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दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में Bihar की बेटी का जलवा: दरभंगा की हर्षना बनीं शहीद भगत सिंह कॉलेज की सेंट्रल काउंसलर
दरभंगा। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रसंघ चुनाव में मिथिलांचल (Bihar) की बेटी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड अंतर्गत पघारी गांव की रहने वाली हर्षना कुमारी चौधरी ने शहीद भगत सिंह कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में ‘सेंट्रल काउंसलर-2’ के पद पर शानदार जीत दर्ज की है।
निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरी हर्षना की इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव में जश्न और उत्साह का माहौल है।
Bihar News: निर्दलीय मैदान में उतरकर दर्ज की जीत
शहीद भगत सिंह कॉलेज में स्नातक कला (BA) तृतीय वर्ष की छात्रा हर्षना ने कॉलेज चुनाव में मजबूत दावेदारी पेश की थी:
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सेंट्रल काउंसलर-2 पद पर निर्वाचित: चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद हर्षना कुमारी चौधरी को कॉलेज के केंद्रीय पार्षद-2 (Central Counselor-2) के रूप में आधिकारिक तौर पर विजेता घोषित किया गया।
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परिवार में सबसे छोटी: पघारी निवासी अमरनाथ चौधरी एवं अंजू देवी की पुत्री हर्षना अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके भाई हरिओम कुमार चौधरी और बहनें शारदा व साक्षी दिल्ली में रहकर पढ़ाई और व्यवसाय कर रहे हैं।
गांव लौटने पर किया जाएगा भव्य सम्मान
हर्षना की जीत को ग्रामीण महिला सशक्तीकरण और शिक्षा की दिशा में बड़ी मिसाल मान रहे हैं:
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सम्मान की घोषणा: मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी ने हर्षना की जीत पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह मिथिला की बेटियों की नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। गांव आगमन पर उनका सार्वजनिक अभिनंदन किया जाएगा।
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शुभकामनाओं का तांता: हर्षना की सफलता पर प्रो. गीता प्रसाद चौधरी, जगदानंद चौधरी, रामलगण चौधरी, चंद्रभूषण चौधरी, शंकर कुमार चौधरी, शशि भूषण चौधरी, रामकुमार चौधरी, गोपाल चौधरी, पूर्व मुखिया सुशील चौधरी, गौरीशंकर चौधरी, राजीव कुमार चौधरी, गणेश चौधरी, डॉ. अर्जुन कुमार चौधरी, अधिवक्ता विनोदानंद चौधरी और पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रेम माया देवी सहित ग्रामीणों ने बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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Nasha Mukt Bihar अभियान के तहत ब्रह्माकुमारी बहनों ने जीविका दीदियों को किया जागरूक
राघोपुर (सुपौल): Nasha Mukt Bihar: राज्य को व्यसनमुक्त, स्वस्थ और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से संचालित जन-अभियान के अंतर्गत सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड में सामाजिक चेतना की नई अलख जगाई जा रही है।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सेवा केंद्र सिमराही-राघोपुर के तत्वावधान में ग्रामीण स्तर पर महिलाओं और परिवारों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस Nasha Mukt Bihar Campaign Raghopur के जरिए जीविका दीदियों को मुख्य संवाहक बनाते हुए नशे के सामाजिक, शारीरिक और आर्थिक नुकसानों के प्रति सजग किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारी बहनों ने विभिन्न संकुलों में पहुंचकर जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया और उन्हें समाज में परिवर्तन का अग्रदूत बनने के लिए प्रेरित किया।
Nasha Mukt Bihar: दर्जनों ग्रामीण जीविका केंद्रों तक पहुंची जागरूकता की गूंज
इस सघन जन-जागरूकता अभियान के तहत ब्रह्माकुमारी संस्थान की समर्पित बहनों और सेवाधारियों की टीम राघोपुर प्रखंड के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रूप से पहुंच रही है।
अभियान के अंतर्गत राघोपुर मुख्यालय, धरहरा, राधानगर, सुखानगर, गणपतगंज, करजाइन, हरिराहा, हरीपुर, प्रतापगंज और दौलतपुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों में संचालित जीविका स्वयं सहायता समूहों (SHG) के केंद्रों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में सैकड़ों की संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन किया। आयोजकों ने बताया कि महिलाएं परिवार की धुरी होती हैं, इसलिए यदि वे जागरूक होंगी, तो पूरे परिवार और समाज को व्यसनमुक्त बनाना बेहद आसान हो जाएगा।
“नशे की लत केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को करती है तबाह”
जागरूकता सत्रों को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी बीके बबीता दीदी, बीके पूजा बहन, बीके बीना बहन, बीके रेनू बहन और बीके किशोर भाई ने व्यसन के मानवीय और सामाजिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने रेखांकित किया कि नशा न केवल सेवन करने वाले व्यक्ति के लीवर, फेफड़े और मानसिक संतुलन को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक रीढ़ को तोड़ देता है। नशे के कारण घरेलू हिंसा, कलह और सामाजिक प्रतिष्ठा में गिरावट आती है। बीके बबीता दीदी ने कहा कि किसी भी व्यसन से मुक्ति पाने के लिए केवल कानूनी प्रतिबंध काफी नहीं हैं, बल्कि व्यक्ति के भीतर आंतरिक शक्ति, सकारात्मक विचार और मजबूत आत्मबल का होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि दैनिक जीवन में राजयोग मेडिटेशन (ध्यान) और आध्यात्मिक जीवनशैली को अपनाकर व्यक्ति किसी भी प्रकार की मानसिक दुर्बलता और बुरी लत पर आसानी से काबू पा सकता है।
