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 Saharsa News: सहरसा सदर अस्पताल कांड, सुपौल में भड़के पत्रकार, डीएम के जरिए सीएम से की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

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Saharsa News: सहरसा सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान पत्रकार के साथ हुई अभद्रता और कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस घटना के विरोध में सुपौल जिले के मीडियाकर्मियों में गहरा रोष फैल गया है। जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और मामले में सख्त हस्तक्षेप की मांग की है।

डीएम सावन कुमार को सौंपा गया ज्ञापन: Saharsa News

बुधवार को सुपौल के पत्रकारों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी सावन कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर घटना की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी। पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है।

साक्ष्यों की निष्पक्षता के लिए आरोपी डॉक्टर को हटाने की मांग: Saharsa News

पत्रकारों ने ज्ञापन में यह स्पष्ट किया कि मारपीट के आरोपी चिकित्सक डॉ. एस. के. आजाद जब तक पद पर बने रहेंगे, तब तक जांच प्रभावित होने की पूरी आशंका बनी रहेगी।
  • आरोपी का स्थानांतरण: जांच प्रक्रिया पूरी होने तक आरोपी डॉक्टर को सहरसा सदर अस्पताल से हटाया जाए।
  • सीसीटीवी फुटेज का संरक्षण: अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखा जाए ताकि डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके।
  • अस्पताल प्रबंधक की संलिप्तता: घटनाक्रम में अस्पताल प्रबंधक सिम्पी कुमारी की कथित भूमिका की भी गहन जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।

कार्यक्षेत्र में सुरक्षा और निर्बाध माहौल की आवश्यकता: Saharsa News

ज्ञापन के माध्यम से पत्रकार संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि फील्ड में काम कर रहे पत्रकारों को भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। अस्पताल, प्रशासनिक कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस तंत्र विकसित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पत्रकार संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि मामले में त्वरित और निष्पक्ष कदम नहीं उठाए गए, तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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मोकामा विधायक Anant Singh को विधानसभा का नोटिस, सदस्यता पर संकट

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मोकामा विधायक Anant Singh को विधानसभा का नोटिस, सदस्यता पर संकट

पटना: बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी हलचल सामने आ रही है। मोकामा के बाहुबली विधायक Anant Singh की विधानसभा सदस्यता पर तलवार लटक गई है।

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए की गई औपचारिक शिकायत के बाद बिहार विधानसभा सचिवालय ने कड़ा रुख अपनाया है। इस चर्चित Mokama MLA Anant Singh Notice प्रकरण में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के निर्देश पर विधानसभा सचिव ने मोकामा विधायक को विधिवत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सोमवार को यह नोटिस प्राप्त होने के बाद अब अनंत सिंह को अपनी विधानसभा सदस्यता बचाने के लिए एक सप्ताह यानी मात्र 7 दिनों के भीतर विधानसभा सचिवालय के समक्ष अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।

Anant Singh Membership Row: जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने की थी शिकायत

पूरा मामला हालिया चुनावी गतिविधियों और राजनीतिक बयानों के दौरान पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने से जुड़ा हुआ है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने मोकामा विधायक अनंत सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को एक औपचारिक आवेदन सौंपा था।

इस शिकायती आवेदन में अनंत सिंह पर दल-बदल रोधी कानूनों की भावना के विपरीत काम करने, पार्टी के आधिकारिक रुख को दरकिनार करने तथा खुलेआम पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के बेहद गंभीर आरोप लगाए गए थे। जेडीयू नेतृत्व ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की थी कि अनुशासनहीनता और दल-विरोधी आचरण को आधार बनाकर अनंत सिंह की बिहार विधानसभा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए।

Anant Singh: सीडी, वीडियो फुटेज और अखबारों की कतरनें बनीं साक्ष्य

अपनी शिकायत को विधिक रूप से ठोस और अचूक बनाने के लिए जेडीयू की ओर से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पर्याप्त दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य पेश किए गए हैं।

इन साक्ष्यों में हालिया चुनावों के दौरान दिए गए सार्वजनिक बयानों, विपक्षी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने से जुड़े वीडियो की डिजिटल सीडी (CD), सोशल मीडिया फुटेज और प्रमुख समाचार पत्रों में छपी खबरों की कटिंग्स शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने पार्टी द्वारा प्रस्तुत किए गए इन सभी तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्यों का प्राथमिक अवलोकन करने के उपरांत नियमानुसार अग्रिम विधिक प्रक्रिया प्रारंभ करने का आदेश दिया। इसी निर्देश के आलोक में विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षर युक्त औपचारिक नोटिस विधायक को प्रेषित किया गया।

