Bihar
Bihar Cabinet: मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं का वेतन ढाई गुना बढ़ा, सुरक्षा के लिए 50 हाईटेक ड्रोन
पटना: Bihar Cabinet: बिहार सरकार ने राज्य के विभिन्न आयोगों, बोर्डों, निगमों, पर्षदों और समितियों में पदस्थापित राजनीतिक पदाधिकारियों को बड़ा वित्तीय तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 24 महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई।
इस बैठक में जनप्रतिनिधियों के वेतन-भत्तों में भारी बढ़ोतरी के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा, तकनीकी निगरानी, मद्यनिषेध और पशुपालन क्षेत्र के विस्तार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
Bihar Cabinet: वेतन और भत्तों में ऐतिहासिक इजाफा
कैबिनेट के निर्णय के तहत मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री का दर्जा प्राप्त विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों के पारिश्रमिक में करीब ढाई गुना की भारी वृद्धि की गई है। अब इन पदाधिकारियों का मासिक वेतन 25,000 रुपये से सीधे बढ़ाकर 65,000 रुपये कर दिया गया है, यानी इसमें प्रति माह 40,000 रुपये की सीधी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
वेतन के साथ ही उनके अन्य वित्तीय लाभों में भी व्यापक संशोधन किया गया है:
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दैनिक भत्ता: पहले मिलने वाले 1,000 रुपये प्रतिदिन के भत्ते को बढ़ाकर अब 3,500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
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आतिथ्य भत्ता (कैबिनेट मंत्री दर्जा): इसे 18,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।
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आतिथ्य भत्ता (राज्य मंत्री दर्जा): यह राशि 17,500 रुपये से संशोधित कर 29,500 रुपये प्रति माह तय की गई है।
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आतिथ्य भत्ता (उप मंत्री दर्जा): इसे 17,000 रुपये से बढ़ाकर 29,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।
Bihar Cabinet: 24.50 करोड़ से खरीदे जाएंगे 50 हाईटेक ड्रोन
राज्य में विधि-व्यवस्था को पुख्ता करने और सुरक्षा एजेंसियों को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करने के लिए 50 हाईटेक ड्रोन की खरीद को प्रशासनिक मंजूरी मिली है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 24.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों का प्राथमिक इस्तेमाल त्योहारों और संवेदनशील मौकों पर भीड़ नियंत्रण (क्राउड मैनेजमेंट), दियारा एवं दुर्गम नदी तटीय क्षेत्रों में निगरानी, नक्सल विरोधी अभियानों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत-बचाव कार्यों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए किया जाएगा। इससे पुलिस बल को दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में त्वरित इनपुट मिल सकेगा।
Bihar Cabinet: सुरक्षा एवं मद्यनिषेध तंत्र को 336.85 करोड़ का संबल
शराबबंदी कानून के कड़े अनुपालन और अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार ने जिला पुलिस, रेल पुलिस, मद्यनिषेध विभाग तथा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु 336.85 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस कोष से विशेष जांच उपकरण, आधुनिक वाहन, संचार संसाधन तथा लोक भवन के उपयोग के लिए आवश्यक साजो-सामान खरीदे जाएंगे।
कोसी क्षेत्र में डेयरी उद्योग का होगा कायाकल्प
उत्तरी बिहार, विशेषकर कोसी अंचल के ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए 126.07 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिलों में आधुनिक डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा। इस परियोजना में मिल्क चिलिंग प्लांट, दही उत्पादन इकाई और प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट की स्थापना शामिल है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता दोनों में तेजी आएगी।
चार स्तरीय पशु चिकित्सा ढांचा होगा तैयार
राज्य में मूक पशुओं के समुचित इलाज के लिए ‘बिहार पशु चिकित्सा अवसंरचना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति’ को सैद्धांतिक सहमति दी गई है। अगले पांच वर्षों के भीतर राज्य में ग्राम से लेकर जिला स्तर तक चार स्तरीय आधुनिक पशु चिकित्सा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक 10 हजार पशु इकाइयों पर कम से कम एक सहायक पशु चिकित्साकर्मी तैनात करने का लक्ष्य रखा गया है।
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