Bihar
Supaul News: कोसी बराज पर मंडराया नया संकट, स्लैबों में उगते पीपल के पेड़ दे रहे हैं बड़े हादसे को दावत
Supaul News: कोसी क्षेत्र के लिए ‘लाइफलाइन’ माना जाने वाला कोसी बराज एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह पानी का रिकॉर्ड जलस्तर नहीं, बल्कि इसके ढांचे में पनप रहा एक अंदरूनी खतरा है। वर्ष 2008 की भयावह कुसहा त्रासदी की टीस झेल चुके इस बराज के स्लैबों के बीच अब पीपल के पेड़ उग आए हैं। यह स्थिति बराज की मुख्य संरचना (स्ट्रक्चर) के लिए एक गंभीर खतरे की घंटी है।
संकट की जड़ें: कंक्रीट को खोखला कर रहे हैं पीपल के पौधे: Supaul News
वीरपुर (सुपौल) से मिली ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, कोसी बराज के लगभग सभी 56 फाटकों के डाउन स्ट्रीम हिस्से में पुल के स्लैबों के बीच से पीपल के पौधे निकल आए हैं। समय के साथ ये पौधे अब मजबूत पेड़ों का रूप ले रहे हैं।
तकनीकी जानकारों का मत: पीपल के पेड़ की जड़ें कंक्रीट और सीमेंट को चीरते हुए गहराई तक जाने के लिए जानी जाती हैं। यदि इन जड़ों को समय रहते पूरी तरह से साफ नहीं किया गया, तो ये बराज के स्लैबों को कमजोर कर देंगी, जिससे कंक्रीट टूटने और पूरी संरचना के ढहने का डर बना हुआ है।
अतीत की चुनौतियाँ और बराज की संवेदनशीलता: Supaul News
कोसी बराज पहले ही प्रकृति के कई बड़े इम्तिहान पास कर चुका है:
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कुसहा त्रासदी (2008): इस तबाही का दंश आज भी स्थानीय लोगों के जहन में ताजा है।
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2024 का रिकॉर्ड जलप्रवाह: पिछले ही वर्षों में कोसी नदी में 6.61 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड पानी आया था, जिससे स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि पानी बराज के ऊपर से बहने (ओवरटॉप) लगा था। तब प्रशासन को स्थिति को नियंत्रित करने में 48 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।
लगातार बढ़ते जलस्तर और सालाना भारी दबाव के कारण बराज का ढांचा पहले से ही बेहद संवेदनशील स्थिति में है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर नए बराज के निर्माण की मांग भी लगातार उठती रही है।
दावों और जमीनी हकीकत में अंतर: ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
इस गंभीर विषय पर जल संसाधन विभाग के शीर्ष कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बबन पांडे का कहना है कि:
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बराज की नियमित रूप से साफ-सफाई और रखरखाव का काम निरंतर जारी रहता है।
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कंक्रीट के बीच उगने वाले पौधों और झाड़ियों को समय-समय पर काटा जाता है।
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विभाग बराज की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
स्थानीय नागरिकों का पक्ष: दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल ऊपरी तौर पर पौधों की कटाई पर्याप्त नहीं है। कोसी बराज केवल एक पुल नहीं, बल्कि लाखों लोगों की सुरक्षा की ढाल है। इसके स्लैबों की गहरी तकनीकी निगरानी होनी चाहिए ताकि कंक्रीट के भीतर छिपी जड़ें भविष्य में किसी महाविनाश का कारण न बन सकें।
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Koshi का जलस्तर बढ़ा: बराज के 20 फाटक खोले गए, इंजीनियरों को अलर्ट
सुपौल। नेपाल के तराई क्षेत्रों और जललग्रहण इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण Koshi नदी के जलस्तर में भारी उफान देखा जा रहा है। मंगलवार की सुबह 08:00 बजे बराहक्षेत्र में नदी का डिस्चार्ज बढ़कर 1,26,200 क्यूसेक दर्ज किया गया है, जो लगातार बढ़ते क्रम में है।
Saharsa, Bihar: Following heavy rainfall in Nepal’s hilly and Terai regions, the water level of the Kosi River has started rising in Bihar pic.twitter.com/XlgPMjbphB
— IANS (@ians_india) July 14, 2026
खतरे के निशान को पार करती नदी की आक्रामक स्थिति को देखते हुए वीरपुर स्थित कोसी बराज के 20 फाटकों को खोल दिया गया है, जिससे तटबंध के भीतर बसे गांवों में तनाव और बाढ़ की आशंका काफी बढ़ गई है।
Koshi News: इस साल का टूट सकता है सर्वाधिक रिकॉर्ड
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कोसी नदी के जलस्तर में हो रही यह तीव्र वृद्धि इस साल के अब तक के सबसे ऊंचे जलस्तर के रिकॉर्ड (1,86,385 क्यूसेक) को भी पार कर सकती है। नदी के इस अप्रत्याशित रूप को देखते हुए विभागीय अधिकारी और निचले इलाकों के ग्रामीण बेहद सतर्क हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) और अधीक्षक अभियंता (सुप्रिटेंडेंडिंग इंजीनियर) स्वयं कंट्रोल रूम से पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं।
Koshi News: तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे चीफ इंजीनियर
बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षात्मक तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सोमवार की शाम स्वयं विभागीय चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश और सुप्रिटेंडेंडिंग इंजीनियर संजय कुमार कोसी बराज पहुंचे थे। उन्होंने बराज के परिचालन और सुरक्षा उपायों का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बराज स्थल पर सिर्फ कनीय अभियंता (जेई) की मौजूदगी पाए जाने पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी भी व्यक्त की और मौके पर तैनात अन्य जिम्मेदार कर्मियों को मुस्तैद रहने की हिदायत दी।
Koshi News: बराज और दोनों तटबंध पूरी तरह सुरक्षित: विभाग का दावा
बढ़ते जलस्तर के कारण नदी के भीतर बसे लोगों में बेचैनी जरूर है, लेकिन जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। विभागीय मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि कोसी बराज की संरचना और नदी के पूर्वी तथा पश्चिमी, दोनों मुख्य तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित और मजबूत स्थिति में हैं। संवेदनशील स्थलों पर विभाग की फ्लड फाइटिंग टीमें तैनात हैं जो चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं।
