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 Madhepura Crime News: मधेपुरा में सनसनीखेज वारदात, लापता किशोरी की हत्या का अंदेशा, शव छिपाने के आरोप में मां-बहन समेत कई हिरासत में

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Madhepura Crime News: बिहार के मधेपुरा जिला अंतर्गत शंकरपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बेहरारी पंचायत के वार्ड नंबर 4 स्थित गौररहा गांव की एक नाबालिग किशोरी के संदिग्ध हालात में लापता होने के बाद अब उसकी हत्या और साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव गायब किए जाने की आशंका गहरा गई है। पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मृतका की मां और बहन समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।

घास लाने गई थी खेत, घर नहीं लौटने पर पिता ने दी थी अर्जी: Madhepura Crime News

गौररहा गांव के निवासी दिनेश यादव ने शंकरपुर थाने में लिखित सूचना दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी मवेशियों के लिए घास लाने खेत गई थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों की ओर से खोजबीन की गुहार लगाने के बाद पुलिस ने औपचारिक जांच शुरू की।

परिजनों के बयानों में विरोधाभास, मां और बहन से पूछताछ: Madhepura Crime News

पुलिस द्वारा जब परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ की गई, तो उनके बयानों में भारी विसंगतियां पाई गईं। थानाध्यक्ष राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने कड़ाई से तफ्तीश की, जिसके बाद किशोरी की मां, बहन और कुछ अन्य संबंधियों को हिरासत में ले लिया गया। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कथित तौर पर यह बात सामने आई है कि सात अक्टूबर की रात ही किशोरी की हत्या कर दी गई थी और शव को ठिकाने लगा दिया गया।

धान के खेतों और नदी में तलाश, पिता हुआ फरार: Madhepura Crime News

जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस दल ने गौररहा गांव से सटी नदी और आस-पास के धान के खेतों में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, देर शाम तक शव का कोई सुराग नहीं मिल सका। इस बीच, शिकायत दर्ज कराने वाला पिता दिनेश यादव अचानक फरार हो गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

थानाध्यक्ष का बयान

थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि यह प्रकरण अत्यंत संवेदनशील है। हिरासत में लिए गए लोगों से निरंतर पूछताछ जारी है। जब तक शव बरामद नहीं हो जाता और ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लग जाते, तब तक घटना के मुख्य कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती। पुलिस सभी तकनीकी व प्रत्यक्ष पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।

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Madhepura: बदनामी के डर से पिता ने की नाबालिग बेटी की गला काटकर हत्या, बोरी में बंद कर नदी में फेंका शव

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Madhepura: बदनामी के डर से पिता ने की नाबालिग बेटी की गला काटकर हत्या, बोरी में बंद कर नदी में फेंका शव

Madhepura: बिहार के मधेपुरा जिले में झूठी शान (ऑनर किलिंग) और सामाजिक बदनामी के खौफ में एक पिता द्वारा अपनी ही नाबालिग बेटी की नृशंस हत्या करने का रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है।

शंकरपुर थाना क्षेत्र के गौररहा गांव में पिता ने सोते समय अपनी नाबालिग बेटी की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी और शव को बोरी में भरकर नदी में प्रवाहित कर दिया। वारदात के बाद शातिर पिता ने थाने पहुंचकर बेटी के गायब होने की झूठी शिकायत दर्ज करा दी। हालांकि, पुलिसिया तफ्तीश और परिवार के सदस्यों के बयानों में विरोधाभास के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर इस खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है।

Madhepura News: खुद थाने जाकर दर्ज कराई थी गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट

पुलिस के अनुसार, गौररहा वार्ड नंबर 4 निवासी 35 वर्षीय दिनेश कुमार ने 11 अक्टूबर को शंकरपुर थाने में एक लिखित आवेदन दिया था। उसने दावा किया था कि उसकी नाबालिग पुत्री घास काटने के लिए खेत की ओर गई थी और उसके बाद से घर नहीं लौटी। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर गुमशुदगी की सनहा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। हालांकि, जब जांच अधिकारी घर पहुंचे, तो परिजनों के बयानों में गहरा विरोधाभास दिखा और पिता के हाव-भाव संदिग्ध पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।

Madhepura news: छोटी बहन की गवाही ने खोली पिता के गुनाहों की पोल

विशेष जांच टीम ने जब मृतका की मां और उसकी छोटी बहन से एकांत में गहन पूछताछ की, तो पूरे मामले की परतें खुल गईं। मासूम छोटी बहन ने पुलिस को कांपते हुए बताया कि उसकी बड़ी बहन किसी दरिंदे का नहीं, बल्कि खुद उनके पिता के वहशीपन का शिकार हुई है। बहन ने खुलासा किया कि उसने अपनी आंखों से पिता को यह खौफनाक कृत्य करते देखा था। इस बयान के बाद पुलिस ने दिनेश कुमार को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