Nasha Mukt Bihar: जीविका दीदियों ने सामूहिक रूप से ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के समापन सत्र में उपस्थित सभी जीविका दीदियों को नशामुक्त समाज निर्माण की औपचारिक शपथ दिलाई गई। महिलाओं ने हाथ उठाकर प्रतिज्ञा की कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ या तंबाकू का सेवन नहीं करेंगी।
साथ ही उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने घर के पुरुषों, बच्चों और पड़ोसियों को भी नशे के जानलेवा परिणामों के प्रति सचेत करेंगी और उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगी। जीविका दीदियों ने कहा कि शराबबंदी और नशामुक्ति को सफल बनाने के लिए वे अपने-अपने गांवों में निगरानी रखेंगी और जनजागरूकता रैलियों के माध्यम से जन-जन तक यह संदेश पहुंचाएंगी।
26 नवंबर तक पूरे राज्य में संचालित होगा विशेष अभियान
उल्लेखनीय है कि नशामुक्त बिहार अभियान के अंतर्गत 26 नवंबर तक पूरे राज्य में एक माह का सघन जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य बिहार के सभी 38 जिलों में फैले जीविका नेटवर्क के विशाल तंत्र का उपयोग करते हुए नशामुक्ति के संदेश को अंतिम घर तक पहुंचाना है। इस महाअभियान में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक और सामाजिक संस्थान सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि नशामुक्त बिहार का सपना तभी पूरी तरह साकार होगा जब प्रशासनिक कड़ाई के साथ-साथ समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझेगा।
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छठ-दिवाली पर Saharsa में अलर्ट: स्टेशन पहुंचेंगे 50 हजार प्रवासी यात्री
Saharsa: दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर सहरसा जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और अलर्ट मोड में आ गया है। परदेस से घर लौट रहे प्रवासी कामगारों, छात्रों और नागरिकों की भारी भीड़ को सुरक्षित व सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक मशीनरी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
शनिवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने संयुक्त रूप से शहर के रेलवे स्टेशन, मुख्य बस स्टैंड तथा प्रमुख छठ घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस बड़े पैमाने पर शुरू किए गए Saharsa Chhath Diwali Crowd Management अभियान के तहत अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को तय समय सीमा के भीतर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को चाक-चौबंद करने के कड़े निर्देश दिए।
Saharsa : रेलवे स्टेशन पर उमड़ेगा जनसैलाब, 50 हजार यात्रियों के आगमन का अनुमान
सहरसा जंक्शन के निरीक्षण के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि पर्व को देखते हुए आगामी दो से तीन दिनों के भीतर लगभग 50 हजार से अधिक प्रवासी यात्रियों के सहरसा रेलवे स्टेशन पहुंचने की प्रबल संभावना है।
यात्रियों की इस संभावित भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डीएम ने पुख्ता क्राउड मैनेजमेंट, पेयजल, चलंत शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सघन सुरक्षा जांच का निर्देश दिया। अधिकारियों ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन नए स्टेशन भवन परिसर में बनाए जा रहे विशेष होल्डिंग एरिया का भी बारीकी से मुआयना किया। डीएम ने कार्यदायी एजेंसी को निर्देश दिया कि यात्रियों के ठहरने और कतारबद्ध निकास के लिए होल्डिंग एरिया की व्यवस्था तत्काल पूरी की जाए, ताकि स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार की भगदड़ या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
Saharsa : स्टेशन और बस स्टैंड पर बनाए जाएंगे स्वागत द्वार
छठ और दिवाली के पावन पर्व पर अन्य राज्यों से कठिन यात्रा तय कर अपने गृह जिले लौटने वाले प्रवासियों के सम्मान में प्रशासन ने मानवीय और स्वागतयोग्य पहल की है। जिलाधिकारी ने रेलवे स्टेशन के मुख्य निकास द्वार और सरकारी व निजी बस स्टैंड परिसरों में आकर्षक स्वागत द्वार स्थापित करने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त, बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की सुरक्षा, अनियंत्रित वाहनों की पार्किंग पर रोक, रात्रि प्रकाश और निरंतर कचरा निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने स्पष्ट किया कि बस स्टैंड और स्टेशन के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस जवानों और महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती रहेगी, ताकि उचक्कों, पॉकेटमारों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
छठ घाटों पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी के निर्देश
परिवहन केंद्रों की पड़ताल के उपरांत डीएम और एसपी का काफिला शहर के विभिन्न प्रमुख छठ घाटों पर पहुंचा। अधिकारियों ने घाटों की गहराई, जलस्तर, ढलानों और संपर्क मार्गों की स्थिति का अवलोकन किया।
डीएम ने नगर निगम प्रशासन और पथ निर्माण विभाग को सभी छठ घाटों तक जाने वाली सड़कों की त्वरित मरम्मत कराने, घाटों से गाद व गंदगी की सफाई करने, पर्याप्त रोशनी के लिए हाई मास्ट लाइट व फ्लड लाइट लगाने के निर्देश दिए। गहरे पानी वाले स्थलों पर लाल झंडे और मजबूत बांस-बल्ले की बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से करने को कहा गया, ताकि अर्घ्य देने के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना या डूबने का जोखिम न रहे। साथ ही प्रमुख घाटों पर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की कार्ययोजना तैयार की गई है।
