Connect with us

Crime

Pappu Yadav Arrested: 31 साल पुराना कौन सा मामला है? जिसमें आधी रात को गिरफ्तार हो गए सांसद पप्पू यादव

Published

on

Pappu Yadav Arrested

Pappu Yadav 31 Years Old Case: बिहार की सियासत में शुक्रवार (6 फरवरी) की आधी रात को बड़ा ड्रामा देखने को मिला. पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक केस में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को आधी रात को गिरफ्तार कर लिया है. उनकी गिरफ्तारी ने सत्ता के गलियारों में सरगर्मी बढ़ा दिया है. पुलिस जब पप्पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंची तो उनके समर्थकों ने जमकर बवाल काटा. सांसद समर्थकों की नारेबाजी के बावजूद पटना पुलिस पीछे नहीं हटी और पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया. देर रात को ही सांसद पप्पू यादव का मेडिकल कराया गया. इस दौरान पप्पू यादव की तरफ से तबीयत खराब होने की बात कही गई, लेकिन पुलिस के आला अधिकारी नहीं

जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव को आज (शनिवार, 7 फरवरी) को अदालत में पेश किया जाएगा. गिरफ्तारी के दौरान सांसद ने कहा कि मैं संसद सत्र में भाग लेकर लौटा हूं। मुझे अदालत के समन की जानकारी है और मैं कल पेश होऊंगा, लेकिन कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में आए हैं और वे दुर्व्यवहार कर रहे हैं.

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि मैं राज्य सरकार के खिलाफ बोल रहा हूं, इसलिए मुझे निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने शासन-प्रशासन को चैलेंज करते हुए आगे कहा कि जेल भेजो या फांसी दो पप्पू रुकेगा नहीं.

क्या है 31 साल पुराना मामला?

बता दें कि साल 1995 में विनोद बिहारी लाल ने पटना के गर्दनीबाग थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें उन्होंने कहा था कि पप्पू यादव ने धोखाधड़ी से उनका मकान किराए पर लिया और उसमें अपना कर्यालय खोल लिया. विनोद बिहारी लाल ने कहा था कि पप्पू यादव ने घर को पर्सनल यूज के लिए लिया था, लेकिन उसे राजनीतिक कार्यालय बना लिया. उन्होंने कहा कि मकान लेते वक्त इस तथ्य को छिपाया गया था.

इस मामले में पप्पू यादव के खिलाफ धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120B के तहत मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में अदालत की ओर से सांसद को समन जारी करके पेश होने को कहा गया था. बार-बार समन जारी होने के बावजूद पप्पू यादव कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे. इसके बाद पटना की एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ वारंट और संपत्ति कुर्की के आदेश जारी किए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है.

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Bihar

Triveniganj में अवैध विजय अल्ट्रासाउंड सेंटर सील, संचालक फरार

Published

on

triveniganj

त्रिवेणीगंज (सुपौल): सुपौल जिले के Triveniganj  अनुमंडल क्षेत्र में अवैध रूप से कुकुरमुत्ते की तरह फल-फूल रहे निजी क्लीनिकों और पैथोलॉजी-अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अपना कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

इसी क्रम में मंगलवार की शाम अनुमंडलीय अस्पताल चौक स्थित ‘विजय अल्ट्रासाउंड सेंटर’ पर औचक छापेमारी की गई। जांच के दौरान केंद्र संचालन से जुड़ा कोई भी वैध निबंधन (रजिस्ट्रेशन) अथवा अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। मौके से मुख्य संचालक भी फरार पाया गया, जिसके बाद जांच दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे सेंटर को सील कर दिया।

Triveniganj  Crime: औचक निरीक्षण में न मिले कागजात, न मिले विशेषज्ञ डॉक्टर

मंगलवार देर शाम अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम ने अस्पताल चौक पर अचानक दबिश दी। इस छापेमारी दल में स्वास्थ्य प्रबंधक एस. अदीब अहमद के साथ स्थानीय पुलिस बल के जवान भी तैनात थे।

