Connect with us

Bihar

Bihar News: बिहार में मखाना क्रांति: अब 16 जिलों के किसानों को मिलेगा 75% अनुदान, वैश्विक सुपरफूड बनने की राह पर

Published

on

Bihar News

Bihar News: बिहार की पारंपरिक और गौरवशाली फसल ‘मखाना’ अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में धूम मचाने के बाद राज्य के भीतर नए क्षेत्रों में पैर पसार रही है। नीतिगत बदलावों और किसानों के उत्साह को देखते हुए बिहार सरकार ने मखाना विकास योजना का बड़ा विस्तार किया है। अब राज्य के 16 जिलों में मखाना की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां किसानों को सरकार की तरफ से 75 प्रतिशत तक का भारी अनुदान (subsidy) मिलेगा।

दायरा बढ़ा: अब इन 16 जिलों के किसान उठा सकेंगे लाभ: Bihar News

पहले यह महत्वाकांक्षी योजना केवल 10 जिलों तक ही सीमित थी। लेकिन मखाना की बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए इस वर्ष इसमें 6 नए जिलों को जोड़ा गया है। अब लाभ पाने वाले जिलों की सूची इस प्रकार है:

  • पुराने जिले: दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और खगड़िया।

  • नए शामिल जिले: समस्तीपुर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण।

वर्तमान में बिहार में लगभग 40 हजार हेक्टेयर भूमि पर मखाना उगाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस क्षेत्रफल को कई गुना बढ़ाना है।

अगले दो वर्षों में 17 करोड़ रुपये होंगे खर्च: Bihar News

मखाना क्षेत्र के इस विस्तार को धरातल पर उतारने के लिए बिहार सरकार अगले दो वर्षों में करीब 17 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इस बजट का सीधा लाभ उन किसानों को मिलेगा जो पारंपरिक फसलों (जैसे धान) को छोड़कर मखाना उत्पादन की ओर रुख कर रहे हैं। दरभंगा और आस-पास के कई गांवों में यह बदलाव देखा जा रहा है, जिससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

वैज्ञानिक संतुलन और पर्यावरण की चुनौतियां: Bihar News

मखाना के इस तेजी से होते विस्तार के बीच विशेषज्ञों ने पर्यावरण और जल-स्रोतों के संतुलन को लेकर आगाह भी किया है। उत्तर बिहार में घटते जलस्तर और सूखते तालाबों ने चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार का कहना है “मखाना का क्षेत्र विस्तार बिहार के लिए एक स्वर्णिम अवसर है, लेकिन इसे प्रकृति की सीमाओं को समझते हुए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना होगा। यदि हम बिना भू-जल के अत्यधिक दोहन के, उपलब्ध जल संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग करें, तो मखाना के रकबे को 40 हजार से बढ़ाकर 4 लाख हेक्टेयर तक ले जाया जा सकता है।”

वैल्यू एडिशन से थमेगा पलायन, बढ़ेगा रोजगार

विशेषज्ञों के अनुसार, मखाना का असली आर्थिक लाभ तब मिलेगा जब इसका अधिकतम प्रसंस्करण (processing) और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) बिहार के भीतर ही किया जाए।

  • स्थानीय रोजगार: मखाना उद्योग से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार मिलेगा।

  • उद्यमिता का विकास: मखाने से जुड़े नए स्टार्टअप और प्रोसेसिंग यूनिट्स खुलने से ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

  • पलायन पर रोक: स्थानीय स्तर पर बेहतर कमाई के साधन उपलब्ध होने से बिहार से होने वाले पलायन में भारी कमी आएगी।

पौष्टिकता और औषधीय गुणों से भरपूर मिथिलांचल का यह मखाना केवल एक फसल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बिहार की समृद्ध अर्थव्यवस्था की नई रीढ़ बनने की ओर अग्रसर है।

ये भी पढ़े: Madhepura News: मधेपुरा में हरी मिर्च की खेती, मुनाफे की मिठास अब बनी घाटे की कड़वाहट

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Bihar

Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर JDU की प्रतिक्रिया: अंजुम आरा बोलीं—’यह फैसला विपक्ष के आगे झुकना नहीं, छात्रों का सम्मान है’

Published

on

Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर JDU की प्रतिक्रिया

पटना। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख घटक दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है.

पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता अंजुम आरा ने सरकार के इस कदम का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों को प्राथमिकता देती है, और यह निर्णय उसी सोच का हिस्सा है.

Dharmendra Pradhan Resignation: राजनीतिक दबाव का आरोप खारिज

विपक्ष के उन दावों को सिरे से खारिज करते हुए, जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार ने दबाव में आकर यह कदम उठाया है, जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह किसी राजनीतिक दबाव का नतीजा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने और विद्यार्थियों के सम्मान को प्राथमिकता देने का फैसला है.

यह भी पढ़े: पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक को CM हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर जताई संवेदना

Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पत्र का जिक्र और कार्यशैली की तारीफ

अंजुम आरा ने धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पत्र में अपनी भावनाएं और छात्रों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र में पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया है, जिसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाना चाहिए.