प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद, संयुक्त रूप से बनी कार्ययोजना
निरीक्षण अभियान के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के कई शीर्ष पदाधिकारी संयुक्त रूप से उपस्थित रहे। इनमें उप विकास आयुक्त (डीडीसी) गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) श्रीयांश तिवारी, विशेष कार्य पदाधिकारी राजू कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी (डीआईपीआरओ) राजीव रंजन और उप नगर आयुक्त सहित कई तकनीकी व प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।
प्रशासनिक टीम ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के आपसी समन्वय से सहरसा में दिवाली और छठ महापर्व का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, गरिमामयी और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न होगा।
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Ramnagar Kali Mandir एवं मेला परिसर का एसडीएम ने लिया जायजा
मधेपुरा: Ramnagar Kali Mandir: कोसी प्रमंडल के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में शुमार मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत रामनगर स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर में आगामी वार्षिक पूजन व मेले की तैयारियां जोरों पर हैं।
इसी क्रम में शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संतोष कुमार ने प्रशासनिक अमले के साथ मंदिर व मेला परिसर का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। इस बहुचर्चित Ramnagar Kali Mandir Mela Madhepura आयोजन में दूर-दराज से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुचारू दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एसडीएम ने राजस्व अधिकारी (आरओ) वीरेंद्र पुरोहित की मौजूदगी में बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने आयोजन समिति और स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद कर भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए।
Ramnagar Kali Mandir और मेला परिसर की बुनियादी सुविधाओं का सूक्ष्म अवलोकन
निरीक्षण के दौरान एसडीएम संतोष कुमार ने सबसे पहले मां काली के गर्भगृह और मुख्य मंदिर परिसर का जायजा लिया। इसके पश्चात उन्होंने मेला ग्राउंड, अस्थाई दुकानों के आवंटन स्थल, वाहन पार्किंग क्षेत्र और संपर्क मार्गों का भौतिक सत्यापन किया।
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग कतार व्यवस्था, महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक बैरिकेडिंग और आपातकालीन निकास मार्गों की रूपरेखा पर मंथन किया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों में आस्था के साथ-साथ जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए पूर्व से ही वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) की योजना लागू की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और मेडिकल कैंप पर जोर
एसडीएम ने मेला संचालन समिति और उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे मेला परिसर में प्रमुख स्थानों, संवेदनशील मोड़ों और मंदिर प्रवेश द्वार पर पर्याप्त संख्या में उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
इसके अतिरिक्त उन्होंने स्थानीय पुलिस बल और महिला पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति, वॉच टावर और निरंतर गश्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मेला परिसर में चौबीसों घंटे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की तैनाती तथा अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) की गाड़ियों को रणनीतिक स्थानों पर मुस्तैद रखने का आदेश दिया गया, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
Ramnagar Kali Mandir: ग्रामीणों ने बताईं समस्याएं, बेहतर प्रशासनिक सहयोग की मांग
स्थलीय निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और मेला समिति के सदस्यों ने अधिकारियों को मंदिर और मेला परिसर से जुड़ी जमीनी चुनौतियों व आवश्यकताओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि रामनगर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए मधेपुरा के अलावा सुपौल, सहरसा और पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
विशेषकर रात्रि के समय प्रकाश व्यवस्था, शुद्ध पेयजल के टैंकर, चलंत बायो-टॉयलेट और मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय रहे, तो यह मेला पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द की मिसाल बनता है। एसडीएम ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से नोट करते हुए संबंधित विभागों को तुरंत कार्ययोजना बनाकर अमल करने का निर्देश दिया।
ग्रामीणों में बेहतर व्यवस्था की जगी उम्मीद, कई गणमान्य रहे मौजूद
एसडीएम के इस औचक और विस्तृत निरीक्षण से स्थानीय लोगों तथा श्रद्धालुओं में संतोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि उच्चाधिकारियों की समय से पहले सक्रियता से इस बार मेले का स्वरूप अधिक भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहेगा।
निरीक्षण के दौरान राजस्व अधिकारी वीरेंद्र पुरोहित के अलावा संजीत कुमार झा, प्रदीप ठाकुर, सिट्टू कुमार, गनू झा, बुद्धि कुमार सहित दर्जनों स्थानीय प्रबुद्ध ग्रामीण, युवा कार्यकर्ता और आयोजन समिति के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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