Bihar
Bihar Census 2027: प्रगणकों-पर्यवेक्षकों के मानदेय के लिए 214.85 करोड़ स्वीकृत
पटना। बिहार में भारत की जनगणना-2027 (Bihar Census 2027) के पहले चरण का काम सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इसके साथ ही, इस ऐतिहासिक कार्य में जुटे हजारों प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) को उनके मानदेय के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (जनगणना कोषांग) की विशेष सचिव इनायत खान की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य के सभी 38 जिलों और पटना नगर निगम के लिए कुल ₹2,14,85,88,000 (दो अरब चौदह करोड़ पचासी लाख अठासी हजार रुपये) की बड़ी राशि मंजूर की गई है।
Bihar Census 2027: PFMS के जरिए सीधे ट्रांसफर होगी राशि, DM को जिम्मेदारी
मानदेय वितरण की इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने डिजिटल माध्यम को चुना है। स्वीकृत की गई यह पूरी राशि पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के जरिए सीधे संबंधित जिलों और स्थानीय निकायों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
विभाग ने जिलों में इस राशि की निकासी और सही ढंग से वितरण की कमान आहरण एवं संवितरण पदाधिकारी (DDO) के तौर पर सीधे जिला पदाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी (DM) को सौंपी है। मानदेय का भुगतान तय नियमों के तहत पूरा करने के बाद सभी जिलाधिकारियों को एक तय समय सीमा के भीतर उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) विभाग के मुख्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
Bihar Census 2027: आवंटन में राजधानी पटना नंबर-1, मुजफ्फरपुर टॉप-3 में
इस भारी-भरकम बजट आवंटन में जनसंख्या और आकार के हिसाब से जिलों को राशि दी गई है, जिसमें राजधानी पटना पहले स्थान पर है।
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पटना जिला व नगर निगम: पटना जिले को सबसे अधिक ₹11.85 करोड़ से ज्यादा की राशि आवंटित की गई है। इसके अलावा, पटना नगर निगम क्षेत्र में काम करने वाले कर्मियों के लिए अलग से ₹3.14 करोड़ से अधिक का बजटीय प्रावधान किया गया है।
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मुजफ्फरपुर जिला: उत्तर बिहार का प्रमुख केंद्र मुजफ्फरपुर भी शीर्ष तीन जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। मुजफ्फरपुर के लिए कुल ₹9,54,27,000 की राशि आवंटित हुई है, जिसमें प्रगणकों के मानदेय के लिए ₹8,13,78,000 और पर्यवेक्षकों के लिए ₹1,40,49,000 की राशि शामिल है।
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Bihar
Koshi का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन हाई अलर्ट पर: मुख्य अभियंता ने किया पूर्वी तटबंध का औचक निरीक्षण
सहरसा। Koshi नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। बाढ़ नियंत्रण एवं जलनिस्सरण विभाग, वीरपुर (सुपौल) के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने गुरुवार को सलखुआ प्रखंड के अंतर्गत आने वाले पूर्वी कोसी तटबंध का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के बढ़ते दबाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ निरोधी (फ्लड फाइटिंग) तैयारियों की गहन समीक्षा की, जिसके बाद से विभागीय अधिकारियों में सक्रियता और अधिक बढ़ गई है।
Koshi: स्पर संख्या 116/70 और 117/15 का लिया जायजा
मुख्य अभियंता ने निरीक्षण के क्रम में पूर्वी कोसी तटबंध के संवेदनशील स्पर संख्या 116/70 और 117/15 का भौतिक जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नदी की तेज धारा के कारण बन रहे दबाव, संभावित कटाव के खतरों और मौके पर की गई फ्लड फाइटिंग व्यवस्था का बारीकी से मूल्यांकन किया। इस मौके पर उनके साथ कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार सहित विभाग के कई अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी उपस्थित रहे।
Koshi : चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश, लापरवाही पर मिलेगी सख्त सजा
मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने स्थल पर मौजूद अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि तटबंधों की सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण के कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश जारी किए कि:
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कोसी नदी के जलस्तर और उसके बदलते रुख पर चौबीसों घंटे लगातार पैनी नजर रखी जाए।
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जहां कहीं भी नदी द्वारा कटाव करने या तटबंध को क्षति पहुंचने की थोड़ी भी आशंका दिखे, वहां बिना समय गंवाए तत्काल फ्लड फाइटिंग का काम शुरू कर दिया जाए।
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हर संवेदनशील और अति-संवेदनशील बिंदु पर विशेष तौर पर अलर्ट रहकर निगरानी की जाए।
Koshi: फ्लड फाइटिंग सामग्री और मानवबल दुरुस्त रखने की हिदायत
आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मुख्य अभियंता ने सभी संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर बाढ़ सुरक्षात्मक सामग्रियों जैसे बालू की बोरियों, बोल्डर और अन्य जरूरी उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में बनाए रखने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए जरूरी संसाधनों और मानवबल (लेबर व तकनीकी स्टाफ) को हमेशा तैयार रखने का हुक्म दिया।