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Salkhua में उच्च शिक्षा का आगाज: राजकीय डिग्री कॉलेज का आज उद्घाटन, शुरू होगा शैक्षणिक सत्र
सहरसा। कोसी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की राह अब बेहद आसान होने जा रही है। सहरसा जिले के Salkhua स्थित कोपरिया उच्च विद्यालय परिसर में नवनिर्मित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में बुधवार से शैक्षणिक सत्र का विधिवत आगाज हो जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा के क्षेत्र में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से बिहार के 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी की सुविधा छात्रों तक… pic.twitter.com/QJOqj1IqAn
— DD News Bihar | डीडी न्यूज बिहार (@ddnewsBihar) July 14, 2026
मुख्यमंत्री भागलपुर में आयोजित एक राज्यस्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से इस महाविद्यालय का ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे, जिसके तुरंत बाद कॉलेज में नियमित पठन-पाठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
Salkhua: सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा सत्रारंभ समारोह
प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) वीरेंद्र कुमार ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से सत्रारंभ समारोह के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार सुबह 10:30 बजे से इस भव्य समारोह की शुरुआत होगी, जिसमें उद्घाटन के तत्काल बाद से ही छात्र-छात्राओं के लिए नियमित कक्षाएं संचालित होने लगेंगी।
Salkhua: अब नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर, समय और पैसे की होगी बचत
सलखुआ में इस डिग्री कॉलेज की स्थापना से स्थानीय युवाओं को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब उन्हें स्नातक (Graduation) की पढ़ाई करने के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इस सुविधा से न केवल विद्यार्थियों के समय की बचत होगी, बल्कि अभिभावकों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी काफी कम हो जाएगा।
Salkhua: क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा संस्थान
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने इस ऐतिहासिक शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्थान इस पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र के सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध बुद्धिजीवियों, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बुधवार को आयोजित होने वाले इस उद्घाटन समारोह में भारी से भारी संख्या में पहुंचकर इसे ऐतिहासिक और सफल बनाएं।
ग्रामीणों और छात्रों में भारी उत्साह
इस डिग्री कॉलेज के चालू होने की खबर से पूरे सलखुआ प्रखंड और आसपास के इलाकों में भारी उत्साह का माहौल है। लंबे समय से इस सुदूर क्षेत्र में एक उच्च शिक्षण संस्थान की मांग की जा रही थी, जो अब जाकर धरातल पर साकार हो रही है।
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Madhepura: 128 लीटर विदेशी शराब के साथ CNG टेम्पो जब्त, दो गिरफ्तार
Madhepura। बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के अभियान के तहत पस्तपार थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई (DIU) की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
पुलिस ने एनएच-106 पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाकर एक सीएनजी टेम्पो से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और तस्करी में इस्तेमाल हो रहे वाहन को जब्त कर लिया गया है।
Madhepura: गुप्त सूचना पर पुलिस ने सबैला स्कूल के पास लगाया नाका
पस्तपार थानाध्यक्ष विजय कुमार पासवान को गुप्त सूचना मिली थी कि भर्राही की ओर से एक सीएनजी तीन-चक्का टेम्पो में शराब की एक बड़ी खेप लेकर तस्कर गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर तत्काल डीआईयू के साथ एक संयुक्त टीम का गठन किया गया और मधेपुरा-उदाकिशुनगंज मुख्य सड़क (NH-106) पर स्थित सबैला स्कूल के समीप नाकेबंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू की गई।
इसी दौरान भर्राही की तरफ से आ रहे एक संदिग्ध सीएनजी टेम्पो को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके भीतर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।
Madhepura: नामी ब्रांड्स की 128 लीटर शराब बरामद
पुलिस के अनुसार, जब्त की गई शराब विभिन्न नामी ब्रांड्स की है, जिसे सप्लायरों को डिलीवर किया जाना था। बरामद शराब का विवरण इस प्रकार है:
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ब्लेंडर्स प्राइड (750 ML): 69 बोतलें
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रॉयल स्टैग (750 ML): 41 बोतलें
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इम्पीरियल ब्लू (750 ML): 7 बोतलें
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ऑफिसर्स चॉइस फ्रूटी (180 ML): 228 पीस
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कुल मात्रा: 128 लीटर विदेशी शराब
Madhepura के रहने वाले हैं दोनों आरोपित
पुलिस अभिरक्षा में लिए गए आरोपियों की पहचान मधेपुरा जिले के महेशपुर बस्ती निवासी नवनीत कुमार और सीएनजी टेम्पो चालक सुरेंद्र यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करने में जुटी पुलिस
थानाध्यक्ष विजय कुमार पासवान ने बताया कि पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की यह खेप कहां से लोड की गई थी और इसे आगे कहां खपाया जाना था। पुलिस को आशंका है कि इस रैकेट के तार अंतर-जिला तस्करी सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं, जिसका जल्द ही भंडाफोड़ किया जाएगा।
इस सफल छापेमारी अभियान में पुलिस अवर निरीक्षक प्रीति कुमारी, पस्तपार थाने के पुलिस बल और जिला आसूचना इकाई (DIU) के जवान मुख्य रूप से शामिल रहे।
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