जिले का हाल:  Bihar Weather Update

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बिहार के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। इसके लिए बाकायदा अलर्ट जारी किया गया है।

7 और 8 जून: पटना समेत 27 जिलों में येलो अलर्ट

रविवार और सोमवार को राजधानी पटना, गयाजी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सुपौल, किशनगंज, पूर्णिया, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा और समस्तीपुर समेत 27 जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है। इन इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश और वज्रपात को लेकर ‘यलो अलर्ट’ जारी कर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।

9 और 10 जून: उत्तर बिहार में भारी बारिश की चेतावनी

अगले सप्ताह के मध्य में उत्तर बिहार के जिलों में बारिश की रफ्तार और तेज होगी:

  • 9 जून: सीतामढ़ी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है।

  • 10 जून: पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल जिलों में भारी बरसात का अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण बिहार में भी इस दौरान आंधी-पानी का दौर जारी रहेगा।

बिहार में मॉनसून की एंट्री, इस बार 3-4 दिन की देरी:  Bihar Weather Update

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल मुख्य मॉनसून बिहार में अपनी सामान्य तारीख से थोड़ा लेट पहुंचेगा। आमतौर पर बिहार में मॉनसून 12 से 13 जून के आसपास आ जाता है, लेकिन इस बार इसके 15 से 16 जून के बीच सूबे में प्रवेश करने की संभावना है। यह मॉनसून हमेशा की तरह सीमांचल (पूर्णिया/किशनगंज) के रास्ते बिहार में एंट्री लेगा और फिर धीरे-धीरे बाकी जिलों में आगे बढ़ेगा। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल मॉनसून सीजन में बिहार में सामान्य से थोड़ी कम औसत बारिश हो सकती है, लेकिन उससे पहले हो रही यह प्री-मॉनसून बारिश खेती और आम लोगों के लिए राहत लेकर आई है।

ये भी पढ़े: Supaul News: गरीबी का क्रूर चेहरा, मौत के बाद भी नसीब नहीं हुआ घर का आंगन

Bihar

पतरघट: विशनपुर व पहाड़पुर पहुंचे मंत्री Ratnesh Sada, परिजनों को बंधाया ढांढ़स

Published

on

पतरघट: विशनपुर व पहाड़पुर पहुंचे मंत्री Ratnesh Sada, परिजनों को बंधाया ढांढ़स

पतरघट (सहरसा): बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री सह स्थानीय विधायक Ratnesh Sada ने गुरुवार की देर शाम पतरघट प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों का दौरा किया। इस दौरान वे क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में पहुंचे और हाल ही में अपने परिजनों को खोने वाले शोक संतप्त परिवारों से मिलकर गहरी संवेदना प्रकट की।

राजनीतिक व सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बने इस Ratnesh Sada Patarghat Visit के दौरान मंत्री ने पीड़ित परिजनों से आत्मीय संवाद स्थापित कर इस असहनीय दुःख की घड़ी में उन्हें धैर्य, संबल और साहस बनाए रखने के लिए ढांढ़स बंधाया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की चिर शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और पीड़ित परिवारों को हर संभव सामाजिक व नैतिक सहयोग का भरोसा दिलाया।

पहाड़पुर में शिक्षक विजय कुमार यादव के घर पहुंचे मंत्री Ratnesh Sada

आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा अपने दौरे के पहले चरण में पतरघट प्रखंड अंतर्गत पहाड़पुर गांव पहुंचे। वहां उन्होंने स्थानीय शिक्षक विजय कुमार यादव के आवास पर जाकर उनकी पूज्य माताजी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।

मंत्री ने शोकाकुल परिजनों के साथ बैठकर उनका दुख साझा किया और कहा कि मां का साया सिर से उठना किसी भी संतान के जीवन की सबसे बड़ी और अपूरणीय क्षति होती है। सांसारिक जीवन में इस शून्य को कभी भरा नहीं जा सकता, किंतु ईश्वर की मर्जी के आगे सभी विवश हैं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से बातचीत करते हुए कहा कि पूरा समाज इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है।

