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 PM Surya Ghar Yojana: बनमा ईटहरी में सोलर क्रांति की शुरुआत, 100 से अधिक परिवारों ने किया आवेदन

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 PM Surya Ghar Yojana: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट और महंगे बिल से राहत पाने के लिए सौर ऊर्जा एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है। सहरसा जिले के बनमा ईटहरी प्रखंड में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। प्रखंड क्षेत्र से अब तक 100 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक रुचि सरबेला और जमालनगर के ग्रामीणों ने दिखाई है।

लालपुर और सरबेला से होगी इंस्टॉलेशन की शुरुआत:  PM Surya Ghar Yojana

बिजली विभाग ने आवेदनों की जांच के बाद चयनित घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कनिष्ठ अभियंता नंदकिशोर कुमार की देखरेख में हुई समीक्षा बैठक के अनुसार:
  • शुरुआती चरण: योजना के तहत पहले चरण में लालपुर के नीरज कुमार और सरबेला के मो. सब्बर आलम के घर पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
  • विस्तार योजना: इन दोनों घरों में सफल इंस्टॉलेशन के बाद शेष आवेदकों के यहां क्रमबद्ध तरीके से एजेंसी द्वारा कार्य पूरा किया जाएगा।
  • जागरूकता में वृद्धि: सरबेला और जमालनगर से आए आवेदनों की संख्या दर्शाती है कि ग्रामीण उपभोक्ता स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के प्रति तेजी से जागरूक हो रहे हैं।

सोलर सिस्टम के विकल्प और अनुमानित लागत:  PM Surya Ghar Yojana

उपभोक्ताओं की सुविधा और जरूरत को ध्यान में रखते हुए विभाग ने दो मुख्य प्रकार के 3 किलोवाट सिस्टम की जानकारी साझा की है:
  • 3 kW बैटरी युक्त सिस्टम: इसकी अनुमानित लागत लगभग 2.80 लाख रुपये है। यह सिस्टम ग्रिड फेल होने या लोड शेडिंग के दौरान भी इन्वर्टर बैटरी के जरिए बैकअप प्रदान करता है।
  • 3 kW बिना बैटरी वाला सिस्टम (ऑन-ग्रिड): इसकी अनुमानित लागत करीब 2.10 लाख रुपये है। यह दिन के समय ग्रिड के साथ मिलकर काम करता है और बिजली बिल को न्यूनतम करने में मदद करता है।
  • लोड क्षमता: 3 किलोवाट का सिस्टम पंखे, लाइट, फ्रिज, कूलर, वॉशिंग मशीन के अलावा लगभग 1 टन तक का इन्वर्टर एसी चलाने में सक्षम माना जाता है।

भारी सरकारी सब्सिडी और आसान EMI विकल्प: PM Surya Ghar Yojana

योजना को आम जनता के लिए किफायती बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता दे रही हैं:
  • सब्सिडी सहायता: योजना के नियमों और स्वीकृति के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा 78% तक और बिहार सरकार द्वारा 20% तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
  • आसान किस्तों (EMI) की सुविधा: उपभोक्ताओं को पूरी राशि एकमुश्त देने की बाध्यता नहीं है। इसके लिए 3 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की अवधि के आसान मासिक किस्त विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।

योजना की जानकारी और आवेदन सहायता

जो उपभोक्ता अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं, वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन दर्ज कर सकते हैं। अधिक जानकारी अथवा तकनीकी सहायता के लिए बिजली विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 9264438923 जारी किया है।

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Darbhanga News: दरभंगा में नाबालिग अपहरण के फरार आरोपी के घर कुर्की, कोर्ट के आदेश पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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Darbhanga News: बिरौल थाना क्षेत्र के नवटोल गांव में नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी मो. नौशाद बख्खो के घर पुलिस ने रविवार को न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। पूर्व में इश्तेहार चस्पा किए जाने के बावजूद जब आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण नहीं किया, तब पुलिस ने अदालत से आदेश लेकर यह कानूनी कदम उठाया।

नवंबर 2024 में दर्ज हुआ था अपहरण का मामला बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि के अनुसार, नवंबर 2024 में नाबालिग के अपहरण से संबंधित प्राथमिकी दर्ज की गई थी:

  • अपहृता की बरामदगी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को पूर्व में ही सकुशल बरामद कर लिया था, जिसे विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) के निर्देश पर बाल गृह भेज दिया गया।

  • फरार चल रहा था आरोपी: मामले का मुख्य नामजद अभियुक्त मो. नौशाद बख्खो घटना के बाद से ही लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था।

इश्तेहार की अनदेखी के बाद घर का सामान जब्त: Darbhanga News

इश्तेहार की अनदेखी के बाद घर का सामान जब्त न्यायालय से जारी इश्तेहार तामिला कराने के बाद भी आरोपी के कोर्ट में पेश न होने पर पुलिस ने कुर्की की अनुमति ली:

  • दैनिक सामग्री जब्त: जांच अधिकारी सह अवर निरीक्षक मुन्नी कुमारी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने विधिवत जब्ती सूची तैयार कर आरोपी के घर से सभी दैनिक उपयोग की वस्तुएं व सामान जब्त किए।

  • लगातार दबिश जारी: थानाध्यक्ष ने बताया कि कुर्की की कार्रवाई पूरी होने के बाद अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

