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बिहार का कुख्यात ‘Kodha Gang’ STF के रडार पर: बच्चों को अपराध की ट्रेनिंग देने वाले सिंडिकेट पर कसा शिकंजा

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पटना: Kodha Gang: बैंकों से पैसे निकालने वालों पर नजर रखकर झपटमारी, बड़ी डकैती और ज्वेलरी शोरूम में हाथ साफ करने के लिए कुख्यात बिहार के ‘कोढ़ा गिरोह’ के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर निर्णायक अभियान शुरू किया है।

इस अंतरराज्यीय आपराधिक सिंडिकेट के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों, उनके आपराधिक इतिहास और वित्तीय लेन-देन पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही है।

Kodha Gang: कटिहार का कोढ़ा प्रखंड: अंतरराज्यीय अपराध का गढ़

कोढ़ा मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले का एक प्रखंड है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इसी इलाके से इस संगठित अपराध गिरोह की जड़ें जुड़ी हैं। गिरोह का मुख्य पेशा बैंकों के बाहर से नकदी छीनना, ध्यान भटकाकर (जैसे पैसे या खुजली वाला पाउडर गिराकर) बैग उड़ाना, बड़ी डकैतियां डालना और आभूषण की दुकानों में सेंधमारी करना रहा है। यह गिरोह अत्याधुनिक रेकी और तेजी से फरार होने की रणनीति के कारण वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

Kodha Gang: कई राज्यों में फैला नेटवर्क, दूसरे राज्यों की पुलिस को भी मिलेगी मदद

कोढ़ा गिरोह का नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्यों में भी इसके गुर्गों ने कई सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया है। अक्सर अन्य राज्यों की पुलिस मामलों की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए कटिहार के कोढ़ा थाना पहुंचती रही है।

अब STF की विशेष टीम ने गिरोह के सदस्यों की पहचान से जुड़ा एक व्यापक डोजियर तैयार किया है। इसमें संदिग्धों की डिजिटल तस्वीरें, फिंगरप्रिंट, स्थाई व अस्थाई पते और उनके पारिवारिक सदस्यों का पूरा विवरण दर्ज किया गया है। यदि देश के किसी भी हिस्से में ऐसी वारदात होती है, तो संबंधित राज्य की पुलिस तुरंत बिहार STF के डेटाबेस से मिलान कर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित कर सकेगी।

मासूम बच्चों को अपराध की ट्रेनिंग: गिरोह का खौफनाक पहलू

इस गिरोह का सबसे चिंताजनक और चौंकाने वाला पहलू नई पीढ़ी को अपराध में धकेलना है। जांच में सामने आया है कि गिरोह के पुराने और शातिर सदस्य नाबालिग बच्चों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में नजर बचाकर नकदी उड़ाने, बैंक ग्राहकों पर नजर रखने और पुलिस के पकड़े जाने पर चकमा देकर भागने की बाकायदा ट्रेनिंग देते हैं। कानूनी प्रावधानों में नाबालिगों को मिलने वाली रियायत का फायदा उठाने के लिए सिंडिकेट द्वारा बच्चों को ढाल बनाया जाता रहा है।

Kodha Gang: 50 सक्रिय सदस्यों पर कड़ी निगरानी, गिरफ्तारी की तैयारी

कोढ़ा थाना प्रभारी पंकज आनंद के अनुसार, लगातार पुलिसिया दबाव और अभियानों के चलते पूर्व की तुलना में गिरोह की कमर टूटी है, लेकिन इलाके में अब भी करीब 50 सक्रिय सदस्य सक्रिय हैं। पुलिस संदिग्ध गांवों और व्यक्तियों की आवाजाही पर लगातार नजर रख रही है।

एसटीएफ की इस विशेष टीम के सक्रिय होने के बाद अंतरराज्यीय स्तर पर अपराधियों को ट्रेस करना बेहद आसान हो गया है। ठोस साक्ष्य जुटाकर इन अपराधियों को गिरफ्तार करने और उनके अवैध संपर्कों को नेस्तनाबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

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