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Madhepura News: मधेपुरा में गूंजी किसानों की आवाज, कृषि संकट के कारण और निवारण पर गंभीर मंथन

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Madhepura News: मधेपुरा में हाल ही में किसानों की बदहाली और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को लेकर एक महत्वपूर्ण विमर्श हुआ। बिहार राज्य किसान सभा के तत्वावधान में वार्ड संख्या-2 स्थित मानव पुस्तकालय टीकेएसडीआर आश्रम में “किसान परेशान : कारण एवं निवारण” विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रोफेसर मणिभूषण वर्मा ने की और मंच संचालन ललन कुमार यादव द्वारा किया गया। परिचर्चा में वक्ताओं ने किसानों की वर्तमान स्थिति, सरकारी नीतियों और उनके अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

किसान: जीवन का आधार फिर भी सबसे अधिक उपेक्षित: Madhepura News

परिचर्चा की शुरुआत करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के जिला अध्यक्ष गणेश मानव ने बेहद मार्मिक बात कही। उन्होंने रेखांकित किया कि किसान मानव मात्र के जीवन रक्षक हैं, क्योंकि बिना अन्न के संसार में किसी भी व्यक्ति का जीवन संभव नहीं है। इसके बावजूद, आज देश का अन्नदाता और खेतिहर मजदूर अत्यंत दयनीय स्थिति में जीने को मजबूर हैं।

बैठक में यह चिंता जताई गई कि देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला एक बड़ा किसान परिवार आज खुद पौष्टिक भोजन, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। वक्ताओं ने इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

कृषि संकट के मुख्य कारण और चुनौतियाँ: Madhepura News

कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर आलोक कुमार, किसान नेता अशोक कुमार यादव, पन्नालाल यादव, साहित्यकार सियाराम यादव, मयंक पतंजलि यादव और प्रोफेसर सीताराम शर्मा सहित कई गणमान्य विचारकों ने कृषि संकट के मुख्य कारणों पर गंभीर मंथन किया:

  • लागत में वृद्धि और कम आय: किसानों की खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन उस अनुपात में उनकी आय नहीं बढ़ पा रही है।

  • प्राकृतिक आपदाओं की मार: मौसम की अनिश्चितता और प्राकृतिक आपदाएं किसानों की कमर तोड़ रही हैं।

  • योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी: सरकारी नीतियां और योजनाएं धरातल पर सही तरीके से लागू नहीं हो पा रही हैं, जिससे वास्तविक किसानों को उनका लाभ नहीं मिल पाता।

समाधान की राह: एकजुट संघर्ष और ठोस नीतियां: Madhepura News

परिचर्चा में शामिल सभी बुद्धिजीवियों और किसान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों की तकदीर केवल खोखले वादों से नहीं, बल्कि एक सुनियोजित बदलाव से बदलेगी। इसके लिए मुख्य रूप से दो समाधान सुझाए गए:

1. किसान हितैषी सरकारी नीतियां

वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ठोस, व्यावहारिक और किसान हितैषी नीतियां बनाई जाएं। योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचना चाहिए।

2. जाति-धर्म से ऊपर उठकर संगठित आंदोलन

किसानों की समस्याओं का सबसे बड़ा समाधान उनकी खुद की एकजुटता में है। वक्ताओं ने आह्वान किया कि जब तक किसान जाति, धर्म, भाषा और राजनीतिक विचारधाराओं की दीवारों को तोड़कर एकजुट नहीं होंगे, तब तक उन्हें उनका हक नहीं मिलेगा। अपने अधिकारों को पाने के लिए एक मजबूत और संगठित आंदोलन खड़ा करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

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Madhepura में एनीमिया मुक्त भारत अभियान तेज: DM ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश, 1 सितंबर से NCD कैंपेन

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Madhepura में एनीमिया मुक्त भारत अभियान तेज: DM ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश, 1 सितंबर से NCD कैंपेन

Madhepura। जिले में एनीमिया (खून की कमी) की रोकथाम और गैर-संचारी रोगों (NCD) के नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति की जांच की गई और अधिकारियों को केवल कागजी आंकड़े जुटाने के बजाय धरातल पर शत-प्रतिशत परिणाम देने का सख्त निर्देश दिया गया।

Madhepura: स्क्रीनिंग से लेकर नियमित फॉलोअप तक पर जोर

डीएम ने स्पष्ट किया कि एनीमिया से निपटने के लिए केवल दवा वितरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी स्वास्थ्य प्रक्रिया को परिणामोन्मुख बनाना होगा:

  • समय पर पहचान: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्क्रीनिंग कर एनीमिया पीड़ितों की समय पर पहचान की जाएगी।

  • दवा व पोषण: आयरन-फोलिक एसिड (IFA) की निर्बाध आपूर्ति, वितरण और उचित पोषण परामर्श सुनिश्चित किया जाएगा।

