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Darbhanga: गांधी क्विज के जरिए छात्रों से संवाद, सत्याग्रह से लेकर सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल पर चर्चा

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Darbhanga: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर दरभंगा जिले के कमतौल में छात्रों के बौद्धिक और नैतिक विकास को समर्पित एक प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

पांचजन्य पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित ‘गांधी क्विज’ के माध्यम से न केवल बापू के जीवन, दर्शन और सत्याग्रह पर मंथन हुआ, बल्कि आधुनिक दौर में शिक्षा, अनुशासन, निरंतर प्रयास और सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण समकालीन विषयों पर भी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया।

Darbhanga: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सरस्वती वंदना से हुई शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। इसके बाद शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान और पुलिस प्रशासन से जुड़े विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर वैचारिक सत्र की शुरुआत की। मंच से वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बापू के आदर्शों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर दैनिक आचरण में उतारने का आह्वान किया।

Darbhanga: माता के संस्कार, गलती स्वीकारने का साहस और सत्याग्रह

राजकीय उच्च विद्यालय बहुअरा के शिक्षक डॉ. मनोहर पाठक ने मुख्य वक्ता के रूप में गांधीजी के जीवन दर्शन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधीजी का व्यक्तित्व उनकी माता द्वारा दिए गए नैतिक संस्कारों, सत्य के प्रति अटूट निष्ठा और अपनी गलतियों को निडरता से स्वीकार करने के साहस की नींव पर गढ़ा गया था। डॉ. पाठक ने दक्षिण अफ्रीका की रेल घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे एक अपमानजनक अनुभव ने मोहनदास को महात्मा और सत्याग्रह के वैश्विक प्रणेता के रूप में रूपांतरित कर दिया।

सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर अपराध से सतर्क रहें युवा

समारोह को संबोधित करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) ने विद्यार्थियों को अनुशासन और निरंतर परिश्रम को जीवन का मूलमंत्र बनाने की सीख दी। उन्होंने आज के डिजिटल युग में युवाओं को सतर्क करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया के अत्यधिक और गैर-जिम्मेदाराना उपयोग से बचें। उन्होंने साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसे गंभीर खतरों के प्रति सचेत रहने की अपील की और कहा कि तकनीक का इस्तेमाल अपने करियर और ज्ञान के विस्तार के लिए होना चाहिए, न कि भटकाव के लिए।

वहीं, सब इंस्पेक्टर महेश कुमार ने पुलिस सेवा के अपने वास्तविक अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को कानून का सम्मान करने, सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षा, शोध और भारतीय जीवन मूल्यों पर वैज्ञानिकों का संदेश

चेन्नई कैंसर इंस्टीट्यूट की रेडिएशन यूनिट की पूर्व प्रमुख व प्रख्यात भौतिक विज्ञानी प्रो. सुधा देशमुख ने अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और ग्रंथों में निहित जीवन मूल्यों की चर्चा करते हुए कहा कि कठिनाइयों के बावजूद निरंतर प्रयास ही सफलता दिलाता है।

केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पीएम चेयर नेशनल प्रोफेसर ऑफ फिजिक्स प्रो. प्रणव देशमुख ने विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि लगन और सीखने की ललक से ही जीवन के किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।

क्विज प्रतियोगिता में चमकीं प्रतिभाएं

विचार सत्र के उपरांत ‘गांधी क्विज’ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और गांधीजी के जीवन से जुड़े प्रश्नों के त्वरित उत्तर दिए। प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

 

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