Bihar
छठ-दिवाली पर Saharsa में अलर्ट: स्टेशन पहुंचेंगे 50 हजार प्रवासी यात्री
Saharsa: दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर सहरसा जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और अलर्ट मोड में आ गया है। परदेस से घर लौट रहे प्रवासी कामगारों, छात्रों और नागरिकों की भारी भीड़ को सुरक्षित व सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक मशीनरी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
शनिवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने संयुक्त रूप से शहर के रेलवे स्टेशन, मुख्य बस स्टैंड तथा प्रमुख छठ घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस बड़े पैमाने पर शुरू किए गए Saharsa Chhath Diwali Crowd Management अभियान के तहत अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को तय समय सीमा के भीतर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को चाक-चौबंद करने के कड़े निर्देश दिए।
Saharsa : रेलवे स्टेशन पर उमड़ेगा जनसैलाब, 50 हजार यात्रियों के आगमन का अनुमान
सहरसा जंक्शन के निरीक्षण के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि पर्व को देखते हुए आगामी दो से तीन दिनों के भीतर लगभग 50 हजार से अधिक प्रवासी यात्रियों के सहरसा रेलवे स्टेशन पहुंचने की प्रबल संभावना है।
यात्रियों की इस संभावित भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डीएम ने पुख्ता क्राउड मैनेजमेंट, पेयजल, चलंत शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सघन सुरक्षा जांच का निर्देश दिया। अधिकारियों ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन नए स्टेशन भवन परिसर में बनाए जा रहे विशेष होल्डिंग एरिया का भी बारीकी से मुआयना किया। डीएम ने कार्यदायी एजेंसी को निर्देश दिया कि यात्रियों के ठहरने और कतारबद्ध निकास के लिए होल्डिंग एरिया की व्यवस्था तत्काल पूरी की जाए, ताकि स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार की भगदड़ या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
Saharsa : स्टेशन और बस स्टैंड पर बनाए जाएंगे स्वागत द्वार
छठ और दिवाली के पावन पर्व पर अन्य राज्यों से कठिन यात्रा तय कर अपने गृह जिले लौटने वाले प्रवासियों के सम्मान में प्रशासन ने मानवीय और स्वागतयोग्य पहल की है। जिलाधिकारी ने रेलवे स्टेशन के मुख्य निकास द्वार और सरकारी व निजी बस स्टैंड परिसरों में आकर्षक स्वागत द्वार स्थापित करने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त, बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की सुरक्षा, अनियंत्रित वाहनों की पार्किंग पर रोक, रात्रि प्रकाश और निरंतर कचरा निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने स्पष्ट किया कि बस स्टैंड और स्टेशन के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस जवानों और महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती रहेगी, ताकि उचक्कों, पॉकेटमारों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
छठ घाटों पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी के निर्देश
परिवहन केंद्रों की पड़ताल के उपरांत डीएम और एसपी का काफिला शहर के विभिन्न प्रमुख छठ घाटों पर पहुंचा। अधिकारियों ने घाटों की गहराई, जलस्तर, ढलानों और संपर्क मार्गों की स्थिति का अवलोकन किया।
डीएम ने नगर निगम प्रशासन और पथ निर्माण विभाग को सभी छठ घाटों तक जाने वाली सड़कों की त्वरित मरम्मत कराने, घाटों से गाद व गंदगी की सफाई करने, पर्याप्त रोशनी के लिए हाई मास्ट लाइट व फ्लड लाइट लगाने के निर्देश दिए। गहरे पानी वाले स्थलों पर लाल झंडे और मजबूत बांस-बल्ले की बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से करने को कहा गया, ताकि अर्घ्य देने के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना या डूबने का जोखिम न रहे। साथ ही प्रमुख घाटों पर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की कार्ययोजना तैयार की गई है।
प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद, संयुक्त रूप से बनी कार्ययोजना
निरीक्षण अभियान के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के कई शीर्ष पदाधिकारी संयुक्त रूप से उपस्थित रहे। इनमें उप विकास आयुक्त (डीडीसी) गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) श्रीयांश तिवारी, विशेष कार्य पदाधिकारी राजू कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी (डीआईपीआरओ) राजीव रंजन और उप नगर आयुक्त सहित कई तकनीकी व प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।
प्रशासनिक टीम ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के आपसी समन्वय से सहरसा में दिवाली और छठ महापर्व का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, गरिमामयी और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न होगा।
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