जांच टीम के पहुंचते ही अल्ट्रासाउंड केंद्र पर अफरा-तफरी मच गई और मुख्य संचालक मौके से खिसक गया। जांच दल ने जब परिसर में मौजूद संचालक के भाई से पीसीपीएनडीटी (PNDT) एक्ट के तहत अनिवार्य निबंधन, वैध कागजात और योग्यता प्रमाण पत्र मांगे, तो वह कोई भी दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहा। इसके अलावा सेंटर में कोई रेडियोलॉजिस्ट या विशेषज्ञ चिकित्सक भी उपस्थित नहीं था, जिसके अभाव में अल्ट्रासाउंड जांच का संचालन पूरी तरह गैरकानूनी है।

Triveniganj  News: लंबे समय से चल रहा था खेल, बोर्ड लगाकर हो रहा था गुमराह

स्थानीय सूत्रों के अनुसार विजय अल्ट्रासाउंड सेंटर काफी समय से अनुमंडलीय अस्पताल के ठीक सामने धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था। बाहर बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर अत्याधुनिक और उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं का दावा कर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले भोले-भाले मरीजों को आकर्षित किया जाता था।

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सेंटर नियमों को ताक पर रखकर अप्रशिक्षित कर्मियों के सहारे चलाया जा रहा था। गंभीर अनियमितताओं और मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खुले खिलवाड़ को देखते हुए अधिकारियों ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार को सील कर दिया।

उपाधीक्षक का बयान: दर्ज होगी प्राथमिकी, जारी रहेगा अभियान

कार्रवाई के संबंध में अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान विजय अल्ट्रासाउंड सेंटर का कोई वैध रिकॉर्ड नहीं मिला। न तो संचालक उपस्थित था और न ही कोई अधिकृत डॉक्टर। प्रथम दृष्टया अवैध पाए जाने पर सेंटर को सील कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट वरीय अधिकारियों और सिविल सर्जन को भेजी जा रही है, जिसके आधार पर संबंधित संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फर्जी क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालकों में फैली बेचैनी

स्वास्थ्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद त्रिवेणीगंज और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से चल रहे निजी नर्सिंग होम, जांच केंद्रों और झोलाछाप चिकित्सकों में हड़कंप मच गया है। कई संचालक अपनी दुकानों के शटर गिराकर भूमिगत हो गए हैं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए मांग की है कि यह अभियान केवल सील करने तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध स्वास्थ्य माफियाओं के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमे दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए।

 

यह भी पढ़े: Supaul: SH-91 पर बाइक सवार युवक को टक्कर मार अगवा किया, ग्रामीणों पर 4 राउंड फायरिंग

 

यह भी पढ़े: सीएम हेमंत सोरेन ने अनुसेवक अंगद महतो को दी भावभीनी विदाई

 

Continue Reading

Madhepura

 Madhepura Crime News: मधेपुरा में सनसनीखेज वारदात, लापता किशोरी की हत्या का अंदेशा, शव छिपाने के आरोप में मां-बहन समेत कई हिरासत में

Published

on

 Madhepura Crime News
Madhepura Crime News: बिहार के मधेपुरा जिला अंतर्गत शंकरपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बेहरारी पंचायत के वार्ड नंबर 4 स्थित गौररहा गांव की एक नाबालिग किशोरी के संदिग्ध हालात में लापता होने के बाद अब उसकी हत्या और साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव गायब किए जाने की आशंका गहरा गई है। पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मृतका की मां और बहन समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।

घास लाने गई थी खेत, घर नहीं लौटने पर पिता ने दी थी अर्जी: Madhepura Crime News

गौररहा गांव के निवासी दिनेश यादव ने शंकरपुर थाने में लिखित सूचना दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी मवेशियों के लिए घास लाने खेत गई थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों की ओर से खोजबीन की गुहार लगाने के बाद पुलिस ने औपचारिक जांच शुरू की।

