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Muharram Mela: मुहर्रम और आशूरा का इतिहास, सिर्फ कर्बला ही नहीं, कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह है यह दिन

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Muharram Mela: मुहर्रम का महीना आते ही ज़हन में हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद ताज़ा हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस्लामी इतिहास में मुहर्रम की 10वीं तारीख, यानी ‘यौमे आशूरा’ का महत्व सिर्फ कर्बला तक ही सीमित नहीं है? इस्लामी परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र दिन का संबंध कई अन्य नबियों (पैगंबरों) के दौर की महान घटनाओं से भी है।

आशूरा से जुड़ीं प्राचीन धार्मिक मान्यताएं: Muharram Mela

स्थानीय उलेमा और इस्लामी इतिहासकारों के मुताबिक, आशूरा के दिन मानव इतिहास की कई बड़ी और महत्वपूर्ण घटनाएं घटी हैं। मान्यताओं के अनुसार इसी दिन:

  • हज़रत आदम की तौबा कुबूल हुई थी।

  • हज़रत नूह की कश्ती (नाव) महाप्रलय के बाद सुरक्षित किनारे लगी थी।

  • हज़रत इब्राहीम आग के दहकते अंगारों से सही-सलामत बाहर आए थे।

  • हज़रत मूसा और बनी इसराइल को अत्याचारी फिरऔन के ज़ुल्म से मुक्ति मिली थी।

  • हज़रत यूनुस को मछली के पेट से सुरक्षित बाहर आने का रास्ता मिला था।

इन्हीं ऐतिहासिक घटनाओं के सिलसिले के बीच, इसी तारीख को कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने हक़ और इंसाफ़ के लिए अपनी जान का नज़राना पेश किया था। यही वजह है कि मुहर्रम केवल शोक का नहीं, बल्कि सब्र, त्याग, सच्चाई और न्याय का संदेश देता है।

भारत में ताजियादारी का इतिहास और बदलते स्वरूप: Muharram Mela

भारत में ताजियादारी (ताजिया निकालने) की परंपरा को लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग मत हैं। कई जानकार इसकी शुरुआत को भारत में तैमूरलंग के शासनकाल से जोड़कर देखते हैं, हालांकि इस पर पूरी तरह एकमत राय नहीं है।

दरभंगा का अलीनगर, 250 साल पुरानी ताजियादारी की विरासत: Muharram Mela

बिहार के दरभंगा जिले के अलीनगर इलाके में ताजियादारी का इतिहास करीब ढाई सौ साल पुराना है। वक्त के साथ ताजियादारी के तौर-तरीकों में काफी बदलाव आया है। आज भी कई जगहों पर बेहद अदब के साथ मजलिस, फातिहा और कुरआनख्वानी (कुरआन का पाठ) जैसी धार्मिक रीतियां निभाई जाती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में इसके आधुनिक स्वरूप को लेकर वैचारिक मतभेद भी देखे जाते हैं।

जमींदार परिवार का योगदान: Muharram Mela

स्थानीय इतिहास के अनुसार, इस परंपरा को मजबूती तब मिली जब तत्कालीन जमींदार परिवार की महिला हसीनतुन निशां ने इमामबाड़े और मजलिसखाने का निर्माण करवाया और इसके रखरखाव के लिए जमीन दान में दी। इसके बाद अलीनगर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर ताजिया बनाने की शुरुआत हुई।

श्यामपुर की बेजोड़ नक्काशी: Muharram Mela

अलीनगर के पास स्थित श्यामपुर गांव का ताजिया अपनी बेहतरीन कलात्मक बनावट और खूबसूरत लकड़ी की नक्काशी के लिए दूर-दूर तक मशहूर रहा है। हालांकि, बदलते वक्त और आधुनिकता के दौर में कई गांवों से यह पारंपरिक रिवाज अब धीरे-धीरे कम या समाप्त होता जा रहा है।

प्रशासनिक फैसला, इस बार अलीनगर में नहीं सजेगा मुहर्रम मेला

अलीनगर के हाट मैदान में हर साल मुहर्रम के मौके पर विभिन्न गांवों से आने वाले ताजियों का मिलान (मिलन) होता है, जिसे देखने भारी भीड़ उमड़ती है। इस दौरान यहां बड़ा मेला, झूला और मीना बाजार भी लगाया जाता रहा है। लेकिन इस वर्ष, स्थानीय प्रशासन ने कानून और सुरक्षा व्यवस्था (विधि-व्यवस्था) को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है:

  • इस बार मीना बाजार, झूला और अस्थायी दुकानों को लगाने की अनुमति नहीं दी गई है।

  • ताजियों का पारंपरिक मिलान शांतिपूर्ण ढंग से होगा, लेकिन पूर्व की तरह भव्य मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा।

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Darbhanga Education News: दरभंगा के LNMU और संस्कृत विवि को केंद्रीय दर्जा दिलाने की पहल, सांसद गोपालजी ठाकुर ने उच्च शिक्षा सचिव व मंत्री से की मुलाकात

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Darbhanga Education News: मिथिला की ऐतिहासिक ज्ञान परंपरा को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने और उच्च शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दरभंगा सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने रविवार को पटना में उच्च शिक्षा सचिव राजीव रौशन तथा उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र को औपचारिक प्रस्ताव भेजने की जोरदार मांग उठाई।

केंद्रीय विश्वविद्यालय के दर्जे और दूरस्थ शिक्षा को पुनः शुरू करने पर जोर: Darbhanga Education News

सांसद ने उच्च शिक्षा सचिव के समक्ष क्षेत्र की उच्च शिक्षा से जुड़ी प्रमुख समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा:

  • केंद्रीय दर्जा: सांसद ने आग्रह किया कि एलएनएमयू और संस्कृत विश्वविद्यालय दोनों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दिलाने के लिए बिहार सरकार शीघ्र संस्तुति पत्र भेजे।

  • डिस्टेंस एजुकेशन की बहाली: एलएनएमयू के लंबे समय से बंद पड़े दूरस्थ शिक्षा केंद्र (डीडीई) को पुनः चालू कराने की मांग रखी, ताकि हजारों वंचित छात्र-छात्राओं की पढ़ाई फिर शुरू हो सके।

  • महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (WIT): डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान के बेहतर संचालन और वित्तीय मजबूती पर भी विमर्श किया गया।

बेनीपुर-बिरौल में B.Ed कोर्स और कॉलेजों की आधारभूत संरचना: Darbhanga Education News

सांसद ने ग्रामीण व अनुमंडलीय क्षेत्रों के डिग्री कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार पर बल दिया:

  • बीएड की पढ़ाई: बिरौल और बेनीपुर डिग्री कॉलेज सहित दरभंगा संसदीय क्षेत्र के अन्य प्रमुख अंगीभूत कॉलेजों में बीएड पाठ्यक्रम शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की।

  • संसाधनों और शिक्षकों की व्यवस्था: कॉलेजों में बेहतर लैब, लाइब्रेरी, आधारभूत संरचना और योग्य शिक्षकों के माध्यम से नियमित वर्ग संचालन सुनिश्चित करने को कहा।

  • रोजगारपरक शिक्षा: सांसद ने रेखांकित किया कि परंपरागत पाठ्यक्रमों के साथ-साथ व्यावसायिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा का विस्तार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनिवार्य है।

उच्च शिक्षा मंत्री से शीघ्र पहल की अपील: Darbhanga Education News

सचिवालय में अधिकारियों से विमर्श के पश्चात सांसद ने बिहार सरकार के उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर से भी मुलाकात की। उन्होंने सौंपे गए सभी प्रस्तावों पर राज्य सरकार के स्तर से त्वरित नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया, जिस पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया गया।

 

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Saharsa News: सलखुआ CHC में बंध्याकरण शिविर संपन्न, 35 महिलाओं का सफल ऑपरेशन, परिवार नियोजन पर दिया बल

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Saharsa News: परिवार नियोजन को बढ़ावा देने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सलखुआ में विशेष महिला बंध्याकरण शिविर का आयोजन किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धीरज कुमार की देखरेख में आयोजित इस शिविर में निबंधित सभी 35 महिलाओं का सुरक्षित व सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ। शिविर के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श और दवाइयां भी उपलब्ध कराईं।

