Bihar

Saharsa: जिले में 1.69 लाख बैग यूरिया उपलब्ध, डीएम ने कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने के दिए निर्देश

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Saharsa: जिले में रबी फसलों की आगामी तैयारियों और किसानों को ससमय कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में कृषि, लघु सिंचाई, पशुपालन, उद्यान, सहकारिता एवं संबंधित विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का व्यापक जायजा लिया गया। बैठक में रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति, प्राकृतिक खेती, मृदा परीक्षण, वर्षापात की स्थिति, सिंचाई सुविधाओं और पशु टीकाकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की गई।

Saharsa: 1.69 लाख बैग यूरिया उपलब्ध, कालाबाजारी पर रहेगी पैनी नजर

जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में खाद की कोई किल्लत नहीं है और उर्वरक पर्याप्त मात्रा में भंडारित हैं। वर्तमान में जिले के खुदरा व थोक केंद्रों पर 1,69,796 बैग यूरिया, 1,35,253 बैग डीएपी, 1,21,818 बैग एमओपी, 1,35,588 बैग एनपीके तथा 10,829 बैग एसएसपी उपलब्ध हैं।

जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि उर्वरकों के रैक प्वाइंट से लेकर अंतिम खुदरा विक्रेता तक की आपूर्ति श्रृंखला और वितरण पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित सरकारी दर से अधिक मूल्य वसूलने, कृत्रिम किल्लत पैदा करने या कालाबाजारी करने वाले किसी भी खाद विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ तुरंत लाइसेंस रद्द करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

Saharsa: कहरा, सौरबाजार और सोनवर्षा में प्राकृतिक खेती का विस्तार

रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने के लिए जिले के तीन चयनित प्रखंडों—कहरा, सौरबाजार और सोनवर्षा—में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इन क्षेत्रों में किसानों के समूह बनाकर उन्हें जीवामृत, बीजामृत और जैविक कीटनाशक तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि टिकाऊ कृषि को गति मिल सके।

वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 2,809 मिट्टी के नमूनों के संग्रह लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,430 नमूने प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं, जिनमें से 1,351 नमूनों का परीक्षण पूरा हो चुका है। डीएम ने शेष नमूनों की शीघ्र जांच कर किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

सिंचाई और कृषि विज्ञान केंद्र की उपलब्धियां

लघु सिंचाई विभाग ने समीक्षा में बताया कि जिले में कुल 60 राजकीय नलकूप स्थापित हैं, जिनमें से 50 नलकूप पूरी तरह चालू स्थिति में हैं। शेष 10 बंद नलकूपों की तकनीकी खराबी दूर करने के लिए प्राक्कलन भेजा गया है, जिसे शीघ्र दुरुस्त कर लिया जाएगा।

कृषि विज्ञान केंद्र अगवानपुर की ओर से अवगत कराया गया कि सात अलग-अलग प्रशिक्षण सत्रों के जरिए 210 किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए गए हैं। साथ ही केंद्र परिसर में 1 हेक्टेयर में मखाना और 12 हेक्टेयर में उन्नत किस्म के धान बीज का उत्पादन सफलतापूर्वक किया जा रहा है।

पशु टीकाकरण, पीएमएफएमई और माप-तौल की समीक्षा

पशुपालन विभाग ने रिपोर्ट दी कि 4.40 लाख के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 3,27,200 पशुओं का टीकाकरण संपन्न हो चुका है। इसके अतिरिक्त एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) की जांच के लिए 315 नमूने लिए गए, जिनमें से किसी में भी संक्रमण नहीं पाया गया।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) में 156 के लक्ष्य के विरुद्ध बैंकों द्वारा मात्र 54 ऋण आवेदन स्वीकृत किए जाने पर डीएम ने असंतोष जताते हुए बैंक समन्वयकों को लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी गौरव कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

 

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