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Darbhanga: बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल में अधिकारियों का औचक निरीक्षण: 5 डॉक्टर मिले अनुपस्थित, प्रसूता को बाहर की दवा लिखने पर भड़के सीएस

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Darbhanga: बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल में अधिकारियों का औचक निरीक्षण

Darbhanga। बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जानने शनिवार को अपर समाहर्ता (ADM) राजेश कुमार गुप्ता और सिविल सर्जन (CS) डॉ. अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां, गंदगी और डॉक्टरों की मनमानी सामने आई।

Darbhanga News: 5 डॉक्टर अनुपस्थित, वेतन रोकने की अनुशंसा

अधिकारियों की जांच में अस्पताल के पांच चिकित्सक अपनी ड्यूटी से गायब पाए गए। एडीएम राजेश गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अनुपस्थित डॉक्टरों की हाजिरी काट दी और उनके वेतन रोकने की अनुशंसा की:

  • डॉ. धनंजय कुमार व डॉ. मृत्युंजय कुमार: पिछले 2 दिनों से अनुपस्थित।

  • डॉ. ओमप्रकाश झा: 4 दिनों से अनुपस्थित।

  • डॉ. सुलेमान आलम: 3 दिनों से अनुपस्थित।

  • डॉ. मो. शमीम: 1 अप्रैल से लगातार (चार महीने से अधिक) ड्यूटी से नदारद।

Darbhanga News: बाहर की दवा लिखने पर उपाधीक्षक को लगाई फटकार

अस्पताल परिसर से बाहर निकलते समय अधिकारियों ने देखा कि मुख्य गेट के पास स्थित एक निजी दवा दुकान पर आसी गांव की प्रसूता खुशबू देवी दवा खरीद रही थी। पूछताछ में महिला ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के समय उसे बाहर से दवा खरीदने का पर्चा थमा दिया गया था।

सरकारी अस्पताल में दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद बाहर की दवा लिखे जाने पर सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. योगेंद्र कुमार को मौके पर ही जमकर फटकार लगाई। साथ ही व्यवस्था में तुरंत सुधार करने की सख्त हिदायत दी।

परिसर में मिली गंदगी और अव्यवस्था

अधिकारियों ने आउटडोर, इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम और भर्ती वार्डों का भी जायजा लिया, जहां कई जगहों पर गंदगी और कुप्रबंधन देखने को मिला।

एडीएम राजेश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकारी मानकों के अनुसार मरीजों को सभी सुविधाएं और नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी चिकित्सकों व कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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Darbhanga में दुष्कर्म के 3 मामलों की जांच में लापरवाही: SSP ने महिला थाने के दारोगा को किया निलंबित

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Darbhanga। महिला अपराध और गंभीर मामलों की जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर दरभंगा पुलिस कप्तान ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला थाना में पदस्थापित पुलिस अधिकारी संजीव कुमार रजक को दुष्कर्म से जुड़े तीन अलग-अलग संवेदनशील मामलों के अनुसंधान में घोर शिथिलता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने मासिक समीक्षा के दौरान यह सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की।

Darbhanga News: समीक्षा में खुली लापरवाही की पोल, 3 वर्षों के मामले थे लंबित

अगस्त 2026 तक दर्ज दुष्कर्म शीर्ष से संबंधित लंबित कांडों की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान जांच अधिकारी की लापरवाही उजागर हुई:

  • लंबित कांड: समीक्षा में पाया गया कि महिला थाना कांड संख्या 70/24, 56/25 और 24/26 के अनुसंधान में जांच अधिकारी द्वारा अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी और मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया था।

  • गंभीरता से लिया गया मामला: महिला उत्पीड़न और दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामलों में साक्ष्य संकलन और त्वरित कार्रवाई न किए जाने को एसएसपी ने कर्तव्यहीनता मानते हुए कड़ी आपत्ति जताई।

Darbhanga Crime: तत्काल प्रभाव से निलंबन, पुलिस केंद्र बना मुख्यालय

लापरवाही प्रमाणित होने के बाद एसएसपी ने त्वरित एक्शन लिया:

  • निलंबन आदेश: एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने पुलिस अधिकारी संजीव कुमार रजक को सामान्य जीवनयापन भत्ता पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

  • मुख्यालय निर्धारित: निलंबन की पूरी अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र (पुलिस लाइन), दरभंगा तय किया गया है।

लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का कड़ा निर्देश

एसएसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और अनुसंधानकर्ताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि गंभीर अपराधों, विशेषकर महिलाओं व बच्चों से जुड़े मामलों की जांच में किसी भी तरह की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जांच अधिकारियों को वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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दुष्कर्म करने वालों का मर्डर होना तय, एनकाउंटर जरूरी था: Anant Singh

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पटना/जमुई। बिहार के चर्चित जमुई छेड़खानी कांड में पुलिस मुठभेड़ के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मोकामा से जदयू विधायक Anant Singh ने जमुई पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी नंदन यादव पर की गई एनकाउंटर कार्रवाई की पुरजोर सराहना की है।

मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी व्यक्ति महिलाओं या बच्चियों के साथ दरिंदगी और दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम देगा, उसका ऐसा ही हश्र होना तय है। उन्होंने ऐसे अपराधियों को ‘राक्षस’ करार देते हुए कहा कि समाज में शांति के लिए इनका तुरंत खात्मा और एनकाउंटर बेहद जरूरी है।

अपराधी की कोई जाति नहीं होती, सीएम पर सवाल उठाना गलत: Anant Singh

एनडीए सरकार और कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए जदयू विधायक ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का खुलकर समर्थन किया:

