Connect with us

Bihar

सहरसा सिमराहा गोलीकांड का खुलासा: जमीन विवाद में रची गई साजिश

Published

on

सहरसा सिमराहा गोलीकांड का खुलासा: जमीन विवाद में रची गई साजिश, 13 साल के मासूम की हत्या; 9 आरोपी गिरफ्तार

सहरसा: सहरसा के सदर थाना क्षेत्र स्थित सिमराहा चौक के पास 18 फरवरी को हुए 13 वर्षीय मासूम अंकित आनंद की गोली मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह हत्या पारिवारिक विवाद और जमीन को लेकर चली आ रही रंजिश का परिणाम थी।

इस मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता राजीव कुमार उर्फ बौआ ठाकुर समेत अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूरे मामले का खुलासा सहरसा के पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने प्रेस वार्ता में किया।

पत्नी के विवाद से शुरू हुई साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी राजीव कुमार का अपनी पत्नी के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद में उसकी पत्नी के रिश्तेदार अनुज कुमार निराला लगातार हस्तक्षेप करते थे, जिससे राजीव नाराज था।

इसी नाराजगी के चलते राजीव ने अपने भाई रंजन ठाकुर के साथ मिलकर अनुज को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

सुपारी देकर हत्या की रची योजना

साजिश को अंजाम देने के लिए राजीव ने अपने पड़ोसी पारस ठाकुर से संपर्क किया। पारस का भी अनुज से रास्ते को लेकर पुराना विवाद था।

रंजिश और पैसों के लालच में पारस ने अपने साथी पवन ठाकुर के साथ मिलकर अनुज की हत्या की सुपारी ले ली।

जांच के दौरान पुलिस ने 3 मार्च को पारस ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया था।

चार महीने तक की गई रेकी

पुलिस के मुताबिक पवन ठाकुर और उसके साथियों का भी अनुज से पोखर की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।

सुपारी मिलने के बाद आरोपियों ने करीब चार महीने तक अनुज की गतिविधियों पर नजर रखी, लेकिन उन्हें हत्या का सही मौका नहीं मिल सका।

इसके बाद मुख्य साजिशकर्ता राजीव ने निर्देश दिया कि अनुज को नुकसान पहुंचाने के लिए उसके परिवार के किसी सदस्य को निशाना बनाया जाए।

मासूम बच्चे को बनाया निशाना

इसी साजिश के तहत आरोपियों ने 13 वर्षीय अंकित आनंद को गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

SIT की जांच में खुला पूरा मामला

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।

SIT ने

  • सीसीटीवी फुटेज

  • तकनीकी सर्विलांस

  • इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य

  • जिला आसूचना इकाई की जानकारी

की मदद से पूरे हत्याकांड का खुलासा किया।

पिता ने पुलिस का जताया आभार

मृतक अंकित आनंद के पिता अनुज कुमार निराला, जो पेशे से सहरसा सिविल कोर्ट में अधिवक्ता हैं, ने मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक हिमांशु, हेडक्वार्टर डीएसपी धीरेंद्र कुमार पांडे, सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार और अनुसंधानकर्ता जितेंद्र ठाकुर की टीम ने कम समय में मामले की गुत्थी सुलझा दी।

चचेरे भाई ने रची थी साजिश

अनुज निराला ने बताया कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड उनका चचेरा भतीजा राजीव कुमार ठाकुर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी से विवाद के कारण राजीव उन्हें दुश्मन मानने लगा था और उनकी हत्या की सुपारी दी गई थी। जब वह इसमें असफल रहा, तो उनके बेटे को निशाना बनाकर उसकी हत्या कर दी गई।

पुलिस फिलहाल इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

Bihar

मधेपुरा में वज्रपात से पोल्ट्री फार्म में भीषण आग, 4000 मुर्गों की मौत; लाखों का नुकसान

Published

on

मधेपुरा में वज्रपात से पोल्ट्री फार्म में भीषण आग, 4000 मुर्गों की मौत; लाखों का नुकसान

मधेपुरा: जिले के सुखासन गांव में शुक्रवार देर रात वज्रपात से एक पोल्ट्री फार्म में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में करीब 4000 मुर्गों की जलकर मौत हो गई, जबकि फार्म में रखा सारा सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है।


बिजली गिरते ही आग ने लिया विकराल रूप

जानकारी के अनुसार, सुखासन निवासी नीरज कुमार सिंह के पोल्ट्री फार्म पर अचानक बिजली गिरने से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे फार्म को अपनी चपेट में ले लिया।

इस दौरान फार्म में रखा

  • अनाज
  • तराजू
  • पंखे
  • फीडर
  • अन्य उपकरण

सभी जलकर राख हो गए।


कर्ज लेकर शुरू किया था व्यवसाय, सब कुछ बर्बाद

पीड़ित नीरज कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष फरवरी में स्वयं सहायता समूह से करीब 1.5 लाख रुपये का लोन लेकर इस व्यवसाय की शुरुआत की थी।

