Bihar

SIR विवाद पर जेडीयू का पलटवार: उमेश कुशवाहा बोले—’एक साल में एक भी गलत नाम नहीं दिखा पाई आरजेडी’

Published

on

पटना: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव चरम पर पहुंच गया है। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इंडिया गठबंधन के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में पटना के शहीद स्मारक से लोकभवन तक विरोध मार्च निकाला।

मार्च के दौरान हुए भारी हंगामे और नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद जनता दल (यूनाइटेड) ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने प्रदर्शन को ‘सियासी ड्रामा’ करार देते हुए विपक्ष से सीधा सवाल किया कि एसआईआर में आखिर किस वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से काटा गया है।

शहीद स्मारक से लोकभवन तक मार्च, पुलिस बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी

राजधानी की सड़कों पर इंडिया गठबंधन का यह मार्च निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहा था, तभी प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए भारी बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। आगे बढ़ने से रोके जाने पर आक्रोशित तेजस्वी यादव और उनके समर्थक बैरिकेड्स पर चढ़ गए। स्थिति अनियंत्रित होते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए तेजस्वी यादव सहित कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया।

नेताओं को ले जा रही पुलिस वैन पर भी कई समर्थक चढ़ गए, जिससे इलाके में काफी देर तक अफरातफरी मची रही। इसी गहमागहमी और धक्का-मुक्की के दौरान भाकपा-माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा अचानक बेहोश होकर गिर पड़े, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

जेडीयू का हमला: चेहरा चमकाने की कोशिश और सियासी हताशा

इस पूरे घटनाक्रम पर जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह मार्च जनहित से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं, बल्कि केवल तेजस्वी यादव द्वारा अपना चेहरा चमकाने और राजनीतिक जमीन तलाशने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि चुनावी पराजयों से उपजी हताशा के चलते विपक्ष लगातार संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक जनादेश पर बिना किसी आधार के सवाल खड़े कर रहा है। जनता के स्पष्ट जनादेश का इस तरह अपमान करना विपक्ष के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करता है, जिसे बिहार की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

‘एक साल बाद भी एक भी सबूत नहीं पेश कर सकी आरजेडी’

उमेश कुशवाहा ने विपक्षी दलों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया संपन्न हुए एक साल से अधिक का समय बीत चुका है। इसके बावजूद तेजस्वी यादव या उनका गठबंधन आज तक एक भी ऐसा वास्तविक उदाहरण प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसमें किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से काटा गया हो या किसी अपात्र व्यक्ति का नाम फर्जी तरीके से जोड़ा गया हो। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्ष के पास कोई ठोस दस्तावेज या साक्ष्य ही नहीं है, तो फिर राजधानी की सड़कों पर कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाला यह आंदोलन किस आधार पर खड़ा किया जा रहा है।

राज्यपाल से हुई मुलाकात, विधि सम्मत कार्रवाई करेगी पुलिस

पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में रोका गया था। बाद में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और प्रतिनिधिमंडल के कुछ चुनिंदा नेताओं को लोकभवन ले जाया गया, जहां उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर अपना ज्ञापन सौंपा। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने और उग्र प्रदर्शन में शामिल कुछ तत्वों को हिरासत में लिया गया है तथा कानून के अनुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

 

यह भी पढ़े: Supaul: SH-91 पर बाइक सवार युवक को टक्कर मार अगवा किया, ग्रामीणों पर 4 राउंड फायरिंग

 

यह भी पढ़े: सीएम हेमंत सोरेन ने अनुसेवक अंगद महतो को दी भावभीनी विदाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Exit mobile version