डॉ. संतोष कुमार संत ने किए 35 सफल ऑपरेशन: Saharsa News

शिविर में शल्य चिकित्सा और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के पुख्ता इंतजाम किए गए थे:

  • स्वास्थ्य जांच के बाद सर्जरी: शिविर में पहुंचीं सभी 35 महिलाओं की आवश्यक शारीरिक व पैथोलॉजिकल जांच के उपरांत ही ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया।

  • सफल प्रक्रिया: बनमा इटहरी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संतोष कुमार संत ने सभी पंजीकृत महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया।

  • निगरानी व देखभाल: ऑपरेशन के बाद चिकित्सकीय टीम ने महिलाओं के स्वास्थ्य मानकों की निगरानी की और रिकवरी के बाद आवश्यक एहतियाती दिशा-निर्देश देकर डिस्चार्ज किया।

आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने निभाई अहम भूमिका: Saharsa News

परिवार कल्याण कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों और जमीनी कार्यकर्ताओं का पूरा सहयोग रहा:

  • सक्रिय मेडिकल टीम: ओटी असिस्टेंट कुणाल प्रताप सिंह, जीएनएम मिरु कुमारी, सोनी कुमारी, श्वेता कुमारी और काउंसलर किशन कुमार सहित फार्मासिस्ट व पैरामेडिकल स्टाफ दिनभर मुस्तैद रहे।

  • आशा कार्यकर्ताओं का समन्वय: ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाओं को प्रेरित कर अस्पताल तक लाने और व्यवस्था में सहयोग करने में आशा कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • जागरूकता पर जोर: स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सीमित परिवार और सुरक्षित मातृत्व के प्रति दंपतियों को जागरूक करने के लिए ऐसे शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाते हैं।

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Supaul Crime News: सुपौल में निजी स्कूल के हॉस्टल की छत पर मिला पहली कक्षा के छात्र का शव, गले में था गमछा और बेल्ट, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

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Supaul Crime News: सदर थाना क्षेत्र के गौरवगढ़ (वार्ड नंबर-6) स्थित सान्वी पब्लिक स्कूल के नए हॉस्टल की छत पर रविवार को पहली कक्षा के छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक छात्र की पहचान पारीकोंच पंचायत (वार्ड नंबर-7) निवासी शिव शंकर भारती के पुत्र प्रियांशु कुमार के रूप में हुई है। छात्र के गले में गमछा और बेल्ट का फंदा कसा हुआ था तथा चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या की आशंका जताई है।

छत पर बेसुध पड़ा था छात्र, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया: Supaul Crime News

घटना का खुलासा रविवार दोपहर करीब एक बजे हुआ:

  • छात्रों ने देखा शव: हॉस्टल की छत पर गए कुछ बच्चों ने प्रियांशु को बेसुध पड़ा देखा, जिसके गले में गमछा और बेल्ट लिपटी हुई थी।

  • गार्ड व संचालक को सूचना: छात्रों की सूचना पर गार्ड और स्कूल संचालक मौके पर पहुंचे। छात्र को तुरंत नीचे लाकर शहर के अनंत प्रेरणा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

  • डॉक्टरों ने मृत घोषित किया: जांच के उपरांत चिकित्सक डॉ. बीके यादव ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने उठाए सवाल: दो घंटे बाद क्यों दी गई सूचना?: Supaul Crime News

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं:

  • हत्या की आशंका: मृतक के पिता शिव शंकर भारती ने आरोप लगाया कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि साजिश के तहत की गई हत्या है।

  • देरी से सूचना देने पर आक्रोश: परिजनों का कहना है कि घटना दोपहर एक बजे की है, जबकि उन्हें करीब दो घंटे बाद तीन बजे सूचना दी गई।

  • सीसीटीवी का अभाव: स्कूल संचालक संतोष कुमार ने बताया कि हॉस्टल नया होने के कारण वहां अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच से ही स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस और एफएसएल की जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: Supaul Crime News

वारदात की सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत और प्रभारी एसडीपीओ दिलीप कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की:

  • पूछताछ शुरू: पुलिस हॉस्टल के कर्मियों, शिक्षकों, संचालक और छात्रों से गहन पूछताछ कर रही है।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने और वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

 

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