Saharsa
सहरसा के प्रतीक राज ने PSB Hackathon 2026 में हासिल की Nationwide Rank 1, जीता 5 लाख रुपये का पुरस्कार
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर गर्व से रोशन हुआ है। सहरसा के बरहशेर गांव निवासी और IIT भिलाई के मेधावी छात्र प्रतीक राज ने प्रतिष्ठित ‘PSB Hackathon 2026’ में देश में पहली रैंक (Nationwide Rank 1) हासिल की है।
बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा IIT गांधीनगर में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतीक राज ने देशभर के शीर्ष तकनीकी संस्थानों की 450 से अधिक टीमों को पछाड़ते हुए यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उनकी टीम को 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
PSB Hackathon 2026: AI, साइबर सिक्योरिटी और बैंकिंग समाधान में दिखाया दम
इस हैकाथॉन में प्रतिभागियों के सामने बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी वास्तविक तकनीकी चुनौतियां रखी गई थीं। प्रतीक राज ने अपनी टीम के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, फ्रॉड डिटेक्शन और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े अत्यंत व्यावहारिक व प्रभावी समाधान प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल ने उनके इनोवेटिव मॉडल को सबसे सटीक माना और उन्हें पहला स्थान प्रदान किया।
PSB Hackathon 2026: पहले ही प्रयास में पास की थी JEE Advanced
प्रतीक राज बचपन से ही तकनीक और प्रोग्रामिंग के प्रति गहरा रुझान रखते थे। उन्होंने वर्ष 2023 में अपने पहले ही प्रयास में JEE Advanced जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाई और IIT भिलाई में प्रवेश लिया। उनके पिता अरुण कुमार खां सहरसा पॉलिटेक्निक में कार्यरत हैं, जबकि माता शशिबाला कुमारी गृहिणी हैं। परिवार और स्थानीय लोगों ने उनकी इस उपलब्धि पर गहरा हर्ष व्यक्त किया है।
छोटे शहरों व ग्रामीण युवाओं के लिए बने प्रेरणा
प्रतीक राज की इस राष्ट्रीय सफलता से सहरसा के शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों और युवाओं में खुशी की लहर है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर IIT और फिर राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन में शीर्ष स्थान हासिल करना यह साबित करता है कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और नवाचार के दम पर बिहार के युवा तकनीकी क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
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Bihar
Saharsa: चैनपुर का ऐतिहासिक मां काली मंदिर, जहां पूरी होती है हर मनोकामना
Saharsa: कोसी प्रमंडल के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक परिदृश्य में सहरसा जिले के चैनपुर स्थित प्राचीन मां काली मंदिर की ख्याति एक जाग्रत सिद्धपीठ के रूप में है। सदियों से यह पावन स्थल सनातन आस्था, शक्ति उपासना और तांत्रिक अनुष्ठान का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
वर्तमान समय में चैनपुर में दो काली मंदिर स्थापित हो चुके हैं, परंतु आस्थावान भक्तों के बीच सबसे पुराना मूल मंदिर आज भी आस्था का मुख्य केंद्र है। सहरसा ही नहीं, बल्कि सुपौल, मधेपुरा, खगड़िया, दरभंगा और मधुबनी सहित पूरे मिथिलांचल व सीमांचल से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन यहां मां भगवती के चरणों में शीश नवाकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करने पहुंचते हैं।
Saharsa: दशकों पुरानी परंपरा और शक्ति साधना की पीठ
चैनपुर स्थित प्राचीन मां काली मंदिर अपने अलौकिक आध्यात्मिक वातावरण और शक्ति संचय की भूमि के रूप में जाना जाता है। यहां नियमित रूप से मां काली की वैदिक और तांत्रिक दोनों पद्धतियों से विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ब्रह्म मुहूर्त में प्रातःकालीन मंगल आरती और संध्या वेला में महाआरती के दौरान बजने वाले घंटे-घड़ियाल, शंख की ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं।
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दरबार में जो भी भक्त सच्चे अंतःकरण और निष्कपट भाव से झोली फैलाता है, मां उसकी हर मनोकामना अवश्य पूर्ण करती हैं। संतान प्राप्ति, असाध्य रोगों से मुक्ति और पारिवारिक संकटों के निवारण हेतु दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में घी के अखंड दीप प्रज्वलित कर मां से आशीर्वाद मांगते हैं। हाल के वर्षों में मंदिर प्रबंधन और ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, पेयजल व्यवस्था, शेड और प्रकाश के समुचित प्रबंध किए गए हैं, जिससे आने वाले भक्तों को सुगमता होती है।