विशनपुर में समाजसेवी हीरा प्रसाद सिंह को दी श्रद्धांजलि

पहाड़पुर के उपरांत मंत्री रत्नेश सादा विशनपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने क्षेत्र के जाने-माने व प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक तथा प्रख्यात समाजसेवी हीरा प्रसाद सिंह के असामयिक निधन पर उनके परिजनों से मुलाकात की।

मंत्री ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हीरा बाबू ने अपने लंबे शैक्षणिक व सामाजिक जीवन में सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा था। उनका शांत, सरल और परोपकारी स्वभाव पूरे इलाके के लिए एक मिसाल था। ऐसे पुण्यात्मा का जाना केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र के शैक्षणिक व सामाजिक ताने-बाने के लिए एक बहुत बड़ा आघात है।

शिक्षा और समाज के उत्थान में दिया योगदान सदैव रहेगा स्मरणीय: Ratnesh Sada

शोक संतप्त परिजनों से चर्चा करते हुए मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि समाज के प्रबुद्ध शिक्षकों, विचारकों और कर्मठ कार्यकर्ताओं द्वारा शिक्षा व जनसेवा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य हमेशा अमर रहते हैं।

उन्होंने रेखांकित किया कि भौतिक शरीर भले ही नश्वर हो, लेकिन एक शिक्षक द्वारा दिए गए नैतिक संस्कार और समाजसेवी द्वारा किए गए लोककल्याणकारी कार्य पीढ़ियों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हीरा प्रसाद सिंह जैसे व्यक्तित्व का जीवन सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मंत्री के इस सांत्वना दौरे के दौरान जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कई प्रमुख पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उनके साथ उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगतों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

इस अवसर पर जिला जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शमशाद आलम, जदयू जिला उपाध्यक्ष सह पूर्व जिला पार्षद अंजनी कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार साह, पंकज कुमार सिंह, अभिषेक प्रताप सिंह, शैलेंद्र सादा, विकास कुमार, जयकांत यादव, संजय कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह, शिवू सादा, राकेश कुमार, राजीव कुमार सिंह, संगम सिंह और सक्षम सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

यह भी पढ़े: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले झारखंड चैंबर के पदाधिकारी

 

यह भी पढ़े: Saharsa: चैनपुर का ऐतिहासिक मां काली मंदिर, जहां पूरी होती है हर मनोकामना

 

Continue Reading

Bihar

Supaul: अमहा पंचायत में गोबर गैस प्लांट जल्द होगा चालू, स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा

Published

on

Supaul: अमहा पंचायत में गोबर गैस प्लांट जल्द होगा चालू, स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा

Supaul: ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन से निकलने वाले गोबर और जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन तथा स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देने की दिशा में सुपौल जिले में बड़ी पहल हुई है।

सदर प्रखंड अंतर्गत अमहा पंचायत में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत स्थापित बायोगैस संयंत्र को पुनः क्रियाशील बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस Supaul Gobardhan Bio Gas Plant को समयबद्ध रूप से चालू कराने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त (डीडीसी) इन्द्रवीर कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी और स्थानीय अधिकारियों को सभी तकनीकी बाधाओं को दूर करते हुए प्लांट का नियमित संचालन तत्काल शुरू कराने का सख्त निर्देश दिया है।

जैविक कचरे का सही उपयोग और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की पहल

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान और केंद्र सरकार की गोबरधन योजना के समन्वय से गांवों में अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में यह संयंत्र मील का पत्थर साबित होने वाला है। अमहा पंचायत में स्थापित इस प्लांट के चालू होने से पशुपालकों के घरों से निकलने वाले गोबर का समुचित निस्तारण संभव हो सकेगा।

बायोगैस के उत्पादन से न केवल गांवों को धुआंमुक्त और स्वच्छ ऊर्जा का सुलभ विकल्प मिलेगा, बल्कि प्लांट से निकलने वाली स्लरी (अवशेष) का उपयोग किसान उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में अपने खेतों में कर सकेंगे। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और रासायनिक उर्वरकों पर ग्रामीणों की निर्भरता कम होगी।