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Koshi में इस साल का सबसे बड़ा उफान: बराज के 24 फाटक खोले गए, तटबंधों पर हाई अलर्ट
सुपौल। नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण Koshi नदी इस मानसूनी सीजन के अपने सबसे रौद्र रूप में आ गई है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वीरपुर में कोसी बराज का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए इस साल के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
नदी के बढ़ते दबाव और खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने बराज के 24 फाटकों को खोल दिया है, जिससे सीमावर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है।
Koshi News: 1.88 लाख क्यूसेक के पार पहुंचा डिस्चार्ज, जली ‘लाल बत्ती’
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल स्थित कोसी के मुख्य जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र में मंगलवार को पानी का डिस्चार्ज 1,23,500 क्यूसेक से बढ़कर 1,26,200 क्यूसेक तक पहुंच गया। बराह क्षेत्र से आए इस पानी के दबाव के कारण कोसी बराज का जलस्तर दोपहर दो बजे तक रिकॉर्ड 1,88,210 क्यूसेक के पार चला गया। इसके साथ ही इस साल 22 जून को दर्ज किए गए सर्वाधिक जलस्तर का पिछला रिकॉर्ड भी टूट गया है।
नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से काफी ऊपर चले जाने के कारण बराज के पूर्वी छोर पर खतरे की सूचक ‘लाल बत्ती’ जला दी गई है और रेड फ्लेज (लाल झंडा) लगा दिया गया है, ताकि लोग संवेदनशील इलाकों से दूरी बना लें।
Koshi News: डीएम ने लिया सुरक्षात्मक तैयारियों का जायजा
नदी के आक्रामक तेवर को देखते हुए स्थानीय जिला पदाधिकारी (डीएम) ने प्रशासनिक टीम के साथ कोसी बराज और प्रभावित होने वाले तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने तटबंधों के भीतर बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है और अधिकारियों को चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। पूरे इलाके में प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सभी स्पर सुरक्षित, फ्लड फाइटिंग सामग्री के साथ टीमें तैयार
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि वर्तमान में नदी का बहाव तेज जरूर है, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सुरक्षित है। बराज की सुरक्षा के लिए बनाए गए सभी स्पर और मुख्य तटबंध पूरी तरह महफूज हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील और अति-संवेदनशील बिंदुओं पर बाढ़ रोधी (फ्लड फाइटिंग) सामग्री जैसे बालू के बोरे, बांस-बल्ले और कंक्रीट ब्लॉक पर्याप्त मात्रा में तैनात कर दिए गए हैं। मुख्य अभियंता और सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर लगातार बराज के कंट्रोल रूम से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
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Saharasa Crime: सूने घर का ताला तोड़ 14 लाख के जेवरात और नकदी पार
सहरसा। बिहार के सहरसा शहर में चोरों (Saharasa Crime) के हौसले बुलंद हैं। शहर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत शारदा नगर (वार्ड संख्या-38) में अज्ञात चोरों ने एक सूने घर को निशाना बनाते हुए करीब 14 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
इस बड़ी चोरी की वारदात के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
Saharasa Crime: तड़के तीन बजे मुख्य गेट का ताला तोड़कर घुसे चोर
पीड़ित गृहस्वामी राकेश सिन्हा (पिता स्वर्गीय अच्युतानंद सिन्हा) ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि घटना मंगलवार (14 जुलाई) की अहले सुबह करीब तीन बजे की है। चोरों ने सबसे पहले सूने घर के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और भीतर दाखिल हो गए। अंदर घुसने के बाद अपराधियों ने सीधे गोदरेज की अलमारी के लॉकर को निशाना बनाया और उसे कटर या किसी औजार से तोड़ दिया।
Saharasa Crime: लॉकर में रखे सोने-चांदी के कीमती आभूषण और 1.72 लाख कैश गायब
चोरों ने लॉकर खंगालकर उसमें रखे कीमती आभूषणों और नकदी को समेट लिया। चोरी गए सामान की सूची में शामिल हैं:
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सोने के आभूषण: मंगलसूत्र, मांग टीका, सोने की चेन, पुरुषों व महिलाओं की अंगूठियां, झुमका, नोज पिन, लॉकेट, सोने के सिक्के और सोने का पोला।
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चांदी के आभूषण: चांदी के सिक्के, कमरधनी और चांदी का छल्ला।
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नकद राशि: लॉकर के भीतर रखे ₹1.72 लाख कैश।
डायल 112 की टीम और सदर थाना पुलिस जांच में जुटी
गृहस्वामी को जब सुबह चोरी का पता चला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस सहायता नंबर ‘डायल 112’ पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही आपातकालीन पुलिस वाहन के साथ-साथ सदर थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और टूटे हुए लॉकर सहित अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सदर थाना पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने और स्थानीय लोगों से पूछताछ करने में जुटी है। पीड़ित परिवार ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और सामान की बरामदगी की गुहार लगाई है। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है।
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