Madhepura
Madhepura News: मधेपुरा में ग्रामीणों की चौखट पर पहुंचा प्रशासन, उदाकिशुनगंज में लगा सहयोग शिविर, बीडीओ ने लिया जायजा
Madhepura News: सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से ग्रामीणों को निजात दिलाने और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से मंगलवार को उदाकिशुनगंज प्रखंड की मधुबन और लश्करी पंचायत में ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया।
एक ही छत के नीचे मिले 20 से अधिक विभाग: Madhepura News
सहयोग शिविर में ग्रामीणों की सहूलियत के लिए विभिन्न विभागों के अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, राजस्व एवं भूमि सुधार, बिजली, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, आपूर्ति (राशन), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएचईडी (नल-जल), मनरेगा, जीविका और कृषि विभाग प्रमुख रूप से शामिल रहे। ग्रामीणों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने के बजाय अपने ही गांव में अधिकारियों से सीधा संवाद करने का मौका मिला।
बीडीओ ने काउंटरों का किया निरीक्षण: Madhepura Newsजिलाधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर का जायजा लेने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) गुलजारी पंडित पहुंचे। उन्होंने सभी विभागों के काउंटरों का निरीक्षण कर दर्ज शिकायतों और प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की। बीडीओ ने शिविर में आए ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों को सभी आवेदनों पर नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हर माह के दो मंगलवार को लगेगा शिविर: Madhepura News
प्रशासनिक पहल के तहत जनसमस्याओं के समाधान और जनता से सीधा जुड़ाव बनाने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस मौके पर मुखिया पूजा कुमारी, अरुण कुशवाहा, सौरभ कुशवाहा, रंजीत कुमार और विनय कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं विभागीय कर्मी उपस्थित रहे।
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Madhepura
Merchant Discount Rate: ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4% MDR से मुरलीगंज के व्यापारियों में असमंजस, 15 अक्टूबर से प्रभावी होगी व्यवस्था
क्या है नई MDR व्यवस्था का ढांचा?: Merchant Discount Rate
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₹2,000 तक का भुगतान: पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, यानी छोटे भुगतानों पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगेगा।
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₹2,000 से अधिक का भुगतान: निर्धारित नियमों के तहत 0.4% का MDR व्यापारी स्तर पर देय होगा।
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ग्राहकों पर सीधा भार नहीं: वित्तीय सेवा विभाग की FAQ में यह स्पष्ट किया गया है कि व्यापारी इस शुल्क को बिल में अलग से 0.4% के रूप में जोड़कर सीधे ग्राहक से नहीं वसूल सकते।
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार: बड़े बिलिंग वाले सौदों में मुनाफे पर चोट का डर
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इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में ग्राहकों के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन तुलना के ढेरों विकल्प मौजूद हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी है।
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ऐसे में 0.4% का अतिरिक्त वहन सीधे व्यापारी के सीमित मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
थोक किराना और उत्सवों की खरीदारी पर असर: Merchant Discount Rate
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दैनिक घरेलू खरीदारी आमतौर पर छोटी होती है, परंतु वैवाहिक आयोजनों, त्योहारों या थोक उठाव के समय बिल हजारों रुपये में बनता है।
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व्यापारियों का मानना है कि व्यापार की लागत और मूल्य निर्धारण आपस में जुड़े होते हैं। भले ही ग्राहक से सीधे शुल्क न लिया जाए, लेकिन बढ़ी हुई संचालन लागत का असर लंबे समय में मूल्य संतुलन पर पड़ सकता है।
कपड़ा व्यापारियों और चैंबर ऑफ कॉमर्स का रुख: Merchant Discount Rate
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कपड़ा व्यवसायियों का तर्क: कपड़ा कारोबार में भी बड़े भुगतान आम बात हैं। बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अतिरिक्त लागत को समायोजित करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
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चैंबर ऑफ कॉमर्स का दृष्टिकोण: चैंबर के पदाधिकारियों के अनुसार, किसी भी व्यवसाय में संचालन खर्च, खरीद लागत और लाभ मार्जिन मिलकर ही अंतिम दर तय करते हैं। नई व्यवस्था का प्रभाव हर व्यापारिक खंड पर उसकी कार्यप्रणाली के अनुसार अलग-अलग दिखेगा।
डिजिटल लेन-देन का व्यापक दायरा
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Bihar
Madhepura Crime: मधेपुरा में खूनी खेल, नरदह के मुखिया प्रतिनिधि विक्की मेहता की छलनी कर दी गईं सांसें, 10 गोलियां दागकर मर्डर
आक्रोशित ग्रामीणों ने SH-58 किया जाम: Madhepura Crime
5 नामजद और 10 अज्ञात पर एफआईआर, गांव में पुलिस छावनी: Madhepura Crime
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मृतक की भाभी व वर्तमान मुखिया रीता कुमारी के फर्द बयान के आधार पर 5 नामजद और 8 से 10 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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योगीराज स्थित आवास और आसपास के संवेदनशील इलाकों में उदाकिशुनगंज, बिहारीगंज सहित कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई है।
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पुलिस की विशेष टीमें नामजद आरोपियों की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
आपराधिक अतीत और हालिया राजनीतिक सक्रियता: Madhepura Crime
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Bihar
Madhepura News: BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, ‘बख्तियारपुर का नाम बदलना ही चाहिए’, फरक्का मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
Madhepura News: दो दिवसीय दौरे पर मधेपुरा पहुंचे भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्थानीय अतिथि शाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान उन्होंने बख्तियारपुर का नाम बदलने की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि बख्तियार खिलजी एक आक्रांता था, इसलिए उसके नाम पर बसे शहर का नाम बदला ही जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने 1996 की फरक्का जलसंधि को लेकर विपक्ष की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला।
‘बख्तियार आक्रांता था, नाम बदलना जरूरी’: Madhepura News
बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की उठ रही मांग पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपना रुख स्पष्ट किया:
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नाम परिवर्तन का समर्थन: संजय सरावगी ने कहा कि बख्तियार खिलजी ने हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाया था, वह एक हमलावर था। ऐसे आक्रांता के नाम पर किसी शहर की पहचान नहीं रहनी चाहिए, इसलिए नाम बदला जाना पूरी तरह न्यायसंगत है।
फरक्का संधि पर विपक्ष पर साधा निशाना: Madhepura News
गंगा जलसंधि को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा:
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सियासी लाभ का आरोप: 1996 में जब फरक्का समझौता हुआ था, तब आज सवाल खड़े करने वाले लोग पूरी तरह खामोश थे और उन्होंने कोई आवाज नहीं उठाई।
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चुनावी स्टंट: उन्होंने आरोप लगाया कि अब महज राजनीतिक लाभ और सुर्खियां बटोरने के लिए इस पुराने मुद्दे को तूल दिया जा रहा है।
7.8% GDP और ‘सहयोग पोर्टल’ से विकास को गति: Madhepura News
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र व बिहार की एनडीए सरकार के कार्यों का ब्योरा रखा:
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आर्थिक व वैश्विक प्रगति: देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत तक पहुंचना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों की सफलता दर्शाता है। इसके साथ ही भारत में ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का आयोजन देश की बढ़ती वैश्विक साख का प्रतीक है।
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रोजगार व शिक्षा: उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने का काम तेजी से हो रहा है।
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सहयोग पोर्टल से त्वरित न्याय: जनता की शिकायतों के निपटारे के लिए ‘सहयोग पोर्टल’ बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। यदि कोई अधिकारी काम में केवल खानापूर्ति करता है, तो सीएम स्तर पर इसकी सीधी मॉनिटरिंग कर कार्रवाई की जा रही है।
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