प्रेम-प्रसंग की बदनामी के डर से रची हत्या की साजिश

पूछताछ के दौरान आरोपी पिता ने बताया कि उसकी बेटी का पड़ोस के ही एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर पूरे गांव और समाज में बातें होने लगी थीं। बदनामी के डर और आक्रोश में उसने बेटी को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान के मुताबिक, 7-8 अक्टूबर की दरमियानी रात जब किशोरी गहरी नींद में सो रही थी, तब उसने दबिया (धारदार हथियार) से उसके गले पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी जान ले ली।

बोरी में शव भरकर नदी में फेंका, साक्ष्य मिटाने के लिए जलाए कपड़े

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खून से लथपथ शव को जूट की बोरी में ठूंसकर बांध दिया। इसके बाद वह शव को अपनी मोटरसाइकिल पर लादकर ले गया और बहरारी नदी के गहरे पानी में फेंक आया। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने के लिए उसने खून से सने बिछावन, चादर, मृतका के वस्त्र और अपने कपड़े तक जला दिए। वारदात की चश्मदीद बनी अपनी छोटी बेटी को उसने जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को कहा और उसे ननिहाल भेज दिया था।

आरोपी जेल भेजा गया, नदी में गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी

शंकरपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं के तहत न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, मृतका के शव और हत्या में प्रयुक्त हथियार (दबिया) की बरामदगी के लिए राज्य आपदा प्रबंधन और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बहरारी नदी में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस यह भी तफ्तीश कर रही है कि साक्ष्य छिपाने या शव फेंकने में आरोपी का साथ किसी अन्य व्यक्ति ने दिया था या नहीं। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में शंकरपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार, अवर निरीक्षक शैलेंद्र कुमार रंजन और जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम ने प्रमुख भूमिका निभाई।

 

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Madhepura News: सिंहेश्वर धाम को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक कॉरिडोर से जोड़ने और मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था सुधारने की मांग

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Madhepura News: कोशी क्षेत्र और मधेपुरा के आधारभूत ढांचे तथा स्वास्थ्य-पर्यटन सेवाओं को मजबूती देने के उद्देश्य से बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने मुख्यमंत्री के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। जिला अतिथि गृह में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आयोग के सदस्य स्वदेश कुमार ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर दो मांग-पत्र सौंपे हैं। इनमें बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर को अंतरराष्ट्रीय कॉरिडोर से जोड़ने, मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय संसाधन बढ़ाने और रणनीतिक ग्रामीण सड़कों के पक्कीकरण की मांग प्रमुखता से शामिल है।

नेपाल-देवघर धार्मिक कॉरिडोर से जुड़े सिंहेश्वर धाम: Madhepura News

स्वदेश कुमार ने बताया कि नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर और झारखंड के देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम) के बीच विकसित किए जा रहे धार्मिक कॉरिडोर की कड़ी में मधेपुरा के ऐतिहासिक सिंहेश्वर धाम को शामिल करना समय की मांग है:
  • पर्यटन को गति: इस जुड़ाव से कोशी क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन का विस्तार होगा और मंदिर को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर प्रमुखता मिलेगी।
  • भारतमाला परियोजना का विस्तार: उच्चैठ भगवती धाम (मधुबनी) से उग्रतारा मंदिर (सहरसा) को जोड़ने वाली सड़क को कोशी ब्रिज और भगा-बैजा के रास्ते लगभग 25 किमी आगे बढ़ाकर सीधे सिंहेश्वर धाम तक जोड़ने की मांग रखी गई है।

जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी दूर करने की मांग: Madhepura News

मधेपुरा स्थित जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (JKTMCH) की जमीनी स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए आयोग सदस्य ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया:
  • अस्पताल के विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों, पैथोलॉजी तकनीशियनों और सहायक स्वास्थ्य कर्मियों की रिक्तियों को शीघ्र भरने की आवश्यकता जताई गई।
  • आधुनिक जांच उपकरणों और जरूरी संसाधनों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया, जिससे स्थानीय जनता को गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु दूरस्थ महानगरों का रुख न करना पड़े।

NH-107 और NH-106 को जोड़ने वाली नहर सड़क के पक्कीकरण पर जोर: Madhepura News

क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाने के लिए ज्ञापन में सड़क संपर्क का मुद्दा भी उठाया गया:
  • दुर्गापुर-परसाहा नहर सड़क: नवरोल से मुड़कर जीरवा रैशना के समीप मिलने वाले लगभग 15 किलोमीटर लंबे मार्ग के पक्कीकरण की मांग रखी गई।
  • यह संपर्क मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 107 को राष्ट्रीय राजमार्ग 106 से सीधे जोड़ेगा, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों को आवागमन में समय व ईंधन दोनों की बचत होगी।

