Bihar
Darbhanga: काम में लापरवाही पर महिला पर्यवेक्षिका की सेवा समाप्त
Darbhanga: दरभंगा जिले में प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया गया है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी कौशल कुमार ने त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बाल विकास परियोजना कुशेश्वरस्थान पूर्वी के अंतर्गत पदस्थापित महिला पर्यवेक्षिका राम शोभा कुमारी की संविदा (अनुबंध) तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। जिले में चर्चा का विषय बने इस Darbhanga Lady Supervisor Contract Terminated आदेश के बाद आईसीडीएस और समाज कल्याण विभाग के लापरवाह कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
Darbhanga: समीक्षा बैठक में खुली पोल, सेक्टर-2 की प्रगति मिली निम्न
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने प्रशासनिक आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि विगत 14 अक्टूबर को समाहरणालय में समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के विभागीय कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।
इस समीक्षात्मक बैठक के दौरान कुशेश्वरस्थान पूर्वी बाल विकास परियोजना के अधीन संचालित सेक्टर संख्या-02 के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि महिला पर्यवेक्षिका राम शोभा कुमारी के सेक्टर की प्रगति अत्यंत असंतोषजनक, निराशाजनक और विभागीय मानकों से काफी नीचे थी। कुपोषण निवारण, आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण, पोषाहार वितरण और मातृत्व लाभ योजनाओं के क्रियान्वयन में घोर शिथिलता पाई गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि वे अपने पदीय दायित्वों के प्रति जवाबदेह नहीं थीं।
Darbhanga: मौखिक चेतावनी और स्पष्टीकरण के बाद भी नहीं बदला रवैया
डीएम ने रेखांकित किया कि यह कोई पहला अवसर नहीं था जब संबंधित पर्यवेक्षिका का कार्य असंतोषजनक मिला हो। पूर्व में भी आयोजित विभागीय बैठकों में उनके अधीन आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रदर्शन लगातार खराब आंका गया था।
विभागीय अधिकारियों द्वारा उन्हें कार्यशैली में सुधार लाने के लिए कई बार मौखिक चेतावनी दी गई थी और औपचारिक स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। इसके बावजूद उन्होंने अपने काम करने के तौर-तरीकों में कोई अपेक्षित सुधार नहीं किया। बार-बार चेतावनी की अनदेखी करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार अरुचि दिखाने के कारण प्रशासन को अंततः अनुबंध समाप्ति जैसा कड़ा निर्णय लेना पड़ा।
Darbhanga: मनीगाछी पदस्थापन के दौरान भी सामने आई थी स्वेच्छाचारिता
जांच के क्रम में यह तथ्य भी उजागर हुआ कि कुशेश्वरस्थान पूर्वी में पदस्थापना से पूर्व, जब राम शोभा कुमारी मनीगाछी बाल विकास परियोजना में कार्यरत थीं, तब भी उनके विरुद्ध गंभीर शिकायतें मिली थीं।
मनीगाछी में तैनाती के दौरान कार्यों के निष्पादन में घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता, विभागीय लक्ष्यों के अनुरूप उपलब्धि हासिल नहीं करने और बिना पूर्व सूचना के अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। कई मामलों में उन्होंने समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण समर्पित तक नहीं किया, और जिन मामलों में जवाब दिया गया, वे नियंत्री पदाधिकारी की समीक्षा में पूरी तरह तथ्यहीन और असंतोषजनक पाए गए थे।
लापरवाह कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बाल विकास परियोजना समाज के अत्यंत संवेदनशील और कमजोर वर्ग—बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य से जुड़ी है। ऐसे में किसी भी स्तर पर कर्तव्यहीनता और लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीएम कौशल कुमार ने जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) और महिला पर्यवेक्षिकाओं को अपने-अपने सेक्टरों में नियमित क्षेत्र भ्रमण करने और सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुंचाने का कड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी कर्मी निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहेंगे, उनके विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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