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सिमराही में SIR और जाम पर प्रशासन सख्त: SDM ने जनप्रतिनिधियों के साथ की समीक्षा बैठक, दिए अहम निर्देश

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सिमराही में SIR और जाम पर प्रशासन सख्त: SDM ने जनप्रतिनिधियों के साथ की समीक्षा बैठक, दिए अहम निर्देश

सिमराही (सुपौल)। SIR: सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड स्थित टीसीपी भवन में वीरपुर के एसडीएम (SDM) विनय कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

इस बैठक में सिमराही नगर पंचायत क्षेत्र में मतदाता सूची (SIR) से नाम हटने की शिकायतों और शहर में लगातार लगने वाले जाम की गंभीर समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई.

SIR News: नेपाली मायके वाली पात्र महिलाओं का जुड़ेगा नाम

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे पर एसडीएम ने बड़ा निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नेपाल में मायका रखने वाली महिलाएं भारतीय नागरिक हैं और सभी कानूनी अर्हताएं पूरी करती हैं, तो उनका नाम पुनः मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा. एसडीएम ने जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ सोमवार शाम तक प्रखंड कार्यालय में आवेदन जमा कराएं ताकि जांच के बाद अग्रतर कार्रवाई की जा सके.

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‘कोई भी वास्तविक मतदाता अधिकार से न रहे वंचित’

एसडीएम विनय कुमार ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे. उन्होंने मुखियाओं और वार्ड पार्षदों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर ऐसे मामलों की पहचान करें और आम लोगों को आवेदन जमा कराने में मदद करें.

सिमराही को जाममुक्त बनाने के लिए सहयोग की अपील

बैठक में सिमराही बाजार की ट्रैफिक और अतिक्रमण की समस्या पर भी मंथन हुआ. एसडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मकसद किसी का रोजगार प्रभावित करना नहीं, बल्कि बाजार की व्यवस्था को बेहतर बनाना है. उन्होंने दुकानदारों और वाहन चालकों से सड़क किनारे अतिक्रमण न करने और निर्धारित स्थानों पर ही वाहन पार्क करने की अपील की.

जनप्रतिनिधियों ने दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा

बैठक में मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मुखियाओं और वार्ड पार्षदों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे बाजार को व्यवस्थित बनाने और लोगों को जागरूक करने में अपना पूरा सहयोग देंगे.

समीक्षा बैठक में बीडीओ सत्येंद्र कुमार यादव, सीओ रश्मि प्रिया, उप मुख्य पार्षद विनीता देवी, वार्ड पार्षद गोपीकांत झा, स्मृति कुमारी, मो. हैयुम, मुखिया भूपेंद्र मेहता, रामचंद्र यादव सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

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Darbhanga News: दरभंगा में नाबालिग अपहरण के फरार आरोपी के घर कुर्की, कोर्ट के आदेश पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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Darbhanga News: बिरौल थाना क्षेत्र के नवटोल गांव में नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी मो. नौशाद बख्खो के घर पुलिस ने रविवार को न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। पूर्व में इश्तेहार चस्पा किए जाने के बावजूद जब आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण नहीं किया, तब पुलिस ने अदालत से आदेश लेकर यह कानूनी कदम उठाया।

नवंबर 2024 में दर्ज हुआ था अपहरण का मामला बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि के अनुसार, नवंबर 2024 में नाबालिग के अपहरण से संबंधित प्राथमिकी दर्ज की गई थी:

  • अपहृता की बरामदगी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को पूर्व में ही सकुशल बरामद कर लिया था, जिसे विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) के निर्देश पर बाल गृह भेज दिया गया।

  • फरार चल रहा था आरोपी: मामले का मुख्य नामजद अभियुक्त मो. नौशाद बख्खो घटना के बाद से ही लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था।

इश्तेहार की अनदेखी के बाद घर का सामान जब्त: Darbhanga News

इश्तेहार की अनदेखी के बाद घर का सामान जब्त न्यायालय से जारी इश्तेहार तामिला कराने के बाद भी आरोपी के कोर्ट में पेश न होने पर पुलिस ने कुर्की की अनुमति ली:

  • दैनिक सामग्री जब्त: जांच अधिकारी सह अवर निरीक्षक मुन्नी कुमारी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने विधिवत जब्ती सूची तैयार कर आरोपी के घर से सभी दैनिक उपयोग की वस्तुएं व सामान जब्त किए।

  • लगातार दबिश जारी: थानाध्यक्ष ने बताया कि कुर्की की कार्रवाई पूरी होने के बाद अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

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Saharsa News: सहरसा में 12 साल से जमे पुलिसकर्मी पर गिरी गाज, DIG के निर्देश पर सुपौल और मधेपुरा में भी शुरू हुई पड़ताल

