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सहरसा में Census-2027 की तैयारी: 10 जनवरी से स्व-गणना

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सहरसा: देश की आगामी राष्ट्रीय जनगणना (Census-2027) को पूरी तरह त्रुटिरहित, डिजिटल और पारदर्शी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में सहरसा समाहरणालय स्थित नए सभागार में अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस Census 2027 Saharsa Training कार्यक्रम के दौरान पटना से आए मास्टर ट्रेनरों ने जनगणना के दूसरे चरण की रूपरेखा, डिजिटल डेटा प्रविष्टि और विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी। इस बार की जनगणना की सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने के लिए ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प दिया गया है, जिसकी शुरुआत 10 जनवरी से होगी।

Census-2027 : दो तलों पर चला तकनीकी और प्रशासनिक प्रशिक्षण सत्र

समाहरणालय के नवनिर्मित सभागार में प्रशिक्षण की प्रक्रिया को दो अलग-अलग स्तरों पर सुचारू रूप से संचालित किया गया। सभागार के भूतल (निचले तल) पर जिले के सभी प्रखंडों व अंचलों से आए चार्ज पदाधिकारियों और सहायक चार्ज पदाधिकारियों को प्रशासनिक निगरानी, समन्वय और प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया।

वहीं, प्रथम तल पर जनगणना कार्य से जुड़े तकनीकी सहायकों, ऑपरेटरों और सांख्यिकी पदाधिकारियों को मोबाइल ऐप आधारित डेटा संग्रह, पोर्टल संचालन और सत्यापन से जुड़े तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराया गया। मास्टर ट्रेनरों ने स्पष्ट किया कि डिजिटल युग में जनगणना केवल जनसंख्या का आंकड़ा नहीं, बल्कि विकास नीतियों, संसाधनों के वितरण और कल्याणकारी योजनाओं की रीढ़ है, इसलिए प्रत्येक स्तर पर डेटा की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

Census-2027 : 10 जनवरी से स्व-गणना, 25 जनवरी से घर-घर दस्तक

प्रशिक्षण कार्यशाला में जनगणना-2027 का अधिकृत चरणबद्ध कार्यक्रम साझा किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आम नागरिकों के लिए स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का पोर्टल 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक खुला रहेगा। इस अवधि में नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार और आवास से संबंधित प्रासंगिक विवरण दर्ज कर सकेंगे।

इसके उपरांत, 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक प्रगणक (एन्यूमरेटर्स) घर-घर जाकर भौतिक रूप से जनसंख्या गणना का कार्य पूरा करेंगे। जो परिवार स्व-गणना पूरी कर चुके होंगे, उनके डेटा का मौके पर त्वरित सत्यापन किया जाएगा। तत्पश्चात, 1 मार्च से 5 मार्च 2027 के बीच विशेष पुनरीक्षण दौर (रिवीजन राउंड) चलाया जाएगा, जिसमें नवजात शिशुओं, छूटे हुए सदस्यों या हालिया पलायन से जुड़े बदलावों को अंतिम रूप से अद्यतन कर त्रुटियों को सुधारा जाएगा।

Census-2027 : डिजिटल आंकड़ों की शुद्धता और नीति निर्माण में भूमिका

कार्यशाला को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में सामाजिक-आर्थिक योजनाओं की सफलता सटीक सांख्यिकी पर निर्भर करती है। स्वास्थ्य सुविधाएं, नए विद्यालयों की स्थापना, सड़कों का जाल और खाद्यान्न सुरक्षा का वास्तविक पैमाना जनगणना के आंकड़ों से ही तय होता है।

मास्टर ट्रेनरों ने फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, सर्वर कनेक्टिविटी और आम जनता के साथ समन्वय स्थापित करने की तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कर्मियों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे अपने अधीनस्थ प्रगणकों और सुपरवाइजरों को पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रशिक्षित करें ताकि वास्तविक फील्ड सर्वे के दौरान किसी भी प्रकार की भ्रांति या तकनीकी गतिरोध उत्पन्न न हो।

वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारियों की उपस्थिति में बनी रणनीति

इस उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला प्रशासन के कई शीर्ष अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनमें अपर समाहर्ता (निर्वाचन) गणेश कुमार, अपर समाहर्ता (राजस्व) निशांत, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मुकेश कुमार और प्रशिक्षण कोषांग के नोडल पदाधिकारी सह जिला योजना पदाधिकारी विशाल राघव प्रमुख थे।

वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी चार्ज पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समयसीमा का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करें और निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप अपने-अपने क्षेत्रों में सुपरवाइजर व प्रगणक स्तर के प्रशिक्षण सत्र शीघ्र प्रारंभ करें। जिले में इस प्रशासनिक सक्रियता से स्पष्ट है कि आगामी जनगणना को लेकर सहरसा प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है।

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