Bihar
Supaul-दरभंगा एनएच: बेरिया-मरौना-मधेपुर होकर गुजरेगा नया हाईवे, DPR को मिली मंजूरी
Supaul। सुपौल और दरभंगा के बीच बेहतर सड़क संपर्क की वर्षों पुरानी मांग अब जल्द ही धरातल पर उतरने वाली है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सुपौल के बेरिया से मरौना और मधुबनी जिले के मधेपुर होते हुए दरभंगा तक प्रस्तावित नए राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की हरी झंडी दे दी है। इस नए हाईवे के बनने से उत्तर बिहार के कई जिलों की तस्वीर बदलेगी और लाखों लोगों का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
Supaul: केंद्रीय मंत्रालय ने NHAI को जारी किया निर्देश
बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने 7 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को इस परियोजना पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
परिवहन भवन, नई दिल्ली से जारी पत्र संख्या एनएच 14012/10/2026 पी एंड एम के मुताबिक, भारत सरकार के अवर सचिव जया प्रकाश ने एनएचएआई के अध्यक्ष को सूचित किया है कि सक्षम प्राधिकारी ने इस प्रस्तावित नेशनल हाईवे खंड के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया को अपनी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही मंत्रालय ने एनएचएआई से इस सड़क की व्यवहार्यता (Fasibility) रिपोर्ट भी जल्द से जल्द मांगी है, ताकि वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति की आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
Supaul: सीमांचल और मिथिलांचल के बीच मजबूत होगा जुड़ाव
इस नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से क्षेत्र को कई बड़े फायदे होंगे:
-
सुगम और तेज यातायात: सुपौल, मधेपुर और दरभंगा के बीच की दूरी और समय दोनों में भारी कमी आएगी।
-
चौमुखी विकास: बेहतर कनेक्टिविटी होने से उत्तर बिहार में व्यापार, कृषि, उच्च शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन को एक नई रफ्तार मिलेगी।
-
क्षेत्रीय एकता: सीमांचल और मिथिलांचल के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने से आपसी व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।
विधानसभा चुनाव में उपमुख्यमंत्री ने की थी मांग
इस सड़क परियोजना की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए बताया गया कि विधानसभा चुनाव के दौरान सुपौल के गांधी मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने इस हाईवे के निर्माण की मांग प्रमुखता से रखी थी। उस दौरान केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया था कि चुनाव संपन्न होने के बाद इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। अब मंत्रालय द्वारा जारी यह आदेश उसी चुनावी घोषणा को पूरा करने की दिशा में पहला बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
अगले चरण में क्या होगा?
फिलहाल यह परियोजना अपने शुरुआती चरण (डीपीआर और व्यवहार्यता अध्ययन) में है। एनएचएआई की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इस नए राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई, वास्तविक रूपरेखा, संभावित निर्माण लागत, आवश्यक भूमि अधिग्रहण और इसके निर्माण की समयसीमा तय की जाएगी। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा अंतिम बजट आवंटित कर टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता ने केंद्र और राज्य सरकार के इस फैसले का गर्मजोशी से स्वागत किया है।
यह भी पढ़े: Saharsa: सड़क निर्माण में अड़ंगा, रास्ता खाली कराने के लिए डीएम से गुहार
Bihar
DIG का निरीक्षण टलने के बाद सदर थाना पहुंचे Saharsa SP: लंबित कांडों की समीक्षा, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देश
सहरसा। कोसी क्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष का सदर थाने में प्रस्तावित निरीक्षण कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित होने के बाद पुलिस अधीक्षक (Saharsa SP) विक्रम सिहाग स्वयं सदर थाना पहुंचे।
एसपी ने थाना परिसर में पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक गहन समीक्षा बैठक की और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, अनुसंधान की गुणवत्ता व विधि-व्यवस्था को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
Saharsa SP: लंबित मामलों के निष्पादन और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी पर जोर
एसपी ने थाना क्षेत्र के आपराधिक मामलों और अनुसंधानों की वर्तमान प्रगति की विस्तृत समीक्षा की:
-
वारंट व कुर्की जब्ती: लंबे समय से लंबित वारंटों के निष्पादन और फरार अभियुक्तों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आदेश दिया गया।
-
समयबद्ध कार्रवाई: आम जनता की शिकायतों का निष्पक्ष व समयबद्ध निस्तारण करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी मामले की जांच में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं होगा।
-
क्वालिटी इन्वेस्टिगेशन: अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष बल दिया गया ताकि कोर्ट में मजबूत पैरवी सुनिश्चित हो सके।
Saharsa SP: थाना परिसर, मालखाना और अभिलेखों का औचक निरीक्षण
बैठक के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने सदर थाने के विभिन्न विंग्स का भौतिक निरीक्षण किया:
-
दस्तावेजों का रख-रखाव: मालखाना, हाजत, शस्त्रागार और कार्यालयीन अभिलेखों की स्थिति देखकर रिकॉर्ड्स को हमेशा अपडेट और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
-
पारदर्शिता व स्वच्छता: थाना परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और प्रशासनिक कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता बरतने को कहा गया।
Saharsa SP: रात्रि गश्ती और वाहन जांच तेज करने के आदेश