उच्च शिक्षा, कौशल विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा

वार्ता में प्रशासनिक सुधारों और जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं पर भी विस्तार से बात रखी गई:
  • युवाओं के रोजगारपरक भविष्य के लिए तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और उच्च शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने पर चर्चा हुई।
  • बैठक के दौरान ग्रामीण मार्गों के चौड़ीकरण, पीएम सूर्यघर योजना के तहत किफायती सौर ऊर्जा के प्रसार और जनस्वास्थ्य जांच अभियानों की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया।
प्रेस वार्ता में जिला भाजपा उपाध्यक्ष अभिषेक झा और कोषाध्यक्ष सुधीर भगत भी उपस्थित रहे।

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Madhepura: इंडिया गठबंधन का राज्यव्यापी आक्रोश मार्च, पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का फूंका पुतला

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Madhepura: इंडिया गठबंधन का राज्यव्यापी आक्रोश मार्च, पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का फूंका पुतला

Madhepura: बिहार प्रदेश इंडिया गठबंधन के आह्वान पर गुरुवार को मधेपुरा जिला मुख्यालय में राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया और पुतला दहन किया गया।

मतदाता सूची पुनरीक्षण विवाद और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन में विपक्षी दलों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी एकजुटता दिखाई। शहर के प्रमुख भूपेंद्र चौक से शुरू हुए इस आक्रोश मार्च के समापन पर कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का संयुक्त पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के जिलाध्यक्ष सह इंडिया गठबंधन के जिला संयोजक जयकांत यादव ने की।

Madhepura: भूपेंद्र चौक से निकला आक्रोश मार्च, केंद्र व चुनाव आयोग पर बरसे नेता

इंडिया गठबंधन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिलेभर से महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भूपेंद्र चौक पर एकत्र हुए। वहां से हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और विरोध की तख्तियां लेकर नेताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों पर आक्रोश मार्च निकाला।

मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र की एनडीए सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी स्वायत्तता और निष्पक्षता को ताक पर रखकर काम कर रहा है। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ विपक्ष का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो जाती।

Madhepura: राजद के वरिष्ठ नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं की रही मजबूत मौजूदगी

आक्रोश मार्च में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शन में राजद के वरिष्ठ नेता विजेंद्र प्रसाद यादव, राजेंद्र प्रसाद यादव, मनोज यादव, इंजीनियर प्रभास, इंजीनियर नवीन निषाद तथा जिला मीडिया प्रभारी गोपाल यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।

इसके अलावा अभिनंदन यादव, नित्यानंद यादव, सुरेश यादव, तेज नारायण यादव, रणधीर यादव और डॉ. रवि शंकर के साथ-साथ महिला नेत्रियों में रागिनी रानी, विनीता भारती और अनिता कुमारी ने भी आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। पार्टी नेताओं ने कहा कि जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस और वामदलों ने भी दिखाई ताकत

इस संयुक्त आंदोलन में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भाकपा-माले के प्रमुख नेताओं ने कंधे से कंधा मिलाकर भागीदारी दर्ज कराई:

  • कांग्रेस पार्टी: कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता सौरभ चौधरी, वीरेंद्र कुमार, नवीन कुमार, निशांत यादव, प्रमोद सिंह, मुस्तफिक आलम और वार्ड पार्षद धीरेंद्र यादव सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं ने मार्च का नेतृत्व किया।

  • भाकपा (CPI): भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से विद्याधर मुखिया, रमेश शर्मा, रमन कुमार, मसीहुद्दीन और शैलेंद्र कुमार सुमन सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

  • भाकपा-माले (CPI-ML): कॉमरेड मनोरंजन सिंह, सीताराम रजक, सविता खातून, अशोक यादव और अजय कुमार यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र की नीतियों का पुरजोर विरोध किया।

सिंहेश्वर सहित ग्रामीण इलाकों से भी जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता

मुख्यालय में आयोजित इस बड़े शक्ति प्रदर्शन में केवल शहरी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र और अन्य सुदूर ग्रामीण प्रखंडों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। सिंहेश्वर से पहुंचे जत्थों ने मार्च में शामिल होकर विरोध को और धार दी। सभा की अध्यक्षता करते हुए राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव ने सभी सहयोगी दलों का आभार जताया और संकल्प लिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन सड़क से लेकर संसद तक अपनी आवाज बुलंद रखेगा।

 

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