उन्होंने कहा कि पहले ही बर्ड फ्लू की आशंका से कारोबार प्रभावित था, और अब इस हादसे ने पूरी तरह से उनकी कमर तोड़ दी है।

इस अग्निकांड में उन्हें करीब 5 से 6 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।


आसपास के घरों में भी असर

स्थानीय मुखिया बौआ सिंह के अनुसार, वज्रपात इतना तेज था कि आसपास के कई घरों में

  • फ्रिज
  • पंखे
  • मोबाइल चार्जर
  • इनवर्टर

जैसे बिजली उपकरण भी खराब हो गए।

इसके अलावा इलाके में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ी।


प्रशासन से मुआवजे की मांग

घटना की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मामले को उठाया है।

पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।

नीरज कुमार सिंह का कहना है कि कर्ज लेकर शुरू किया गया उनका यह व्यवसाय पूरी तरह नष्ट हो गया है और अब परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

Continue Reading

Bihar

सुपौल में ईद का जश्न: मस्जिदों-ईदगाहों में उमड़ी भीड़, गले मिलकर बांटी खुशियां

Published

on

सुपौल में ईद का जश्न: मस्जिदों-ईदगाहों में उमड़ी भीड़, गले मिलकर बांटी खुशियां

सुपौल: जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।


ईदगाह में अकीदत के साथ अदा की गई नमाज

शहर के प्रमुख ईदगाह परिसर में बड़ी संख्या में अकीदतमंद एकत्र हुए और सामूहिक रूप से नमाज अदा की।

नमाज के दौरान देश और दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर त्योहार की खुशियां साझा कीं।


प्रशासन रहा अलर्ट, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

ईद के मौके पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।

  • ईदगाह और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती
  • अधिकारियों द्वारा मौके पर निगरानी
  • सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम

इन सबके चलते त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।


गांव-गांव में दिखा उत्साह, सेवइयों की मिठास

ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईद का जश्न पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। लोग एक-दूसरे के घर जाकर सेवइयों और मिठाइयों का आनंद लेते नजर आए।

इस दौरान समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।


सौहार्द और एकता का प्रतीक बना पर्व

सुपौल में ईद का त्योहार सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी प्रेम का प्रतीक बनकर सामने आया।

हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने मिलकर इस खास दिन को यादगार बनाया और भाईचारे की मिसाल पेश की।

Continue Reading

Uncategorized

सहरसा में आंधी-बारिश से फसलें बर्बाद, मक्का और गेहूं को भारी नुकसान; मुआवजे की मांग तेज

Published

on

सहरसा में आंधी-बारिश से फसलें बर्बाद, मक्का और गेहूं को भारी नुकसान; मुआवजे की मांग तेज

सहरसा: जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी है। तेज आंधी और बेमौसम बारिश के कारण मक्का और गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सहरसा के साथ-साथ सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ, बनमा ईटहरी, सत्तरकटैया और सोनवर्षाराज प्रखंडों में भी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।


खेतों में बिछ गई फसल, उत्पादन पर संकट

तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी मक्के की फसल टूटकर जमीन पर गिर गई, जबकि कटाई के लिए तैयार गेहूं भी आंधी-पानी की चपेट में आ गया।

इस नुकसान से कृषि उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।


ग्रामीण इलाकों में भी नुकसान

केवल फसल ही नहीं, बल्कि कई ग्रामीण इलाकों में टांट-फूस के घर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


किसानों का दर्द: “कटाई से पहले सब बर्बाद”

इस प्राकृतिक आपदा से किसानों में भारी नाराजगी और निराशा है।

  • सलखुआ के किसान मुरारी यादव ने कहा, “पीला सोना कही जाने वाली मक्का पूरी तरह बर्बाद हो गई।”
  • सिमरी बख्तियारपुर के आनंदी कुशवाहा बोले, “कुछ ही दिनों में गेहूं की कटाई होने वाली थी, लेकिन अब पूरी फसल खेत में गिर गई।”
  • बनमा ईटहरी के शंकर यादव ने इसे किसानों के लिए बड़ी आपदा बताया
  • सत्तरकटैया के अर्जुन चौधरी ने कहा कि सरकारी मुआवजा नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं होगा

मुआवजे और सर्वे की मांग

किसानों ने सरकार से मांग की है कि

  • तुरंत फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए
  • प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए

कृषि विभाग ने शुरू किया आकलन

कृषि विभाग के अनुसार:

  • जिले में करीब 45 हजार हेक्टेयर में मक्का
  • और 48 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है

जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है और रिपोर्ट जल्द ही राज्य सरकार को भेजी जाएगी।


उत्पादन घटने की आशंका

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बेमौसम बारिश और तेज आंधी से जिले में कृषि उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है, जिसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा।


👉 फिलहाल किसान प्रशासन से राहत और मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि इस आपदा से हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सके।

Continue Reading

Trending

© Copyright 2026, All Rights Reserved | Koshi Samachar