अपराध नियंत्रण और सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से एसपी ने मैदानी पुलिसिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए:
-
संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी और सघन वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया।
-
रात्रि गश्ती (Night Patrolling) को प्रभावी बनाने और आम नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर जनता का भरोसा जीतने पर जोर दिया गया।
यह भी पढ़े: Supaul के प्रतापगंज PHC में मुफ्त प्रसव के नाम पर वसूली: दो ANM पर ₹1400 ऐंठने का आरोप, जांच शुरू
Bihar
Supaul में कार से टकराई शराब लदी बाइक: 30 लीटर देसी शराब छोड़कर तस्कर फरार, वाहन जब्त
छातापुर (Supaul )। मुख्यालय स्थित बजरंग चौक के समीप स्टेट हाईवे-91 (SH-91) पर शुक्रवार रात शराब से लदी एक बाइक और कार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद कार चालक और बाइक सवार दोनों तस्कर मौके पर ही क्षतिग्रस्त बाइक और शराब की खेप छोड़कर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से 30 लीटर देसी चुलाई शराब और बिना नंबर प्लेट की बाइक जब्त कर ली।
Supaul Crime: बजरंग चौक पर SH-91 चढ़ते वक्त हुई टक्कर
जानकारी के अनुसार, दो युवक नरहैया की ओर से बाइक पर देसी शराब की खेप लादकर छातापुर की तरफ आ रहे थे:
-
नशे में थे सवार: बताया जा रहा है कि बाइक सवार नशे की हालत में थे और जैसे ही बजरंग चौक के पास SH-91 पर चढ़ने लगे, सामने से आ रही कार से उनकी सीधी टक्कर हो गई।
-
सड़क पर बिखरे पाउच: टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सड़क पर गिर गई और उस पर लदे शराब के कई पाउच फटकर सड़क पर बहने लगे।
-
मौके से भागे आरोपी: स्थानीय लोगों के जुटने से पहले ही कार चालक और दोनों बाइक सवार अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।
Supaul Crime: बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर बाइक, 30 लीटर शराब बरामद
थानाध्यक्ष प्रमोद झा के नेतृत्व में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की:
-
बरामदगी: पुलिस ने मौके से करीब 30 लीटर देसी चुलाई शराब और काले रंग की स्प्लेंडर बाइक को कब्जे में लिया।
-
पहचान में जुटी पुलिस: बाइक पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण चेसिस और इंजन नंबर के आधार पर वाहन मालिक की पहचान की जा रही है।
बाइक मालिक और अज्ञात सवारों पर प्राथमिकी दर्ज
थानाध्यक्ष प्रमोद झा ने बताया कि बाइक और उसके मालिक के खिलाफ मद्यनिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस खुफिया सूत्रों की मदद से फरार तस्करों और शराब के सप्लायर व रिसीवर के नेटवर्क की कड़ियां तलाशने में जुटी है।
यह भी पढ़े: Supaul के प्रतापगंज PHC में मुफ्त प्रसव के नाम पर वसूली: दो ANM पर ₹1400 ऐंठने का आरोप, जांच शुरू
Bihar
Madhepura में एनीमिया मुक्त भारत अभियान तेज: DM ने दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश, 1 सितंबर से NCD कैंपेन
Madhepura। जिले में एनीमिया (खून की कमी) की रोकथाम और गैर-संचारी रोगों (NCD) के नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति की जांच की गई और अधिकारियों को केवल कागजी आंकड़े जुटाने के बजाय धरातल पर शत-प्रतिशत परिणाम देने का सख्त निर्देश दिया गया।
Madhepura: स्क्रीनिंग से लेकर नियमित फॉलोअप तक पर जोर
डीएम ने स्पष्ट किया कि एनीमिया से निपटने के लिए केवल दवा वितरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी स्वास्थ्य प्रक्रिया को परिणामोन्मुख बनाना होगा:
-
समय पर पहचान: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्क्रीनिंग कर एनीमिया पीड़ितों की समय पर पहचान की जाएगी।
-
दवा व पोषण: आयरन-फोलिक एसिड (IFA) की निर्बाध आपूर्ति, वितरण और उचित पोषण परामर्श सुनिश्चित किया जाएगा।
-
मरीजों का फॉलोअप: उपचार के बाद मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि योजना का वास्तविक लाभ मिले।
Madhepura: 1 सितंबर से शुरू होगा NCD कैंपेन
बैठक में आगामी 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होने वाले गैर-संचारी रोग (NCD) अभियान की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई:
-
गंभीर बीमारियों की पहचान: डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की समय पूर्व स्क्रीनिंग की जाएगी।
-
जांच, उपचार व रेफरल: संभावित मरीजों की पहचान कर आवश्यक जांच, निःशुल्क दवाइयां और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफरल की व्यवस्था रहेगी।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मियों को आपसी समन्वय से समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी और संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़े: Supaul के प्रतापगंज PHC में मुफ्त प्रसव के नाम पर वसूली: दो ANM पर ₹1400 ऐंठने का आरोप, जांच शुरू
-
Bihar6 months ago20 साल के ‘नीतीश युग’ के अंत की चर्चा तेज !
-
Bihar6 months agoसहरसा बनेगा स्मार्ट! 3 करोड़ का हाई-टेक पार्क, आंध्र–पुणे के खास पौधों से सजेगा शहर
-
Bihar6 months agoकेपी कॉलेज, मुरलीगंज में स्नातक तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न
-
Bihar6 months agoदो छात्राओं के अपहरण का प्रयास, चाय दुकानदार की सूझबूझ से बचीं
-
Bihar6 months agoराघोपुर में आवास सहायकों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी, आवास योजनाएं ठप
-
Bihar6 months agoसहरसा में विकास योजनाओं की समीक्षा: डीएम दीपेश कुमार ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
-
Bihar6 months agoसहरसा में फुटपाथ दुकानदारों का मशाल जुलूस
-
Bihar6 months agoदानापुर में सनकी पति ने हेड नर्स पत्नी की पीट-पीटकर हत्या की, खुद किया सरेंडर
