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Madhepura: जनसुनवाई में डीएम अभिषेक रंजन ने सुनीं 24 फरियादें

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Supaulजनसुनवाई में डीएम अभिषेक रंजन ने सुनीं 24 फरियादें, समयसीमा में निष्पादन के सख्त निर्देश; लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

Madhepura। आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं को बेहद गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ सुना।

इस दौरान भूमि विवाद, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यशैली से जुड़ी कुल 24 याचिकाएं जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गईं। डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध, पारदर्शी और न्यायसंगत कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

Madhepura News: जनसुनवाई के प्रमुख बिंदु और निर्देश

  • 24 जनसमस्याओं पर त्वरित संज्ञान: जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि विवाद के लंबित मामलों, पेंशन योजनाओं में देरी, अंचल कार्यालयों से जुड़ी शिकायतों और ग्रामीण विकास की योजनाओं में आ रही अड़चनों से संबंधित 24 आवेदन प्राप्त हुए। डीएम ने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अंचलाधिकारी (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और विभागीय अधिकारियों को फोन कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली और तत्काल गति प्रदान करने को कहा।

  • समयसीमा के भीतर निष्पादन अनिवार्य: जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने सभी अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को सख्त ताकीद करते हुए कहा कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक आवेदन का निस्तारण एक निर्धारित समयावधि के भीतर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पादन की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, न्यायसंगत और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

  • लापरवाही पर मिलेगी कड़ी सजा: डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब, ढिलाई या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की टेबल पर फाइलें अनावश्यक रूप से लंबित पाई गईं, तो संबंधित के खिलाफ सख्त प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Madhepura News: ‘जनसुनवाई से मजबूत होता है जनता का विश्वास’

संबोधन के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि यह जिला प्रशासन और आम जनता के बीच सीधे संवाद का सबसे सशक्त और प्रभावी माध्यम है। जब पीड़ित व्यक्ति सीधे प्रशासनिक प्रमुख के सामने अपनी बात रखता है और उस पर त्वरित कार्रवाई होती है, तो इससे सरकारी तंत्र के प्रति आम लोगों का भरोसा और विश्वास मजबूत होता है।

उन्होंने सभी अधीनस्थ अधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने कार्यालयों में भी जनता से मिलने का समय निर्धारित करें और आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और पूरी तरह जवाबदेह होकर कार्य संस्कृति को बढ़ावा दें।

Madhepura News: सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण पर जोर

जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने दोहराया कि वर्तमान में जिला प्रशासन सुशासन, पूर्ण पारदर्शिता और जनकल्याण की भावना को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रहा है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक बिना किसी अड़चन के पहुंचे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन का मुख्य दायित्व है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर खानापूर्ति के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि धरातल पर आवेदक को वास्तविक न्याय और राहत मिलनी चाहिए। जनसुनवाई में प्राप्त सभी 24 आवेदनों को संबंधित विभागों में आधिकारिक मॉनिटरिंग के साथ भेज दिया गया है और अधिकारियों से कृत कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है।

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DIG का निरीक्षण टलने के बाद सदर थाना पहुंचे Saharsa SP: लंबित कांडों की समीक्षा, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देश

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DIG का निरीक्षण टलने के बाद सदर थाना पहुंचे Saharsa SP:

सहरसा। कोसी क्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष का सदर थाने में प्रस्तावित निरीक्षण कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित होने के बाद पुलिस अधीक्षक (Saharsa SP) विक्रम सिहाग स्वयं सदर थाना पहुंचे।

एसपी ने थाना परिसर में पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक गहन समीक्षा बैठक की और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, अनुसंधान की गुणवत्ता व विधि-व्यवस्था को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।

Saharsa SP: लंबित मामलों के निष्पादन और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी पर जोर

एसपी ने थाना क्षेत्र के आपराधिक मामलों और अनुसंधानों की वर्तमान प्रगति की विस्तृत समीक्षा की:

  • वारंट व कुर्की जब्ती: लंबे समय से लंबित वारंटों के निष्पादन और फरार अभियुक्तों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आदेश दिया गया।

  • समयबद्ध कार्रवाई: आम जनता की शिकायतों का निष्पक्ष व समयबद्ध निस्तारण करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी मामले की जांच में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं होगा।

  • क्वालिटी इन्वेस्टिगेशन: अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष बल दिया गया ताकि कोर्ट में मजबूत पैरवी सुनिश्चित हो सके।

Saharsa SP: थाना परिसर, मालखाना और अभिलेखों का औचक निरीक्षण

बैठक के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने सदर थाने के विभिन्न विंग्स का भौतिक निरीक्षण किया:

  • दस्तावेजों का रख-रखाव: मालखाना, हाजत, शस्त्रागार और कार्यालयीन अभिलेखों की स्थिति देखकर रिकॉर्ड्स को हमेशा अपडेट और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