Supaul: डीडीसी ने लिया जायजा, तकनीकी एजेंसी को दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार ने प्लांट के डाइजेस्टर, गैस पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और अन्य तकनीकी ढांचों की मौजूदा स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद निर्माण एजेंसी ‘निदान’ के प्रतिनिधि विशाल कुमार से परियोजना के लंबित कार्यों और संचालन की रूपरेखा पर बिंदुवार चर्चा की।

एजेंसी के प्रतिनिधि ने डीडीसी को आश्वस्त किया कि शेष आवश्यक तकनीकी सुधारों को पूरा कर जल्द से जल्द प्लांट को क्रियाशील कर दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर समन्वय और तकनीकी सहयोग की मांग की, जिस पर डीडीसी ने पूर्ण प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया।

स्थानीय कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण, सीएलएफ जुटाएगा कच्चा माल

संयंत्र को शुरू करने के बाद उसके टिकाऊ और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। डीडीसी ने एजेंसी को निर्देश दिया कि प्लांट के दैनिक रखरखाव और संचालन के लिए स्थानीय युवकों और कर्मियों को व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि भविष्य में किसी खराबी की स्थिति में तुरंत स्थानीय स्तर पर समाधान हो सके।

वहीं, प्लांट को नियमित रूप से चलाने के लिए कच्चे माल यानी गोबर की पर्याप्त आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके लिए संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) के सदस्यों को प्रतिदिन आवश्यकतानुसार गोबर एकत्रित कर प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पशुपालकों को भी अतिरिक्त आय का जरिया मिल सकेगा।

जीविका को सौंपी गई निगरानी की कमान, जिला कार्यालय को जाएगी रिपोर्ट

योजना की पारदर्शिता और नियमित प्रगति के लिए डीडीसी ने जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) को निदान एजेंसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लांट के संचालन और प्रगति का साप्ताहिक प्रतिवेदन जिला स्वच्छता कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजा जाए।

निरीक्षण के दौरान डीआरडीए निदेशक आशुतोष कुमार, जिला समन्वयक सोनम कुमारी, जीविका बीपीएम, प्रखंड समन्वयक, एजेंसी प्रतिनिधि विशाल कुमार और सीएलएफ की महिला सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। प्रशासन के इस सक्रिय कदम से अमहा और आसपास के ग्रामीणों में स्वच्छ ऊर्जा मिलने की उम्मीद जग गई है।

यह भी पढ़े: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले झारखंड चैंबर के पदाधिकारी

 

यह भी पढ़े: Saharsa: चैनपुर का ऐतिहासिक मां काली मंदिर, जहां पूरी होती है हर मनोकामना

Continue Reading

Bihar

Murliganj: सरकारी रेन बसेरा से हटा कब्जा, जीर्णोद्धार का रास्ता साफ

Published

on

Murliganj: सरकारी रेन बसेरा से हटा कब्जा, जीर्णोद्धार का रास्ता साफ

मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले अंतर्गत Murliganj प्रखंड में सार्वजनिक व सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में स्थानीय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

मुरलीगंज-बिहारीगंज मुख्य मार्ग (एसएच-91) के किनारे भेलाही वार्ड नंबर तीन में स्थित सरकारी रेन बसेरा भवन वर्षों से अवैध कब्जे और उपेक्षा का शिकार बना हुआ था। इस लंबे समय से उपेक्षित स्थल पर प्रशासन ने अचानक सख्त रुख अपनाते हुए बहुचर्चित Murliganj Rain Basera Encroachment पर त्वरित कार्रवाई की और समूचे भवन को अवैध कब्जेदारों से पूरी तरह मुक्त करा लिया। अंचलाधिकारी (सीओ) किसलय कुमार की मौजूदगी में पुलिस बल द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई से न केवल वर्षों पुराना अतिक्रमण हटा, बल्कि इस सरकारी भवन के आधुनिक जीर्णोद्धार और सार्वजनिक उपयोग की राह भी प्रशस्त हो गई है।