  • त्वरित पुलिसिया कार्रवाई का बचाव: अनंत सिंह ने कहा कि ऐसी घटनाओं में सरकार या मुख्यमंत्री सीधे तौर पर क्या कर सकते हैं; सरकार की जिम्मेदारी घटना के तत्काल बाद सख्त एक्शन लेने की होती है, जिसे जमुई पुलिस ने बखूबी निभाया है।

  • सीएम के बयान का समर्थन: उन्होंने मुख्यमंत्री के उस रुख पर सहमति जताई जिसमें कहा गया था कि अपराध करने वाले का कोई धर्म या जाति नहीं होती, वह केवल अपराधी होता है और उस पर वैसी ही सख्ती बरती जानी चाहिए।

तेजस्वी यादव पर साधा निशाना, विपक्ष पर लगाया राजनीति का आरोप

जमुई कांड को लेकर राज्य सरकार को घेर रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर अनंत सिंह ने तीखा हमला बोला:

  • संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति न करने की नसीहत: उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य मामलों में राजनीतिक रोटियां सेंकने के बजाय सभी दलों के नेताओं को एकजुट होकर पीड़िता और उसके परिवार को न्याय व संबल दिलाना चाहिए।

  • पुलिस की कार्रवाई पर गर्व: विपक्ष पर वोट बैंक साधने का आरोप लगाते हुए विधायक ने कहा कि जमुई पुलिस ने जिस तत्परता से अपराधियों को सबक सिखाया है, उस पर पूरे बिहार को गर्व होना चाहिए।

क्या था पूरा मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी?

जमुई जिले के मड़वा पहाड़ी क्षेत्र में शनिवार शाम इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई थी:

  • नाबालिग छात्रा से सरेआम बदसलूकी: अपने दोस्त के साथ लौट रही नाबालिग छात्रा को दरिंदों ने घेरकर छेड़खानी की थी और विरोध करने पर छात्र की बेरहमी से पिटाई की थी। घटना का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आया।

  • मुठभेड़ में मुख्य आरोपी जख्मी: मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सोमवार को तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पुलिस ने घेराबंदी की, जहां मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से मुख्य आरोपी नंदन यादव घायल हो गया। उसका साथी हरेराम यादव भी भागने के क्रम में चोटिल हुआ। पुलिस अन्य संभावित संलिप्त लोगों की तलाश कर रही है।

 

 

 

 

 

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Darbhanga: 6.28 ग्राम स्मैक के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार, कार व नशा सामग्री जब्त

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Darbhanga: 6.28 ग्राम स्मैक के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार, कार व नशा सामग्री जब्त

Darbhanga। दरभंगा एसएसपी के निर्देश पर सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिरौल अनुमंडल पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है।

एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दो अलग-अलग अभियानों में कुल 6.28 ग्राम स्मैक बरामद करते हुए 5 अंतरजिला नशा तस्करों को दबोच लिया। मामले में प्रयुक्त एक कार, मोबाइल फोन, चाकू और स्मैक पीने-पिलाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त की गई है।

एयरटेल टावर परिसर में छापेमारी: टेक्नीशियन और महिला गार्ड के बाद मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार

पहली कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर 18 सितंबर को बिरौल स्थित एयरटेल टावर परिसर में की गई थी:

  • स्मैक बरामदगी: पुलिस टीम ने टावर परिसर से 1.68 ग्राम स्मैक जब्त किया।

  • पूर्व में दो जेल भेजे गए: मामले में बिरौल थाना कांड संख्या 658/26 दर्ज करते हुए टावर टेक्नीशियन ताला पटेल और महिला गार्ड कामिनी देवी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

  • मुख्य सप्लायर गिरफ्तार: मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी दीपू कामति (निवासी डुमरी) को 20 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया।

  • सहरसा से जुड़े तार: पूछताछ में दीपू ने खुलासा किया कि वह सहरसा जिले के जलई थाना क्षेत्र स्थित बघवा गांव निवासी निर्मल यादव से स्मैक खरीदकर बिरौल इलाके में खपाता था।

  • सामग्री जब्त: पुलिस ने इस मामले में चाकू, चम्मच, ब्लेड, फुकना और एल्युमिनियम फॉयल पेपर बरामद किया है।

Darbhanga Crime: कार से 4.60 ग्राम स्मैक बरामद: दो अंतरजिला तस्कर रंगे हाथ पकड़े गए

दूसरी कार्रवाई 20 सितंबर को अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और सअनि राजीव कुमार के नेतृत्व में की गई:

  • वाहन चेकिंग में सफलता: पुलिस ने संदिग्ध चारपहिया वाहन (बीआर 09एबी 6389) की तलाशी ली, जिसमें से 4.60 ग्राम स्मैक बरामद हुआ।

  • दो गिरफ्तार: मौके से शुभम कुमार मिश्रा और राजा चौधरी को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ बिरौल थाना कांड संख्या 664/26 के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट में मामला दर्ज किया गया है।

  • सप्लायर का नेटवर्क: पकड़े गए शुभम कुमार मिश्रा ने भी स्वीकार किया कि वह यह खेप सहरसा के बघवा निवासी निर्मल यादव से ही लेकर आया था। पुलिस ने मौके से कार, मोबाइल फोन और एल्युमिनियम फॉयल रोल जब्त किया है।

सहरसा के मुख्य सप्लायर पर पुलिस की नजर

एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि दोनों मामलों में शामिल मुख्य सप्लायर निर्मल यादव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। छापेमारी दल में थानाध्यक्ष चंद्रमणि, सूरज कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पकड़े गए सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

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