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निर्माणाधीन व लंबित योजनाओं को शीघ्र करें पूरा: डीएम

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संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के वर्तमान क्रियान्वयन स्थिति की डीएम ने की समीक्षा सहरसा. जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, विभिन्न तकनीकी, गैर तकनीकी विभागों द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की वर्तमान स्थिति की गुरुवार को विस्तृत समीक्षा की. प्रगति यात्रा से संबंधित वर्तमान में भवन प्रमंडल द्वारा जिले के बनमा ईटहरी व सतरकटैया प्रखंड में प्रखंड व अंचल कार्यालय व आवासीय परिसर का निर्माण कार्य प्रगति पर है. जिसमें तेजी लाने का निर्देश दिया. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड द्वारा मंडन मिश्र धाम महिषी से संबंधित विकास कार्य समीक्षा क्रम में कार्य की धीमी प्रगति के कारण नाराजगी व्यक्त की व संबंधित तकनीकी विभाग, एजेंसी को अपेक्षित कार्य को मार्च के प्रथम सप्ताह तक पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया. निर्देश अनुपालन में शिथिलता की स्थिति में विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. साथ ही उग्रतारा मंदिर में वर्तमान में संचालित सौंदर्यीकरण कार्य में और तेजी लाने का निर्देश दिया. तिलावे नदी उड़ाही कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण गहरी नाराजगी प्रकट की एवं मार्च के प्रथम सप्ताह तक निर्धारित कार्य को पूर्ण करने के लिए ठोस कार्रवाई का निर्देश संबंधित तकनीकी विभाग को दिया. बंगाली बाजार में वर्तमान में क्रियान्वित आरओबी निर्माण कार्य समीक्षा के क्रम में अवसंरचना निर्माण कार्य में और तेजी लाने का निर्देश दिया. सात निश्चय दो के तहत उच्चतर शिक्षा के लिए महिलाओं को प्रोत्साहन को लेकर शिक्षा कार्यालय द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बालिका इंटर प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना से संबंधित शेष लक्ष्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया. स्वच्छ गांव, समृद्ध गांव के तहत संचालित मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर लाइट योजना वर्तमान क्रियान्वयन स्थिति समीक्षा के क्रम में वर्तमान उपलब्धि 1268 वार्डो में 13795 सोलर लाइट संस्थापित पाये गये. शेष लबित कार्य प्रक्रियाधीन होने के संबंध में बताया गया. युवा शक्ति बिहार की प्रगति के तहत मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की वर्तमान प्रगति समीक्षा के क्रम में समेकित रूप से उपलब्धि शत प्रतिशत पाया गया. सभी लाभुकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है. समीक्षा के क्रम में योजना के तहत तृतीय किस्त भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया. सात निश्चय थ्री के तहत लक्षित दो गुना रोजगार, दोगुनी आय को लेकर संचालित कार्य मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना समीक्षा क्रम में यह तथ्य उभरकर सामने आया की वर्णित योजना के तहत लाभांवित की संख्या तीन लाख 56 हजार 309 है. जिनको प्राथमिक निधि के तहत अनुमोदित राशि प्रदान की गयी है. शेष लाभुकों को मार्च के अंत तक भुगतान कर दिये जाने के संबंध में जानकारी दी गयी. सात निश्चय थ्री समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार के तहत औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए किये जा रहे प्रयास क्रम में इसके लिए लगभग चार सौ तेरह एकड़ की भूमि भू अर्जन के तहत प्रक्रियाधीन होने के संबंध में जानकारी दी गयी. बैठक में सात निश्चय थ्री के तहत लक्षित अन्य योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए ठोस कार्रवाई का निर्देश दिया. सभी कार्यालयों को आम नागरिक को संबंधित कार्यालय स्तर से कैसे अधिकाधिक सहूलियत प्रदान की जाय इसके लिए दो से तीन दिनों में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. समीक्षा क्रम में संचालित योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया. बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार सहित अन्य संबंधित कार्यालयों के कार्यालय प्रधान मौजूद थे. फोटो – सहरसा 22 – समीक्षा बैठक करते डीएम व अन्य