Murliganj News: वर्षों से निजी हित में हो रहा था सार्वजनिक भवन का इस्तेमाल

मुरलीगंज-बिहारीगंज स्टेट हाईवे (एसएच-91) पर भेलाही के समीप इस रेन बसेरा भवन का निर्माण वर्षों पूर्व एक अत्यंत लोककल्याणकारी उद्देश्य से किया गया था। इस परियोजना का मूल ध्येय यह था कि ठंड, बरसात या चिलचिलाती गर्मी के मौसम में लंबी दूरी तय करने वाले मुसाफिरों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और बेसहारा जरूरतमंदों को रात बिताने के लिए एक सुरक्षित व निःशुल्क आश्रय स्थल मिल सके।

दुर्भाग्यवश, निर्माण के कुछ समय बाद प्रशासनिक निगरानी के अभाव में यह परिसर धीरे-धीरे उपेक्षा की भेंट चढ़ गया। आसपास के कुछ प्रभावशाली और स्थानीय लोगों ने मौके का अनुचित लाभ उठाते हुए इस पर अपना निजी कब्जा जमा लिया। जिस भवन को बेघरों का सहारा बनना था, उसका इस्तेमाल निजी सामान रखने, मवेशी बांधने और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाने लगा।

Murliganj News: चेतावनी की अनदेखी करने पर प्रशासन ने उठाया सख्त कदम

स्थानीय अंचल प्रशासन द्वारा पूर्व में कई अवसरों पर अतिक्रमणकारियों को मौखिक और औपचारिक रूप से चेतावनी दी गई थी कि वे सरकारी भवन को स्वतः खाली कर दें। इसके बावजूद कब्जा जमाए बैठे लोगों ने प्रशासनिक निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया और भवन पर अनधिकृत कब्जा निरंतर बनाए रखा।

जब कई बार की समझाइश और नोटिस का कोई असर नहीं हुआ, तो अंचलाधिकारी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए पुलिस बल के साथ संयुक्त छापेमारी और बेदखली अभियान चलाने का ठोस निर्णय लिया। प्रशासन की इस योजनाबद्ध कार्रवाई ने अतिक्रमणकारियों के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।

सीओ किसलय कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम, झटके में हटा कब्जा

गुरुवार को अंचलाधिकारी किसलय कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल के जवान और अंचल कर्मी भेलाही वार्ड संख्या तीन पहुंचे। प्रशासनिक अमले के कड़े तेवर और पुलिस जवानों की मुस्तैदी को देखते हुए अवैध कब्जाधारियों में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच भवन के भीतर से निजी सामान, अवरोधक और अन्य सामग्रियों को बाहर निकलवाकर परिसर को पूरी तरह खाली करा लिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की भारी भीड़ के सामने सीओ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी ने भी इस सरकारी भवन या इसके आसपास की जमीन पर पुनः कब्जा करने की जुर्रत की, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता और लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई व प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

जीर्णोद्धार का रास्ता साफ, जरूरतमंदों को मिलेगा सहारा

अंचलाधिकारी किसलय कुमार ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि भवन का कायाकल्प कर इसे आम नागरिकों की सेवा में समर्पित करना है। वर्षों से बंद और अतिक्रमित रहने के कारण भवन की छत, दीवारें, खिड़कियां और शौचालय जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं।

कब्जा हटने के बाद अब भवन निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसी द्वारा इसके व्यापक मरम्मत, रंग-रोगन, विद्युतीकरण, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था का काम जल्द शुरू किया जाएगा। जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद एसएच-91 से होकर गुजरने वाले सैकड़ों यात्रियों और स्थानीय निर्धन नागरिकों को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमापूर्ण रैन बसेरा उपलब्ध हो सकेगा।

यह भी पढ़े: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले झारखंड चैंबर के पदाधिकारी

 

यह भी पढ़े: Saharsa: चैनपुर का ऐतिहासिक मां काली मंदिर, जहां पूरी होती है हर मनोकामना

Continue Reading

Trending

© Copyright 2026, All Rights Reserved | Koshi Samachar