Bihar
सहरसा बनेगा स्मार्ट! 3 करोड़ का हाई-टेक पार्क, आंध्र–पुणे के खास पौधों से सजेगा शहर
सहरसा बनेगा स्मार्ट! 3 करोड़ का हाई-टेक पार्क, आंध्र–पुणे के खास पौधों से सजेगा शहर
सहरसा: शहरवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब सहरसा की पहचान सिर्फ ट्रैफिक और कंक्रीट के जंगल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यहां हरियाली और आधुनिक सुविधाओं से लैस एक भव्य हाई-टेक पार्क विकसित किया जा रहा है। करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पार्क शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाएगा और लोगों को सुकून भरे पल बिताने का नया ठिकाना देगा।
900 फीट लंबा-चौड़ा आधुनिक पार्क
नगर विकास की दिशा में उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम के तहत पार्क का निर्माण अभियंता चौक से डीआईजी चौक के बीच किया जा रहा है। लगभग 900 फीट लंबाई और 800 फीट चौड़ाई में फैले इस विशाल पार्क का डिजाइन आधुनिक शहरी वास्तुकला और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान का बेहतरीन संगम होगा।
यह पार्क न सिर्फ मॉर्निंग वॉक और योग के लिए आदर्श स्थल बनेगा, बल्कि बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।
आंध्र प्रदेश और पुणे से आएंगे विशेष पौधे
पार्क की सबसे खास बात इसकी हरियाली होगी। नगर निगम ने इसे साल भर हरा-भरा और रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित रखने की योजना बनाई है। इसके लिए सजावटी, छायादार और दुर्लभ फूलों वाली प्रजातियों के पौधे विशेष रूप से आंध्र प्रदेश और पुणे से मंगाए जा रहे हैं।
इन पौधों से न केवल वातावरण शुद्ध होगा, बल्कि पार्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर का लैंडस्केप लुक मिलेगा।
मिथिला पेंटिंग से निखरेगी सांस्कृतिक पहचान
पार्क की दीवारों और प्रमुख हिस्सों को मिथिला पेंटिंग से सजाया जाएगा, जिससे स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इससे पार्क सिर्फ हरियाली का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी बनेगा।
शहरवासियों को मिलेगा नया ठिकाना
इस हाई-टेक पार्क के निर्माण से सहरसा के लोगों को परिवार के साथ समय बिताने, फिटनेस गतिविधियों और सामाजिक आयोजनों के लिए एक आधुनिक और सुरक्षित स्थान मिलेगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, पार्क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और निर्धारित समयसीमा में इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है।
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सहरसा सदर अस्पताल में नया पुलिस पिकेट शुरू
सहरसा सदर अस्पताल में नया पुलिस पिकेट शुरू, मरीजों-डॉक्टरों को 24 घंटे सुरक्षा
सहरसा: सदर अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से नया पुलिस पिकेट शुरू किया गया है। कोसी प्रमंडल के डीआईजी कुमार आशीष ने शनिवार शाम फीता काटकर इसका उद्घाटन किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हिमांशु, हेडक्वार्टर डीएसपी धीरेंद्र कुमार पांडे, सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद और उपाधीक्षक एस.एस. मेहता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
आपात स्थिति में मिलेगी त्वरित पुलिस सहायता
अस्पताल की संवेदनशीलता और यहां रोजाना उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। नए पुलिस पिकेट के माध्यम से मरीजों, उनके परिजनों और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता उपलब्ध होगी।
अस्पताल में होने वाले विवाद, हंगामा या असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कई इलाकों पर रहेगी निगरानी
यह पिकेट केवल सदर अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा। नगर निगम सहरसा के वार्ड संख्या 11 और 13, पटेल मैदान, हवाई अड्डा क्षेत्र, संजय गांधी पार्क तथा आयुक्त, पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के आवासीय परिसरों के आसपास भी निगरानी रखी जाएगी।
इससे पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
थानाध्यक्ष के नियंत्रण में संचालन
नया पुलिस पिकेट सदर थानाध्यक्ष के नियंत्रण में संचालित होगा। यहां नव पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी और जवान 24 घंटे शिफ्ट के आधार पर तैनात रहेंगे।
पुलिस की निरंतर उपस्थिति से चोरी, वाहन चोरी और छिनतई जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में भी त्वरित हस्तक्षेप किया जाएगा।
नए पिकेट प्रभारी के रूप में राहुल कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अस्पताल प्रशासन के साथ समन्वय
यह पिकेट अस्पताल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेगा और पहले से तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों को सहयोग प्रदान करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह पहल ‘सुरक्षा, सेवा और समर्पण’ के सिद्धांत पर आधारित है और इससे अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
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मधेपुरा में घूस लेकर शराब तस्कर को छोड़ने वाला ASI सस्पेंड
मधेपुरा में घूस लेकर शराब तस्कर को छोड़ने वाला ASI सस्पेंड, DIG ने दिए विभागीय कार्रवाई के आदेश
मधेपुरा: कोसी क्षेत्र के डीआईजी कुमार आशीष ने घूस लेकर शराब तस्कर को छोड़ने के आरोप में मुरलीगंज थाना में पदस्थापित एएसआई बलिंदर पासवान को निलंबित कर दिया है। प्राथमिक जांच में आरोप प्रथमदृष्टया सत्य पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
घूस लेकर छोड़ने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एएसआई बलिंदर पासवान ने बेलो चामगढ़ चौक के पास एक पान दुकानदार को देसी शराब के साथ पकड़ा था और उसे बेलो कैंप लाया गया। आरोप है कि बाद में उससे अवैध रूप से रुपये लेकर उसे छोड़ दिया गया।
मामले की सूचना मिलने पर डीआईजी ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी मुरलीगंज थाना प्रभारी को सौंपी गई।
प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि
प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद डीआईजी ने कड़ा रुख अपनाते हुए एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही मधेपुरा के पुलिस अधीक्षक को विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
विभागीय जांच होगी विस्तृत
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विभागीय जांच के तहत पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। संबंधित एएसआई की भूमिका के साथ-साथ अन्य संभावित संलिप्तता की भी जांच होगी। दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर सख्ती का संदेश
इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार या कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने दोहराया कि आम जनता का विश्वास बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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सुपौल में नाले किनारे मिला नवजात का शव
सुपौल में नाले किनारे मिला नवजात का शव, हाथ में इंट्राकैथ देख उठे सवाल
सुपौल/राघोपुर: सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह नाले किनारे एक नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। राघोपुर डाक-बंगला के समीप स्थानीय लोगों ने सुबह करीब साढ़े आठ बजे लाल चादर में लिपटा शव देखा, जिसके बाद आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नवजात को अस्पताल में उपयोग होने वाले प्लास्टिक सर्जिकल बेड के साथ फेंका गया था।
हाथ में लगा था मेडिकल इंट्राकैथ
ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा तो शिशु के हाथ में मेडिकल इंट्राकैथ लगा हुआ था। इससे आशंका जताई जा रही है कि बच्चे का जन्म किसी अस्पताल या चिकित्सकीय देखरेख में हुआ होगा।
मृत शिशु लड़का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उसकी नाक से खून भी बह रहा था।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों ने इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मानवता के नाते स्थानीय लोगों ने नवजात के शव को सम्मानपूर्वक मिट्टी में दफना दिया।
पुलिस जांच की मांग
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने और जल्द से जल्द जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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