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Saharsa School News: सिमरी बख्तियारपुर में मॉडल स्कूल पहुंचे DM दीपेश कुमार, गंदगी और बिना रिपेयरिंग पेंटिंग पर भड़के, जांच के आदेश

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Saharsa School News: सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने शनिवार को सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल (प्लस टू उच्च विद्यालय) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने कक्षाओं के संचालन, शैक्षणिक व्यवस्था, डिजिटल संसाधनों और परिसर की स्वच्छता का सघन मुआयना किया। विद्यालय परिसर में फैली गंदगी और बुनियादी खामियों को देखकर डीएम ने गहरी नाराजगी जाहिर की और जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए।

स्मार्ट क्लास और लैब का निरीक्षण, डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि: Saharsa School News

जिलाधिकारी ने विद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक प्रभागों का बारीकी से अवलोकन किया:

  • छात्रों और शिक्षकों से संवाद: डीएम ने स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर रूम और साइंस लैब का जायजा लेते हुए विद्यार्थियों से पढ़ाई के स्तर पर बातचीत की और शिक्षकों से पाठ्यक्रम की स्थिति जानी।

  • पुष्पांजलि अर्पण: शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में डीएम ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

मरम्मत कराए बिना पुताई पर लगाई फटकार, क्लास टीचर पर जांच के निर्देश: Saharsa School News

विद्यालय भवन के रखरखाव और शिक्षण कार्य में लापरवाही सामने आने पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया:

  • बिना मरम्मत पेंटिंग पर नाराजगी: भवन की आवश्यक मरम्मत (रिपेयरिंग) कराए बिना ही ऊपर से सीधे पेंटिंग कराने पर डीएम भड़क उठे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पहले संरचनात्मक सुधार व मरम्मत कार्य पूरा किया जाए, उसके बाद ही रंगाई-पुताई हो।

  • क्लास टीचर से असंतुष्टि: कक्षा संचालन और शिक्षण पद्धति को लेकर क्लास टीचर से पूछताछ के दौरान डीएम असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मामले की औपचारिक जांच कर आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के सख्त आदेश: Saharsa School News

परिसर में जगह-जगह गंदगी देखकर जिलाधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को तत्काल सफाई कराने और दैनिक स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने की ताकीद की। उन्होंने दो टूक कहा कि शैक्षणिक वातावरण में अनुशासनहीनता और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रोहित रौशन, एसडीएम आलोक राय, बीडीओ सह बीईओ मोहन कुमार सिंह, बख्तियारपुर थानाध्यक्ष जयशंकर कुमार और दारोगा स्वीटी कुमारी सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

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Saharsa Electricity News: 125 यूनिट मुफ्त बिजली के बीच अगस्त बिल में जुड़ा लंबित फिक्स्ड चार्ज, सहरसा विद्युत विभाग ने दी सफाई, 1912 पर करें संपर्क

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Saharsa Electricity News: बिहार सरकार की ‘मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना’ के अंतर्गत सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 125 यूनिट तक निःशुल्क बिजली की सुविधा निर्बाध रूप से मिल रही है। हालांकि, अगस्त 2026 के बिजली बिल में कुछ उपभोक्ताओं को अतिरिक्त फिक्स्ड चार्ज जुड़कर आने से असमंजस की स्थिति बन गई थी, जिस पर सहरसा विद्युत आपूर्ति प्रमंडल ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग के अनुसार, बिलिंग व्यवस्था में तकनीकी सुधार के चलते पिछले दो महीनों का लंबित फिक्स्ड चार्ज इस माह के बिल में समायोजित किया गया है।

अगस्त के बिल में क्यों जुड़ा अतिरिक्त फिक्स्ड चार्ज?: Saharsa Electricity News

विद्युत कार्यपालक अभियंता (सहरसा) अमित कुमार ने बताया कि बिलिंग प्रणाली को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए राजस्व प्रबंधन प्रणाली के तहत तकनीकी अपग्रेडेशन किया गया है:

  • तकनीकी कारणों से पेंडिंग कटौती: जून और जुलाई 2026 में 125 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले कुछ शहरी उपभोक्ताओं के खाते से तकनीकी दिक्कतों की वजह से फिक्स्ड चार्ज की कटौती नहीं हो पाई थी।

  • अगस्त में एकमुश्त समायोजन: इस दौरान किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं काटा गया था। अब तकनीकी समस्या दूर होने के बाद वह बकाया फिक्स्ड चार्ज अगस्त 2026 के बिल में एक साथ समायोजित किया गया है।

  • 125 यूनिट से अधिक पर ही चार्ज: 125 यूनिट तक शत-प्रतिशत सब्सिडी (मुफ्त बिजली) पूर्ववत लागू है; केवल 125 यूनिट से अधिक खपत होने पर ही नियमानुसार सब्सिडी दर पर ऊर्जा शुल्क, टैक्स और फिक्स्ड चार्ज देय होगा।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए स्पष्ट नियम: Saharsa Electricity News

कार्यपालक अभियंता ने स्मार्ट मीटर धारकों के लिए नियमों की जानकारी दी:

  • शुरुआती 125 यूनिट मुफ्त: प्रत्येक माह की 1 तारीख से 125 यूनिट तक की खपत पर स्मार्ट मीटर से कोई ऊर्जा शुल्क नहीं काटा जाएगा।

  • अतिरिक्त खपत पर कटौती: 125 यूनिट की सीमा पार होते ही महीने की शेष अवधि में सामान्य प्रक्रिया के अनुसार ऊर्जा शुल्क एवं फिक्स्ड चार्ज स्वतः कटना शुरू होगा।

एसएमएस से सूचना, शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1912: Saharsa Electricity News

विद्युत विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपने बिलों का नियमित मिलान करने का अनुरोध किया है। बिलिंग बदलावों की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस द्वारा भी भेजी जा रही है। बिल या कटौती से संबंधित किसी भी संदेह अथवा शिकायत के त्वरित निवारण के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।

 

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Saharsa News: सहरसा-मानसी रेलखंड के 21 स्टेशनों पर बदलेगा सिग्नल सिस्टम, 233 करोड़ से लगेगा EI सिस्टम

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Saharsa News: सहरसा में अब रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के संचालन के लिए पुराने पैनल और उसके बटनों पर निर्भरता खत्म होने जा रही है. सहरसा-मानसी रेलखंड समेत समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर जल्द ही सिग्नलिंग व्यवस्था का पूरा सिस्टम बदलने की तैयारी है. यहां पैनल सिस्टम की जगह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग यानी ईआई सिस्टम लगाया जायेगा. इसके बाद ट्रेनों के परिचालन से जुड़ी गतिविधियां स्क्रीन पर दिखाई देंगी और माउस के जरिए ऑपरेशन किया जायेगा. भारतीय रेलवे ने इस बड़े बदलाव के लिए 233 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है. वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. रेलवे ने वर्ष 2027 तक ईआई वर्क पूरा करने का लक्ष्य रखा है. इस बदलाव का असर सिर्फ रेलवे कर्मचारियों के काम करने के तरीके तक सीमित नहीं रहेगा. आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था से ट्रेनों की स्थिति पर नजर रखना आसान होगा, तकनीकी बाधाओं को कम करने में मदद मिलेगी और भविष्य में कवच जैसी आधुनिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के कार्यान्वयन का रास्ता भी मजबूत होगा.

21 स्टेशनों पर बदलेगी सिग्नलिंग की तस्वीर: Saharsa News

इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के लिए समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों का चयन किया गया है. इनमें सिमरी बख्तियारपुर, कोपरिया, बदला घाट, धमारा घाट, मधुबनी, अंगार घाट, रुसेरा घाट, रामगढ़वा, भगवानपुर देसुआ, नरहन, नया नगर, राजनगर, सलौना, इमली, ओलापुर, सोनबरसा कचहरी, पंडौल, डॉ. श्रीकृष्ण सिंह नगर गढ़पुरा, बैजनाथपुर, बुधमा और मुरलीगंज शामिल हैं. सहरसा-मानसी रेलखंड के यात्रियों के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सिग्नलिंग सिस्टम सीधे ट्रेनों के सुरक्षित और सुचारु परिचालन से जुड़ा होता है. सिस्टम के आधुनिक होने से परिचालन क्षमता और ट्रेनों की गति बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.