युवाओं के प्रति एनडीए सरकार प्रतिबद्ध

पार्टी की ओर से कहा गया कि एनडीए सरकार पहले भी देश के युवाओं और छात्रों के हित में बड़े फैसले लेती रही है और आगे भी इसी तरह उनके कल्याण के लिए तत्पर रहेगी.

यह भी पढ़े: Darbhanga में पिपिंग समारोह: 22 एएसआई बने सब इंस्पेक्टर, एसएसपी ने लगाए स्टार

 

Continue Reading

Bihar

NEET पेपर लीक: सुपौल में भीम आर्मी का जोरदार प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और CBI जांच की मांग

Published

on

NEET पेपर लीक

Supaul। नीट (NEET) पेपर लीक मामले और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सुपौल में भी युवाओं और सामाजिक संगठनों का गुस्सा देखने को मिला.

शनिवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन की जिला इकाई ने डिग्री कॉलेज चौक के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया. जिलाध्यक्ष संतोष कुमार पासवान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई.

NEET पेपर लीक: समाहरणालय मार्च: गेट पर रोका गया, DM को सौंपा ज्ञापन

धरना प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता समाहरणालय का घेराव करने के लिए मार्च निकालते हुए आगे बढ़े. सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को समाहरणालय के मुख्य गेट पर ही रोक लिया. इसके बाद जिलाधिकारी (DM) सावन कुमार खुद मौके पर पहुंचे और भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया.

यह भी पढ़े: पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक को CM हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर जताई संवेदना

NEET पेपर लीक: भीम आर्मी की प्रमुख मांगें

ज्ञापन के माध्यम से भीम आर्मी ने प्रशासन और सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखीं:

  • NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए.

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें.

  • दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की जांच हो तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं.

  • प्रभावित परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए.

प्रशासन मुस्तैद, एसडीएम और एसडीपीओ ने रखी नजर

प्रदर्शन के दौरान शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुपौल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा. एसडीएम मनोहर कुमार साह और एसडीपीओ राजीव रंजन ने खुद शहर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. जिलाधिकारी सावन कुमार ने ज्ञापन को राष्ट्रपति कार्यालय भेजने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया.

यह भी पढ़े: Darbhanga में पिपिंग समारोह: 22 एएसआई बने सब इंस्पेक्टर, एसएसपी ने लगाए स्टार

Continue Reading

Bihar

Saharsa के मटेश्वर धाम में श्रावणी मेला की तैयारी तेज: DM-SP ने लिया जायजा, बोले—श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

Published

on

Saharsa के मटेश्वर धाम में श्रावणी मेला की तैयारी तेज

Saharsa। आगामी श्रावणी मेला 2026 को लेकर सहरसा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. लाखों श्रद्धालुओं के सुगम जलार्पण और आगमन को ध्यान में रखते हुए सिमरी बख्तियारपुर स्थित प्रसिद्ध मटेश्वर धाम में तैयारियां अंतिम चरण में हैं.

शनिवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंहाग ने संयुक्त रूप से मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया तथा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

Saharsa News: श्रद्धालुओं को सुविधाएं और सुगम दर्शन दिलाना लक्ष्य

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मटेश्वर धाम आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू दर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का आदेश दिया.

यह भी पढ़े: पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक को CM हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर जताई संवेदना

Saharsa News: पेयजल, सफाई और चेंजिंग रूम की होगी समुचित व्यवस्था

मेला क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए PHED को पर्याप्त पानी के टैंकर और चापाकल लगाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही:

  • शौचालय व सफाई: स्थायी और पर्याप्त अस्थायी शौचालयों का निर्माण होगा तथा नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर द्वारा नियमित सफाई के लिए विशेष स्वच्छता कर्मी तैनात किए जाएंगे.

  • महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम: मंदिर के निकट पोखर व अन्य चिन्हित स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे.

  • रोशनी का प्रबंध: निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ पर्याप्त संख्या में जेनरेटर और सोलर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होगी.

Saharsa News: 24 घंटे CCTV निगरानी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था

सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा. महत्वपूर्ण स्थलों पर दंडाधिकारियों (Magistrates) के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी.

मेडिकल कैंप, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक प्लान तैयार

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सिविल सर्जन को मेडिकल टीम, जीवनरक्षक दवाओं और एम्बुलेंस के साथ 24 घंटे स्वास्थ्य शिविर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, NH से मटेश्वर धाम तक बेहतर यातायात व्यवस्था, मजबूत बैरिकेडिंग और वाहनों के लिए पार्किंग स्थल बनाए जा रहे हैं.

बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत कुमार, नगर आयुक्त प्रभात झा समेत मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

यह भी पढ़े: Darbhanga में पिपिंग समारोह: 22 एएसआई बने सब इंस्पेक्टर, एसएसपी ने लगाए स्टार

 

Continue Reading
Advertisement

Trending

© Copyright 2026, All Rights Reserved | Koshi Samachar