Bihar
मोकामा विधायक Anant Singh को विधानसभा का नोटिस, सदस्यता पर संकट
पटना: बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी हलचल सामने आ रही है। मोकामा के बाहुबली विधायक Anant Singh की विधानसभा सदस्यता पर तलवार लटक गई है।
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए की गई औपचारिक शिकायत के बाद बिहार विधानसभा सचिवालय ने कड़ा रुख अपनाया है। इस चर्चित Mokama MLA Anant Singh Notice प्रकरण में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के निर्देश पर विधानसभा सचिव ने मोकामा विधायक को विधिवत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सोमवार को यह नोटिस प्राप्त होने के बाद अब अनंत सिंह को अपनी विधानसभा सदस्यता बचाने के लिए एक सप्ताह यानी मात्र 7 दिनों के भीतर विधानसभा सचिवालय के समक्ष अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।
Anant Singh Membership Row: जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने की थी शिकायत
पूरा मामला हालिया चुनावी गतिविधियों और राजनीतिक बयानों के दौरान पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने से जुड़ा हुआ है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने मोकामा विधायक अनंत सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को एक औपचारिक आवेदन सौंपा था।
इस शिकायती आवेदन में अनंत सिंह पर दल-बदल रोधी कानूनों की भावना के विपरीत काम करने, पार्टी के आधिकारिक रुख को दरकिनार करने तथा खुलेआम पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के बेहद गंभीर आरोप लगाए गए थे। जेडीयू नेतृत्व ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की थी कि अनुशासनहीनता और दल-विरोधी आचरण को आधार बनाकर अनंत सिंह की बिहार विधानसभा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए।
Anant Singh: सीडी, वीडियो फुटेज और अखबारों की कतरनें बनीं साक्ष्य
अपनी शिकायत को विधिक रूप से ठोस और अचूक बनाने के लिए जेडीयू की ओर से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पर्याप्त दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य पेश किए गए हैं।
इन साक्ष्यों में हालिया चुनावों के दौरान दिए गए सार्वजनिक बयानों, विपक्षी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने से जुड़े वीडियो की डिजिटल सीडी (CD), सोशल मीडिया फुटेज और प्रमुख समाचार पत्रों में छपी खबरों की कटिंग्स शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने पार्टी द्वारा प्रस्तुत किए गए इन सभी तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्यों का प्राथमिक अवलोकन करने के उपरांत नियमानुसार अग्रिम विधिक प्रक्रिया प्रारंभ करने का आदेश दिया। इसी निर्देश के आलोक में विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षर युक्त औपचारिक नोटिस विधायक को प्रेषित किया गया।
सात दिनों के भीतर देना होगा बिंदुवार जवाब
विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रेषित नोटिस में विधायक Anant Singh को सात दिनों की समयसीमा के भीतर सभी आरोपों पर अपना औपचारिक पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया गया है। सोमवार को नोटिस की प्रति आधिकारिक तौर पर विधायक को तामील करा दी गई है।
सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, फिलहाल उनकी सदस्यता समाप्त करने या उन्हें अयोग्य घोषित करने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के तहत पहले विधायक का जवाब दर्ज किया जाएगा। यदि अनंत सिंह निर्धारित समयसीमा में अपना उत्तर दाखिल नहीं करते हैं या उनका स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया जाता है, तो विधानसभा अध्यक्ष मामले की विस्तृत सुनवाई कर सदस्यता समाप्त करने संबंधी अंतिम फैसला ले सकते हैं।
मोकामा से लेकर पटना तक सियासी हलचल तेज
विधानसभा से नोटिस जारी होते ही राजधानी पटना से लेकर मोकामा और टाल क्षेत्र की राजनीति का तापमान अचानक बढ़ गया है। अनंत सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ताधारी दल द्वारा अपने ही विधायक के विरुद्ध इतनी सख्त कार्रवाई की मांग करना यह दर्शाता है कि पार्टी अब आंतरिक अनुशासन को लेकर किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में नहीं है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बाहुबली विधायक अनंत सिंह विधानसभा के इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और इस कानूनी लड़ाई में उनका अगला सियासी कदम क्या होगा।
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