Bihar
Darbhanga: मतदाता सूची में गड़बड़ी पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
Darbhanga: मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में दरभंगा जिला कांग्रेस कमेटी (अर्बन) के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक विशाल विरोध मार्च निकाला। यह मार्च बलभद्रपुर चौक स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
Darbhanga: कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीसीएलआर को सौंपा ज्ञापन
समाहरणालय पहुंचने पर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) को राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मतदाता सूची के पुनरीक्षण में हुई कथित गड़बड़ियों और पूरी चुनावी प्रक्रिया की स्वतंत्र व निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की गई। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने संवैधानिक मर्यादाओं के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग रखी।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’, ‘वोट चोरी नहीं चलेगी’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। इसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने लहेरियासराय टावर चौक पर पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया और विरोध दर्ज कराया।
Darbhanga: मताधिकार की रक्षा लोकतंत्र की पहली शर्त: डॉ. जमाल हसन
विरोध मार्च को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची ही किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर वास्तविक और वंचित वर्ग के लाखों मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं, जो नागरिकों के बुनियादी अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती, तब तक कांग्रेस का यह संघर्ष जारी रहेगा।
चुनावी शुचिता और पारदर्शिता पर उठे सवाल
जिला प्रभारी रजनीकांत पाठक ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उठ रहे सभी सवालों की पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है। वहीं, जिला मीडिया प्रभारी मो. असलम ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता प्रभावित हुई है और जनता के विश्वास को ठेस पहुंची है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
बड़ी संख्या में जुटे पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता
इस विरोध प्रदर्शन में जिले के कई प्रमुख नेता और अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सीताराम चौधरी, दयानंद पासवान, रतिकांत झा, प्रिंस परवेज, डॉ. अपर्णा पाठक, डॉ. मुन्ना खान, राजा अंसारी सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूचियों को अविलंब दुरुस्त नहीं किया गया और पारदर्शी कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन प्रखंड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक और अधिक तेज किया जाएगा।
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