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Saharsa News: कोसी प्रक्षेत्र में वर्षों से एक ही पद या कार्यालय में जमे पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों पर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस मुख्यालय के दो वर्षीय पदस्थापना नियम की अनदेखी कर सहरसा एसपी कार्यालय की गोपनीय शाखा में करीब 12 वर्षों से तैनात एक कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल विरमित कर रोहतास जिला बल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद डीआईजी के निर्देश पर सहरसा समेत सुपौल और मधेपुरा में भी ऐसे पुलिसकर्मियों की कुंडली खंगाली जा रही है।

12 साल तक एक ही कार्यालय में जमे रहने पर कार्रवाई जांच में सामने आया कि संबंधित कर्मी का तबादला पहले ही रोहतास जिला बल के लिए कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह पुराने कार्यालय में ही बना रहा:

  • अनियमितताओं की शिकायत: पद पर बने रहने के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई गई।

  • तत्काल विरमित: डीआईजी डॉ. कुमार आशीष के आदेश पर उक्त कर्मी को तत्काल प्रभाव से मूल पदस्थापना स्थल (रोहतास) के लिए विरमित कर दिया गया।

 

पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची: Saharsa News

2 साल से अधिक तैनाती वाले पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची पुलिस मुख्यालय के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि सामान्य परिस्थितियों में किसी भी पदाधिकारी या कर्मी को एक ही स्थान या कार्यालय में दो वर्ष से अधिक समय तक पदस्थापित नहीं रखा जाना चाहिए:

  • सुपौल और मधेपुरा में जांच तेज: कोसी प्रक्षेत्र डीआईजी कार्यालय ने सुपौल, मधेपुरा और सहरसा के सभी थानों व शाखाओं में तैनात पुलिसकर्मियों की पदस्थापना अवधि का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।

  • तबादले की अनदेखी पर होगी कार्रवाई: यह भी खंगाला जा रहा है कि किन परिस्थितियों में कर्मी लंबे समय तक जमे रहे और तबादला आदेश के बाद भी नए स्थान पर योगदान क्यों नहीं दिया गया।

पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने पर जोर डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि लंबे समय तक एक ही जगह पर टिके रहने से पुलिसिंग की निष्पक्षता और कार्य संस्कृति प्रभावित होती है। समीक्षा रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी और बड़े पैमाने पर फेरबदल के आदेश जारी हो सकते हैं।

 

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Madhepura News: मधेपुरा में आधी रात गिरफ्तारी करने पहुंची पुलिस पर संगीन आरोप: घर में तोड़फोड़, मारपीट और रिश्वत मांगने की SP से शिकायत

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Madhepura News: नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 20 स्थित तेलडीहा गांव में वारंटी की गिरफ्तारी के लिए देर रात पहुंची पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगे हैं। गृहस्वामिनी सपना देवी ने उदाकिशुनगंज थाने में तैनात चार सब-इंस्पेक्टरों (SI) और अन्य पुलिसकर्मियों पर आधी रात को घर में घुसकर तोड़फोड़, परिजनों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए एसडीपीओ, एसपी और डीआईजी से लिखित शिकायत की है। NBW के तहत गिरफ्तारी के लिए रात 1:30 बजे पहुंची थी पुलिस सपना देवी के अनुसार, उनके पति संतोष यादव के विरुद्ध आलमनगर थाने के एक पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी था। इसी सिलसिले में 27 अगस्त की देर रात करीब 1:30 बजे पुलिस टीम उनके घर पहुंची थी।

  • घर में तोड़फोड़ व अभद्रता का आरोप: आरोप है कि एसआई निकेत कुमार मंडल, गौरव कुमार, महितोष कुमार और नरेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने घर को घेर लिया और टाट का पर्दा, पूजा घर का दरवाजा और बहू के कमरे का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

  • मारपीट और वाहन क्षतिग्रस्त करने का दावा: पीड़िता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे विकास कुमार के साथ मारपीट की, बंदूक के कुंदे से कार का बोनट क्षतिग्रस्त किया और विरोध करने पर एसआई द्वारा उनका गला दबाने का प्रयास किया गया।

थाना बुलाकर ₹5000 रिश्वत मांगने का आरोप: Madhepura News

थाना बुलाकर ₹5000 रिश्वत मांगने का भी आरोप शिकायतकर्ता सपना देवी ने आवेदन में उल्लेख किया है कि घटना की शाम करीब 4:50 बजे उन्हें पति समेत थाने बुलाया गया था, जहां एक चाय की दुकान पर उनसे ₹5,000 की मांग की गई। असमर्थता जताने पर पुलिस ने शाम को वारंटी पति को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि देर रात घर पर आकर तोड़फोड़ की।

  • सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग: पीड़िता ने पड़ोसी के दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।

शिकायत मिलने पर होगी जांच: प्रशासन मामले पर प्रभारी एसडीपीओ आशीष राज ने बताया कि आवेदन की प्रति अभी उनके संज्ञान में नहीं आई है। विधिवत शिकायत प्राप्त होने पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

 

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