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Saharsa News: सहरसा में 12 साल से जमे पुलिसकर्मी पर गिरी गाज, DIG के निर्देश पर सुपौल और मधेपुरा में भी शुरू हुई पड़ताल

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Saharsa News: कोसी प्रक्षेत्र में वर्षों से एक ही पद या कार्यालय में जमे पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों पर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस मुख्यालय के दो वर्षीय पदस्थापना नियम की अनदेखी कर सहरसा एसपी कार्यालय की गोपनीय शाखा में करीब 12 वर्षों से तैनात एक कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल विरमित कर रोहतास जिला बल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद डीआईजी के निर्देश पर सहरसा समेत सुपौल और मधेपुरा में भी ऐसे पुलिसकर्मियों की कुंडली खंगाली जा रही है।

12 साल तक एक ही कार्यालय में जमे रहने पर कार्रवाई जांच में सामने आया कि संबंधित कर्मी का तबादला पहले ही रोहतास जिला बल के लिए कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह पुराने कार्यालय में ही बना रहा:

  • अनियमितताओं की शिकायत: पद पर बने रहने के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई गई।

  • तत्काल विरमित: डीआईजी डॉ. कुमार आशीष के आदेश पर उक्त कर्मी को तत्काल प्रभाव से मूल पदस्थापना स्थल (रोहतास) के लिए विरमित कर दिया गया।

 

पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची: Saharsa News

2 साल से अधिक तैनाती वाले पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची पुलिस मुख्यालय के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि सामान्य परिस्थितियों में किसी भी पदाधिकारी या कर्मी को एक ही स्थान या कार्यालय में दो वर्ष से अधिक समय तक पदस्थापित नहीं रखा जाना चाहिए:

  • सुपौल और मधेपुरा में जांच तेज: कोसी प्रक्षेत्र डीआईजी कार्यालय ने सुपौल, मधेपुरा और सहरसा के सभी थानों व शाखाओं में तैनात पुलिसकर्मियों की पदस्थापना अवधि का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।

  • तबादले की अनदेखी पर होगी कार्रवाई: यह भी खंगाला जा रहा है कि किन परिस्थितियों में कर्मी लंबे समय तक जमे रहे और तबादला आदेश के बाद भी नए स्थान पर योगदान क्यों नहीं दिया गया।

पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने पर जोर डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि लंबे समय तक एक ही जगह पर टिके रहने से पुलिसिंग की निष्पक्षता और कार्य संस्कृति प्रभावित होती है। समीक्षा रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी और बड़े पैमाने पर फेरबदल के आदेश जारी हो सकते हैं।

 

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Madhepura News: मधेपुरा में आधी रात गिरफ्तारी करने पहुंची पुलिस पर संगीन आरोप: घर में तोड़फोड़, मारपीट और रिश्वत मांगने की SP से शिकायत

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Madhepura News: नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 20 स्थित तेलडीहा गांव में वारंटी की गिरफ्तारी के लिए देर रात पहुंची पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगे हैं। गृहस्वामिनी सपना देवी ने उदाकिशुनगंज थाने में तैनात चार सब-इंस्पेक्टरों (SI) और अन्य पुलिसकर्मियों पर आधी रात को घर में घुसकर तोड़फोड़, परिजनों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए एसडीपीओ, एसपी और डीआईजी से लिखित शिकायत की है। NBW के तहत गिरफ्तारी के लिए रात 1:30 बजे पहुंची थी पुलिस सपना देवी के अनुसार, उनके पति संतोष यादव के विरुद्ध आलमनगर थाने के एक पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी था। इसी सिलसिले में 27 अगस्त की देर रात करीब 1:30 बजे पुलिस टीम उनके घर पहुंची थी।

  • घर में तोड़फोड़ व अभद्रता का आरोप: आरोप है कि एसआई निकेत कुमार मंडल, गौरव कुमार, महितोष कुमार और नरेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने घर को घेर लिया और टाट का पर्दा, पूजा घर का दरवाजा और बहू के कमरे का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

  • मारपीट और वाहन क्षतिग्रस्त करने का दावा: पीड़िता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे विकास कुमार के साथ मारपीट की, बंदूक के कुंदे से कार का बोनट क्षतिग्रस्त किया और विरोध करने पर एसआई द्वारा उनका गला दबाने का प्रयास किया गया।

थाना बुलाकर ₹5000 रिश्वत मांगने का आरोप: Madhepura News

थाना बुलाकर ₹5000 रिश्वत मांगने का भी आरोप शिकायतकर्ता सपना देवी ने आवेदन में उल्लेख किया है कि घटना की शाम करीब 4:50 बजे उन्हें पति समेत थाने बुलाया गया था, जहां एक चाय की दुकान पर उनसे ₹5,000 की मांग की गई। असमर्थता जताने पर पुलिस ने शाम को वारंटी पति को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि देर रात घर पर आकर तोड़फोड़ की।

  • सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग: पीड़िता ने पड़ोसी के दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।

शिकायत मिलने पर होगी जांच: प्रशासन मामले पर प्रभारी एसडीपीओ आशीष राज ने बताया कि आवेदन की प्रति अभी उनके संज्ञान में नहीं आई है। विधिवत शिकायत प्राप्त होने पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

 

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