  • पारदर्शिता व स्वच्छता: थाना परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और प्रशासनिक कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता बरतने को कहा गया।

Saharsa SP: रात्रि गश्ती और वाहन जांच तेज करने के आदेश

अपराध नियंत्रण और सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से एसपी ने मैदानी पुलिसिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए:

  • संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी और सघन वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया।

  • रात्रि गश्ती (Night Patrolling) को प्रभावी बनाने और आम नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर जनता का भरोसा जीतने पर जोर दिया गया।

 

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Supaul में कार से टकराई शराब लदी बाइक: 30 लीटर देसी शराब छोड़कर तस्कर फरार, वाहन जब्त

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Supaul में कार से टकराई शराब लदी बाइक: 30 लीटर देसी शराब छोड़कर तस्कर फरार, वाहन जब्त

छातापुर (Supaul )। मुख्यालय स्थित बजरंग चौक के समीप स्टेट हाईवे-91 (SH-91) पर शुक्रवार रात शराब से लदी एक बाइक और कार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद कार चालक और बाइक सवार दोनों तस्कर मौके पर ही क्षतिग्रस्त बाइक और शराब की खेप छोड़कर फरार हो गए।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से 30 लीटर देसी चुलाई शराब और बिना नंबर प्लेट की बाइक जब्त कर ली।

Supaul  Crime: बजरंग चौक पर SH-91 चढ़ते वक्त हुई टक्कर

जानकारी के अनुसार, दो युवक नरहैया की ओर से बाइक पर देसी शराब की खेप लादकर छातापुर की तरफ आ रहे थे:

  • नशे में थे सवार: बताया जा रहा है कि बाइक सवार नशे की हालत में थे और जैसे ही बजरंग चौक के पास SH-91 पर चढ़ने लगे, सामने से आ रही कार से उनकी सीधी टक्कर हो गई।

  • सड़क पर बिखरे पाउच: टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सड़क पर गिर गई और उस पर लदे शराब के कई पाउच फटकर सड़क पर बहने लगे।

  • मौके से भागे आरोपी: स्थानीय लोगों के जुटने से पहले ही कार चालक और दोनों बाइक सवार अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।

Supaul Crime: बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर बाइक, 30 लीटर शराब बरामद

थानाध्यक्ष प्रमोद झा के नेतृत्व में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की:

  • बरामदगी: पुलिस ने मौके से करीब 30 लीटर देसी चुलाई शराब और काले रंग की स्प्लेंडर बाइक को कब्जे में लिया।

  • पहचान में जुटी पुलिस: बाइक पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण चेसिस और इंजन नंबर के आधार पर वाहन मालिक की पहचान की जा रही है।

बाइक मालिक और अज्ञात सवारों पर प्राथमिकी दर्ज

थानाध्यक्ष प्रमोद झा ने बताया कि बाइक और उसके मालिक के खिलाफ मद्यनिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस खुफिया सूत्रों की मदद से फरार तस्करों और शराब के सप्लायर व रिसीवर के नेटवर्क की कड़ियां तलाशने में जुटी है।

 

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Madhepura में एनीमिया मुक्त भारत अभियान तेज: DM ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश, 1 सितंबर से NCD कैंपेन

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Madhepura में एनीमिया मुक्त भारत अभियान तेज: DM ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश, 1 सितंबर से NCD कैंपेन

Madhepura। जिले में एनीमिया (खून की कमी) की रोकथाम और गैर-संचारी रोगों (NCD) के नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति की जांच की गई और अधिकारियों को केवल कागजी आंकड़े जुटाने के बजाय धरातल पर शत-प्रतिशत परिणाम देने का सख्त निर्देश दिया गया।

Madhepura: स्क्रीनिंग से लेकर नियमित फॉलोअप तक पर जोर

डीएम ने स्पष्ट किया कि एनीमिया से निपटने के लिए केवल दवा वितरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी स्वास्थ्य प्रक्रिया को परिणामोन्मुख बनाना होगा:

  • समय पर पहचान: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्क्रीनिंग कर एनीमिया पीड़ितों की समय पर पहचान की जाएगी।

  • दवा व पोषण: आयरन-फोलिक एसिड (IFA) की निर्बाध आपूर्ति, वितरण और उचित पोषण परामर्श सुनिश्चित किया जाएगा।

  • मरीजों का फॉलोअप: उपचार के बाद मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि योजना का वास्तविक लाभ मिले।

Madhepura: 1 सितंबर से शुरू होगा NCD कैंपेन

बैठक में आगामी 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होने वाले गैर-संचारी रोग (NCD) अभियान की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई:

  • गंभीर बीमारियों की पहचान: डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की समय पूर्व स्क्रीनिंग की जाएगी।

  • जांच, उपचार व रेफरल: संभावित मरीजों की पहचान कर आवश्यक जांच, निःशुल्क दवाइयां और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफरल की व्यवस्था रहेगी।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मियों को आपसी समन्वय से समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी और संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

 

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