  • मरीजों का फॉलोअप: उपचार के बाद मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि योजना का वास्तविक लाभ मिले।

Madhepura: 1 सितंबर से शुरू होगा NCD कैंपेन

बैठक में आगामी 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होने वाले गैर-संचारी रोग (NCD) अभियान की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई:

  • गंभीर बीमारियों की पहचान: डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की समय पूर्व स्क्रीनिंग की जाएगी।

  • जांच, उपचार व रेफरल: संभावित मरीजों की पहचान कर आवश्यक जांच, निःशुल्क दवाइयां और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफरल की व्यवस्था रहेगी।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मियों को आपसी समन्वय से समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी और संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

 

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Madhepura में एक घंटे की बारिश से सरकारी स्कूल में भारी जलजमाव: गंदे पानी से होकर जाने को मजबूर हुए बच्चे

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Madhepura में एक घंटे की बारिश से सरकारी स्कूल में भारी जलजमाव

Madhepura प्रखंड मुख्यालय स्थित मध्य विद्यालय बालक में महज एक घंटे की तेज बारिश ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। गुरुवार को हुई बारिश के बाद विद्यालय परिसर और मुख्य रास्ते पर भारी जलजमाव हो गया, जिसके चलते छोटे-छोटे बच्चों को घुटने भर गंदे पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ा। पानी में संतुलन बिगड़ने के कारण कई बच्चों की यूनिफॉर्म और किताबों से भरे बैग भीग गए।

Madhepura : जलनिकासी के अभाव में हर बारिश में नारकीय हालात

विद्यालय परिसर में जलनिकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में भी तालाब जैसी स्थिति बन जाती है:

  • छात्र व अभिभावक परेशान: स्कूल पहुंचने के दौरान बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण और हादसों का खतरा बना रहता है।

  • किताबें और ड्रेस हुईं खराब: बारिश रुकने के बावजूद परिसर में पानी जमा रहने से दिनभर पठन-पाठन और आवागमन प्रभावित रहा।

Madhepura : बीआरसी और कस्तूरबा विद्यालय में भी भरा पानी

जलजमाव का यह संकट केवल मध्य विद्यालय तक ही सीमित नहीं है। प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) परिसर में भी पानी भर गया है। इसके बगल में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं को भी आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नई विकास राशि मिलने पर होगी मिट्टी भराई: प्रधानाध्यापक

विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुमार संजय प्रताप ने बताया कि पिछले वर्ष विकास मद की राशि खर्च हो चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में नई राशि आवंटित होते ही विद्यालय परिसर में मिट्टी भराई कराई जाएगी और जलजमाव से निजात पाने के लिए पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे, ताकि परिसर को ऊंचा कर सुरक्षित रास्ता तैयार किया जा सके।

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Bihar News: मधेपुरा के नवोदय विद्यालय में AI और रोबोटिक्स वर्कशॉप, 25 छात्रों को मिला सर्टिफिकेट, 5 मेडल से सम्मानित

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Bihar News: जिले के सुखासन स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से रूबरू कराने के उद्देश्य से रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट होम ऑटोमेशन पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। एलन (ALLEN) पूर्णिया के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों ने भविष्य की तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग को समझा और हैंड्स-ऑन गतिविधियों में भाग लिया।

स्मार्ट होम ऑटोमेशन और AI के व्यावहारिक इस्तेमाल की दी गई सीख कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को तकनीक के दैनिक जीवन और उद्योगों में बढ़ते प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया:

  • स्मार्ट तकनीक की समझ: छात्रों को ऑटोमेशन और सेंसर आधारित तकनीकों के जरिए घरेलू उपकरणों के स्वतः संचालन की कार्यप्रणाली समझाई गई।

  • वैज्ञानिक सोच का विकास: रोबोटिक्स और AI के जरिए समस्याओं के समाधान और कोडिंग लॉजिक से विद्यार्थियों को परिचित कराया गया, जिससे उनमें नवाचार और रचनात्मकता की भावना को बढ़ावा मिले।

उत्कृष्ट प्रदर्शन पर 25 विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र, 5 को मेडल तकनीकी गतिविधियों और सत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 25 विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि उत्कृष्ट नवाचार और प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने वाले 5 मेधावी छात्रों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।

भविष्य की तकनीक से जुड़ना समय की मांग: प्राचार्य विद्यालय के प्राचार्य आर.एन. ठाकुर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पारंपरिक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को तकनीकी नवाचार से जोड़ना उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम में एलन पूर्णिया के एडमिन हेड श्रवण कुमार, असिस्टेंट मैनेजर अमित कुमार, अटल टिंकरिंग लैब (ATL) प्रभारी डॉ. सीमा भारद्वाज और अटल फैसिलिटेटर आकांक्षा रानी सहित विद्यालय के शिक्षक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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