Bihar
Madhepura: इंडिया गठबंधन का राज्यव्यापी आक्रोश मार्च, पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का फूंका पुतला
Madhepura: बिहार प्रदेश इंडिया गठबंधन के आह्वान पर गुरुवार को मधेपुरा जिला मुख्यालय में राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया और पुतला दहन किया गया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण विवाद और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन में विपक्षी दलों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी एकजुटता दिखाई। शहर के प्रमुख भूपेंद्र चौक से शुरू हुए इस आक्रोश मार्च के समापन पर कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का संयुक्त पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के जिलाध्यक्ष सह इंडिया गठबंधन के जिला संयोजक जयकांत यादव ने की।
Madhepura: भूपेंद्र चौक से निकला आक्रोश मार्च, केंद्र व चुनाव आयोग पर बरसे नेता
इंडिया गठबंधन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिलेभर से महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भूपेंद्र चौक पर एकत्र हुए। वहां से हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और विरोध की तख्तियां लेकर नेताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों पर आक्रोश मार्च निकाला।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र की एनडीए सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी स्वायत्तता और निष्पक्षता को ताक पर रखकर काम कर रहा है। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ विपक्ष का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो जाती।
Madhepura: राजद के वरिष्ठ नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं की रही मजबूत मौजूदगी
आक्रोश मार्च में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शन में राजद के वरिष्ठ नेता विजेंद्र प्रसाद यादव, राजेंद्र प्रसाद यादव, मनोज यादव, इंजीनियर प्रभास, इंजीनियर नवीन निषाद तथा जिला मीडिया प्रभारी गोपाल यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इसके अलावा अभिनंदन यादव, नित्यानंद यादव, सुरेश यादव, तेज नारायण यादव, रणधीर यादव और डॉ. रवि शंकर के साथ-साथ महिला नेत्रियों में रागिनी रानी, विनीता भारती और अनिता कुमारी ने भी आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। पार्टी नेताओं ने कहा कि जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस और वामदलों ने भी दिखाई ताकत
इस संयुक्त आंदोलन में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भाकपा-माले के प्रमुख नेताओं ने कंधे से कंधा मिलाकर भागीदारी दर्ज कराई:
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कांग्रेस पार्टी: कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता सौरभ चौधरी, वीरेंद्र कुमार, नवीन कुमार, निशांत यादव, प्रमोद सिंह, मुस्तफिक आलम और वार्ड पार्षद धीरेंद्र यादव सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं ने मार्च का नेतृत्व किया।
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भाकपा (CPI): भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से विद्याधर मुखिया, रमेश शर्मा, रमन कुमार, मसीहुद्दीन और शैलेंद्र कुमार सुमन सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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भाकपा-माले (CPI-ML): कॉमरेड मनोरंजन सिंह, सीताराम रजक, सविता खातून, अशोक यादव और अजय कुमार यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र की नीतियों का पुरजोर विरोध किया।
सिंहेश्वर सहित ग्रामीण इलाकों से भी जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता
मुख्यालय में आयोजित इस बड़े शक्ति प्रदर्शन में केवल शहरी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र और अन्य सुदूर ग्रामीण प्रखंडों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। सिंहेश्वर से पहुंचे जत्थों ने मार्च में शामिल होकर विरोध को और धार दी। सभा की अध्यक्षता करते हुए राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव ने सभी सहयोगी दलों का आभार जताया और संकल्प लिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन सड़क से लेकर संसद तक अपनी आवाज बुलंद रखेगा।
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