पैनल के बटन गायब, दो स्क्रीन पर दिखेगी ट्रेन की स्थिति: Saharsa News

अभी इन स्टेशनों पर सिग्नलिंग और ट्रेन परिचालन से जुड़े काम पैनल सिस्टम के जरिए किये जाते हैं. इस व्यवस्था में अलग-अलग बटन के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग लागू होने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह बदल जायेगी.नई व्यवस्था में प्रत्येक स्टेशन पर दो-दो स्क्रीन लगायी जायेंगी. पैनल के बटन की जगह स्क्रीन पर माउस के माध्यम से ऑपरेशन किया जायेगा. स्टेशन मैनेजर, स्टेशन अधीक्षक और ऑपरेटिंग विभाग के कर्मचारियों को सेक्शन में ट्रेनों की गति, स्थिति और परिचालन से जुड़ी जानकारी लगातार मिलती रहेगी. यानी किसी ट्रेन की स्थिति समझने और परिचालन से जुड़े ऑपरेशन के लिए कर्मचारियों को पुराने पैनल सिस्टम पर निर्भर नहीं रहना होगा. स्क्रीन आधारित सिस्टम में सूचनाएं अधिक आधुनिक तरीके से उपलब्ध होंगी.

बटन में खराबी से ट्रेन रोकने की नौबत होगी कम: Saharsa News

पुराने पैनल सिस्टम में कभी-कभी बटन या अन्य तकनीकी खराबी के कारण सिग्नलिंग व्यवस्था प्रभावित हो जाती है. ऐसी स्थिति में ट्रेन परिचालन को मैन्युअल तरीके से संचालित करना पड़ता है. इससे परिचालन प्रभावित होने की संभावना रहती है. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लागू होने के बाद सिग्नलिंग व्यवस्था को अधिक आधुनिक और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी. इससे तकनीकी बाधाओं को कम करने के साथ रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में भी सहयोग मिलेगा. यात्रियों के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि सिग्नलिंग से जुड़ी तकनीकी व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश होगी, जिससे ट्रेनों के संचालन में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सके.

कवच लागू करने में भी मिलेगी मदद: Saharsa News

रेलवे के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग पूरे मंडल के सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था से स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच के कार्यान्वयन में भी मदद मिलेगी. कवच जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणाली के लिए मजबूत सिग्नलिंग बुनियादी ढांचा महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में 21 स्टेशनों पर ईआई सिस्टम लगाने की योजना को भविष्य की रेलवे सुरक्षा व्यवस्था से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

2027 तक पूरा करने का लक्ष्य, अब टेंडर की बारी

रेलवे ने ईआई वर्क को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. फिलहाल वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इसके बाद चयनित स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाने का काम आगे बढ़ेगा. पूर्व मध्य रेलवे की सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के माध्यम से 21 स्टेशनों की सिग्नलिंग व्यवस्था का आधुनिकीकरण किया जायेगा. पैनल सिस्टम की जगह स्क्रीन आधारित आधुनिक व्यवस्था काम करेगी और प्रत्येक स्टेशन पर दो-दो स्क्रीन के माध्यम से संचालन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यह पहल भारतीय रेलवे द्वारा पूरे नेटवर्क में सिग्नलिंग सिस्टम के आधुनिकीकरण, रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने की दिशा में किये जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है. अब निगाहें टेंडर प्रक्रिया और उसके बाद शुरू होने वाले काम पर हैं. यदि तय समयसीमा के अनुसार काम आगे बढ़ता है, तो 2027 तक इन 21 स्टेशनों पर सिग्नलिंग का पुराना चेहरा बदलकर स्क्रीन आधारित आधुनिक व्यवस्था दिखाई दे सकती है.

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