Saharsa: नवरात्र, अमावस्या और दीपावली पर उमड़ता है जनसैलाब
सामान्य दिनों में भी यहां भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन शारदीय व चैत्र नवरात्र, प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तथा विशेष रूप से कार्तिक अमावस्या (दीपावली की रात) को यहां विशाल धार्मिक समागम देखने को मिलता है। इन पावन तिथियों पर माता का अलौकिक व मनोहारी भव्य श्रृंगार किया जाता है। अखंड दीप, हवन और रात्रि जागरण के साथ भजन-कीर्तन का दौर अनवरत चलता है।
इस पीठ की एक प्रमुख और प्राचीन परंपरा मन्नत पूरी होने पर छाग (बकरे) की बलि प्रदान करने की है। विशेषकर दीपावली और काली पूजा के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु अपनी प्रतिज्ञा और संकल्प के अनुसार यहां बलि अर्पित करते हैं तथा मां को तांत्रिक व सात्विक भोग समर्पित करते हैं।
धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन और संस्कृति की धरोहर
चैनपुर का यह मां काली मंदिर केवल पूजा-पाठ का स्थल नहीं, बल्कि स्थानीय लोकसंस्कृति और धार्मिक पर्यटन का भी एक जीवंत केंद्र बन चुका है। नवरात्र और काली पूजा के समय यहां लगने वाला मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक समरसता को नई ऊर्जा प्रदान करता है। मंदिर की ऐतिहासिक बनावट, प्राचीन वटवृक्ष और शांत परिवेश श्रद्धालुओं को गहन मानसिक शांति की अनुभूति कराते हैं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि यदि इस ऐतिहासिक सिद्धपीठ को पर्यटन विभाग के मानचित्र पर प्रमुखता से विकसित किया जाए, तो यह समूचे कोसी क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
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Bihar
Saharsa News: डीआईजी के जनता दरबार में उमड़े फरियादी, 14 मामलों की सुनवाई कर दिए त्वरित निपटारे के सख्त निर्देश
मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर: Saharsa News
सप्ताह में दो दिन सीधा जनसंवाद: Saharsa News
पुलिसिंग में पारदर्शिता और जनविश्वास को बढ़ावा
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Bihar
Saharsa News: सहरसा में दुर्गा पूजा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, पंडालों से लेकर विसर्जन तक पुलिस का कड़ा पहरा, रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध
एसपी विक्रम सिहाग ने की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा: Saharsa News
ध्वनि विस्तारक यंत्रों और विसर्जन जुलूस के लिए सख्त नियम: Saharsa News
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समय सीमा का पालन: रात 10:00 बजे के बाद किसी भी पंडाल या सार्वजनिक स्थल पर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी।
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ध्वनि यंत्रों के लिए अनुमति अनिवार्य: विसर्जन जुलूस के दौरान साउंड बॉक्स या लाउडस्पीकर के प्रयोग के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। बिना वैध अनुमति के डीजे या साउंड बॉक्स के संचालन पर जब्ती व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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लाइसेंस की अनिवार्यता: सभी पूजा पंडालों को स्थानीय प्रशासन से विधिवत अनुमति और लाइसेंस प्राप्त करने के उपरांत ही स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
त्वरित कार्य बल (QRT) का गठन और प्रमुख पंडालों में तैनाती: Saharsa News
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क्यूआरटी की सक्रियता: जिले में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो संवेदनशील इलाकों और मुख्य मार्गों पर लगातार गश्त करती रहेगी।
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पंडालों पर पुलिस बल: जिले के सभी प्रमुख और भीड़भाड़ वाले पूजा स्थलों पर पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी।
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विसर्जन की निगरानी: प्रतिमा विसर्जन के निर्धारित मार्गों पर पुलिस बल जुलूस के साथ चलेगा, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या अव्यवस्था से तुरंत निपटा जा सके।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई का संकल्प
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