सात दिनों के भीतर देना होगा बिंदुवार जवाब

विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रेषित नोटिस में विधायक Anant Singh  को सात दिनों की समयसीमा के भीतर सभी आरोपों पर अपना औपचारिक पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया गया है। सोमवार को नोटिस की प्रति आधिकारिक तौर पर विधायक को तामील करा दी गई है।

सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, फिलहाल उनकी सदस्यता समाप्त करने या उन्हें अयोग्य घोषित करने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के तहत पहले विधायक का जवाब दर्ज किया जाएगा। यदि अनंत सिंह निर्धारित समयसीमा में अपना उत्तर दाखिल नहीं करते हैं या उनका स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया जाता है, तो विधानसभा अध्यक्ष मामले की विस्तृत सुनवाई कर सदस्यता समाप्त करने संबंधी अंतिम फैसला ले सकते हैं।

मोकामा से लेकर पटना तक सियासी हलचल तेज

विधानसभा से नोटिस जारी होते ही राजधानी पटना से लेकर मोकामा और टाल क्षेत्र की राजनीति का तापमान अचानक बढ़ गया है। अनंत सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ताधारी दल द्वारा अपने ही विधायक के विरुद्ध इतनी सख्त कार्रवाई की मांग करना यह दर्शाता है कि पार्टी अब आंतरिक अनुशासन को लेकर किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में नहीं है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बाहुबली विधायक अनंत सिंह विधानसभा के इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और इस कानूनी लड़ाई में उनका अगला सियासी कदम क्या होगा।

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Supaul: नेपाल से बाइक पर ला रहा था शराब, 160 बोतल के साथ धराया

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Supaul: नेपाल से बाइक पर ला रहा था शराब, 160 बोतल के साथ धराया

Supaul: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सुपौल जिले के सीमावर्ती इलाकों में शराब माफियाओं के नेटवर्क पर स्थानीय पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इसी क्रम में दिवा गश्ती के दौरान वीरपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जहां मोटरसाइकिल से अवैध शराब की खेप ला रहे एक युवक को रंगेहाथ दबोच लिया गया।

सीमाई क्षेत्र में हुई इस Nepali Liquor Seized Supaul Birpur कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बाइक पर लोड नेपाल निर्मित ‘उमंग’ ब्रांड की 160 बोतल अवैध शराब बरामद की। जब्त की गई शराब की कुल मात्रा 48 लीटर आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है और सीमा पार से शराब तस्करी के आरोप में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Supaul: नियमित दिवा गश्ती के दौरान संदेह के आधार पर रोकी गई बाइक

वीरपुर थाना पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एवं अवैध तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस दल नियमित दिवा गश्ती पर तैनात था। गश्ती दल जब चिन्हित मार्ग से गुजर रहा था, तभी नेपाल सीमा की दिशा से तेज गति से आ रहे एक संदिग्ध बाइक सवार पर पुलिस जवानों की नजर पड़ी।

संदेहास्पद गतिविधि और पुलिस वाहन को देखकर युवक द्वारा रफ्तार बढ़ाने की कोशिश के बाद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और उसे रुकने का इशारा किया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान बाइक चालक घबरा गया और स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। इसके बाद जब पुलिसकर्मियों ने मोटरसाइकिल पर बंधे बैग और कैरियर की सघन तलाशी ली, तो उसमें छिपाकर रखी गई अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद हुई।

Supaul: 300 एमएल की 160 बोतलें बरामद, कुल 48 लीटर शराब जब्त

तलाशी अभियान के दौरान मोटरसाइकिल से नेपाल निर्मित ‘उमंग’ ब्रांड की कुल 160 कांच व टेट्रा पैक बोतलें बरामद की गईं। प्रत्येक बोतल 300 मिलीलीटर क्षमता की थी, जिसकी संयुक्त मात्रा 48 लीटर दर्ज की गई।

शराब की खेप पूरी तरह अवैध और बिना किसी वैध दस्तावेज के भारतीय क्षेत्र में उतारी गई थी। पुलिस ने मौके पर ही सभी 160 बोतलों को विधिवत पंचनामा बनाकर जब्त कर लिया और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल को भी अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाने लाया गया।

अररिया जिले के बसमतिया का रहने वाला है गिरफ्तार युवक

पुलिस की पूछताछ और प्रारंभिक सत्यापन में गिरफ्तार तस्कर की पहचान 19 वर्षीय अमित कुमार, पिता रामचंद्र मेहता के रूप में हुई है। वह पड़ोसी अररिया जिले के बसमतिया थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या-08 का मूल निवासी बताया गया है।