परिजनों के बयानों में विरोधाभास, मां और बहन से पूछताछ: Madhepura Crime News

पुलिस द्वारा जब परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ की गई, तो उनके बयानों में भारी विसंगतियां पाई गईं। थानाध्यक्ष राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने कड़ाई से तफ्तीश की, जिसके बाद किशोरी की मां, बहन और कुछ अन्य संबंधियों को हिरासत में ले लिया गया। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कथित तौर पर यह बात सामने आई है कि सात अक्टूबर की रात ही किशोरी की हत्या कर दी गई थी और शव को ठिकाने लगा दिया गया।

धान के खेतों और नदी में तलाश, पिता हुआ फरार: Madhepura Crime News

जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस दल ने गौररहा गांव से सटी नदी और आस-पास के धान के खेतों में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, देर शाम तक शव का कोई सुराग नहीं मिल सका। इस बीच, शिकायत दर्ज कराने वाला पिता दिनेश यादव अचानक फरार हो गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

थानाध्यक्ष का बयान

थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि यह प्रकरण अत्यंत संवेदनशील है। हिरासत में लिए गए लोगों से निरंतर पूछताछ जारी है। जब तक शव बरामद नहीं हो जाता और ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लग जाते, तब तक घटना के मुख्य कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती। पुलिस सभी तकनीकी व प्रत्यक्ष पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।

ये भी पढ़े: Madhepura News: सिंहेश्वर धाम को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक कॉरिडोर से जोड़ने और मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था सुधारने की मांग

Continue Reading

Bihar

Darbhanga Crime News: बिरौल के चमेली देवी हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई तेज, आधा दर्जन संदिग्ध हिरासत में; कई ठिकानों पर छापेमारी

Published

on

Darbhanga Crime News

Darbhanga Crime News: दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र अंतर्गत सहसराम गांव में हुई चमेली देवी की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन ने तफ्तीश तेज कर दी है। गला रेतकर की गई इस वारदात के बाद इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी ने खुद कमान संभाल ली है और पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

ग्रामीण एसपी ने बिरौल थाने पहुंचकर की समीक्षा, एसआईटी गठित: Darbhanga Crime News

वारदात की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक साक्षी कुमारी ने बिरौल थाने का दौरा किया और जांच दल के साथ समीक्षा बैठक की।

  • विशेष जांच दल (SIT): हत्याकांड के खुलासे के लिए एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है।

  • रणनीति और निर्देश: ग्रामीण एसपी ने अधिकारियों को वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाने तथा सभी संभावित पहलुओं की गहन पड़ताल करने का निर्देश दिया।

लूट के दौरान पहचान उजागर होने पर हत्या की आशंका: Darbhanga Crime News

पुलिस की शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आ रही है कि वारदात के पीछे लूट या चोरी की मंशा हो सकती है:

  • आशंका जताई जा रही है कि अपराधी चोरी की नीयत से घर में दाखिल हुए थे।

  • आहट होने पर चमेली देवी की नींद खुल गई और उन्होंने किसी अपराधी को पहचान लिया।

  • पहचान उजागर होने के डर से अपराधियों ने धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक बिंदु है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

वैज्ञानिक व फोरेंसिक जांच, आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ: Darbhanga Crime News

एसआईटी मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर संभव तकनीकी साधन का सहारा ले रही है:

  • तकनीकी साक्ष्य: घटना स्थल के आसपास के मोबाइल टावर डंप डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की जा रही है।

  • फोरेंसिक टीम: घटनास्थल से उठाए गए फिंगरप्रिंट और फोरेंसिक नमूनों का विश्लेषण किया जा रहा है।

  • हिरासत और छापेमारी: शनिवार रात से लेकर रविवार दोपहर तक आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई है। उनसे मिले इनपुट के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस का दावा: अहम सुराग हाथ लगे, जल्द होगा खुलासा

बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि जांच दल को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस टीम संदिग्धों के आपराधिक इतिहास और घटना में उनकी संलिप्तता की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले का पर्दाफाश कर मुख्य अभियुक्तों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

ये भी पढ़े: दरभंगा की बेटी Bhawana Kanth ने फिर रचा इतिहास: FCL कोर्स पूरा करने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं

Continue Reading

Trending

© Copyright 2026, All Rights Reserved | Koshi Samachar