Bihar
Supaul में 8,865 परिवारों के पक्के मकान की राह आसान, आवास प्लस सूची को मिली मंजूरी
Supaul : बिहार के ग्रामीण इलाकों में बेघर और कच्चे मकानों में गुजर-बसर कर रहे निर्धन परिवारों के लिए पक्की छत का सपना अब साकार होने जा रहा है। सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड में राज्य सरकार के निर्देशानुसार वास्तविक जरूरतमंदों को आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए व्यापक पहल शुरू की गई है।
इसी क्रम में प्रखंड की छह पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया, जहां ‘आवास प्लस-2024’ की नई सर्वे सूची का निष्पक्ष सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) पूरा कर 8,865 पात्र परिवारों के नामों का अनुमोदन किया गया।
Supaul News: ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की भागीदारी और सोशल ऑडिट
संबंधित पंचायतों में स्थानीय मुखिया की अध्यक्षता में आयोजित इन ग्राम सभाओं में आम जनता, विशेषकर महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सुबह से ही सभा स्थलों पर ग्रामीणों की भारी भीड़ देखने को मिली। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में नई सर्वे सूची के प्रत्येक नाम को पढ़कर सुनाया गया। ग्रामीणों की सीधी निगरानी में तैयार इस प्राथमिकता सूची से उन अपात्र लोगों के नाम सर्वसम्मति से हटाने का प्रस्ताव पास किया गया, जो पात्रता के मानकों को पूरा नहीं करते थे।
Supaul News: 6 पंचायतों में 8,865 लाभार्थियों की सूची स्वीकृत
छातापुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि सभी छह पंचायतों में ग्राम सभाओं की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। बीडीओ द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कुल 8,865 परिवारों के नामों को मंजूरी दी गई है:
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चरणै पंचायत: 2,121 परिवार
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चुन्नी पंचायत: 1,761 परिवार
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भीमपुर पंचायत: 1,658 परिवार
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जीवछपुर पंचायत: 1,589 परिवार
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राजेश्वरी पश्चिम पंचायत: 1,160 परिवार
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लक्ष्मीपुर खूंटी पंचायत: 576 परिवार
पोर्टल पर दर्ज होंगे नाम, क्रमवार मिलेगी सहायता
बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य किसी भी वास्तविक गरीब को योजना से वंचित न रहने देना और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाना है। ग्राम सभा से मिले अनुमोदन के बाद इन सभी सत्यापित परिवारों का ब्योरा विभागीय पोर्टल पर आधिकारिक प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में अपलोड किया जा रहा है। सरकार से आवंटन प्राप्त होते ही नियमों के तहत चरणबद्ध तरीके से लाभार्थियों के बैंक खातों में आवास निर्माण की वित्तीय सहायता हस्तांतरित की जाएगी। इस पारदर्शी प्रक्रिया से स्थानीय ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
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