जांच में यह बात सामने आई है कि सीमावर्ती क्षेत्रों के तस्कर मुख्य मार्गों से बचते हुए ग्रामीण संपर्क पथों और पगडंडियों का इस्तेमाल कर शराब को भारतीय सीमा के भीतर कस्बों और देहाती बाजारों में खपाने की फिराक में रहते हैं। पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या युवक केवल एक डिलीवरी कैरियर (कूरियर) के रूप में काम कर रहा था या वह सीमावर्ती शराब माफियाओं के किसी बड़े गिरोह से सीधा जुड़ा हुआ है।

बॉर्डर इलाकों में पुलिस की निगरानी सख्त, नेटवर्क की पड़ताल जारी

बिहार में लागू सख्त मद्य निषेध कानून के तहत शराब की बिक्री, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध है। ऐसे में इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे वीरपुर, बसमतिया और भीमनगर जैसे क्षेत्रों में तस्करों द्वारा सीमा पार से शराब लाने के नए-नए हथकंडे अपनाए जाते हैं।

वीरपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस तकनीकी अनुसंधान और पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि नेपाल में शराब की यह खेप किस सप्लायर से खरीदी गई थी और इसे वीरपुर या अररिया के किस ठिकाने पर डिलीवर किया जाना था। सीमा से सटे सभी संवेदनशील रास्तों पर वाहनों की औचक जांच और गश्त को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

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Saharsa: काली पूजा पर डीजे बैन, लाइसेंस लेना अनिवार्य

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Saharsa: काली पूजा पर डीजे बैन, लाइसेंस लेना अनिवार्य

Saharsa: आगामी पावन पर्व काली पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र में पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है।

इसी कड़ी में नगर परिषद के वार्ड संख्या 10 स्थित ऐतिहासिक राम जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में पुलिस पदाधिकारियों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस प्रशासन द्वारा विस्तृत Kali Puja Guidelines Simri Bakhtiyarpur जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया गया कि किसी भी पूजा समिति को बिना विधिवत प्रशासनिक लाइसेंस के पंडाल या प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही ध्वनि प्रदूषण, हुड़दंग और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।

Saharsa: सूखे नशे के खिलाफ जन-आंदोलन का आह्वान

बैठक का एक प्रमुख केंद्र बिंदु नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों में तेजी से पांव पसार रहा सूखा नशा और उससे बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी रहा। स्थानीय स्तर पर स्मैक, नशीली गोलियों और कफ सिरप जैसी घातक लत के बढ़ते जाल को लेकर पुलिस और आम नागरिकों दोनों ने गहरी चिंता व्यक्त की।

बख्तियारपुर थानाध्यक्ष जयशंकर कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य पर ही आघात नहीं करता, बल्कि उसके पूरे परिवार के आर्थिक, सामाजिक और मानसिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर देता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भटकते युवाओं को इस दलदल से खींचकर मुख्यधारा में लाना पुलिस और समाज दोनों का प्राथमिक दायित्व है। थानाध्यक्ष ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की संगति और गतिविधियों पर नियमित नजर रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना गोपनीय रूप से पुलिस को दें।

Saharsa: डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध और अनिवार्य लाइसेंस की शर्तें

प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार, काली पूजा के अवसर पर उच्च डेसिबल वाले डीजे साउंड सिस्टम के संचालन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। थानाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी पंडाल या विसर्जन जुलूस में डीजे बजता पाया गया, तो संचालक और पूजा समिति के पदाधिकारियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उपकरण जब्त कर लिए जाएंगे।

पूजा समितियों को अनुमंडल प्रशासन से ससमय लाइसेंस प्राप्त करने, पंडालों में अग्निशमन के उपकरण रखने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की सूची थाने में समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। पारंपारिक और निर्धारित ध्वनि सीमा वाले लाउडस्पीकरों को ही सीमित समय के लिए अनुमति दी जाएगी, ताकि बुजुर्गों, मरीजों और छात्र-छात्राओं को अनावश्यक परेशानी न हो।

Saharsa: पुलिस और जनता का साझा संकल्प: बनेगा नशामुक्त वार्ड

राम जानकी ठाकुरबाड़ी में आयोजित इस संवाद ने पुलिस और स्थानीय जनता के बीच विश्वास को सुदृढ़ करने का काम किया। वार्ड नंबर 10 के नागरिकों और युवाओं ने एक स्वर में पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

स्थानीय प्रबुद्धजनों ने घोषणा की कि वे अपने वार्ड को नशामुक्त आदर्श वार्ड बनाने के लिए निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाएंगे और नशा बेचने या खरीदने वालों की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाएंगे। बैठक के बाद आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है और आशा व्यक्त की जा रही है कि यह पहल पूरे अनुमंडल क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल साबित होगी।

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