Bihar
Saharsa Mandi: मक्का और गेहूं में मंदी, मजबूत मांग से चावल के भाव चढ़े
सहरसा: Saharsa Mandi: कोसी प्रमंडल की प्रमुख व्यावसायिक मंडी सहरसा में शनिवार को खाद्यान्न और दलहन-तिलहन कारोबार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। हाल के दिनों में मौसम अनुकूल और साफ रहने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से कृषि उपजों की आवक सामान्य से काफी बेहतर दर्ज की गई।
हालांकि, मंडी में प्रचुर मात्रा में माल पहुंचने और बड़े कॉर्पोरेट खरीदारों की सीमित सक्रियता के चलते मक्का और गेहूं के दामों में नरमी का माहौल बना रहा। इसके ठीक विपरीत, बाहरी राज्यों और पड़ोसी जिलों से आई मजबूत लिवाली के दम पर चावल बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे स्थानीय व्यापारियों और मिल मालिकों को बड़ा सहारा मिला है।
Saharsa Mandi: भारी आवक और कमजोर लिवाली से मक्का व गेहूं पर दबाव
मंडी के थोक कारोबारियों और आढ़तियों के अनुसार, इन दिनों किसान अपने पास रखे मक्का के स्टॉक को तेजी से मंडियों में ला रहे हैं। लगातार हो रही भारी आपूर्ति के कारण मंडी प्रांगण में स्टॉक पर्याप्त मात्रा में एकत्र हो चुका है। आपूर्ति की तुलना में बड़ी कंपनियों और थोक व्यापारियों की ओर से बड़े सौदे नहीं किए जा रहे हैं, जिसके चलते मक्का के भाव दबाव में आ गए हैं।
यही स्थिति गेहूं के बाजार में भी देखने को मिल रही है। स्थानीय स्तर पर गेहूं की प्रचुर उपलब्धता और सीमित मांग के कारण लिवाली की रफ्तार सुस्त बनी हुई है, जिससे कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। जानकारों का कहना है कि जब तक बाहरी मंडियों से गेहूं और मक्के की बड़ी खरीद शुरू नहीं होती, तब तक कीमतों में सीमित दायरे में ही कारोबार होने के आसार हैं।
Saharsa Mandi: बाहरी मांग के चलते चावल बाजार में रौनक
मक्का और गेहूं में छाई सुस्ती के बीच चावल ने पूरे अनाज बाजार को संभालने का काम किया है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि त्योहारी सीजन की शुरुआत और बाहरी बाजारों से आई ताजा मांग के कारण चावल की विभिन्न श्रेणियों—विशेषकर प्रीमियम व ब्रांडेड क्वालिटी—में जोरदार कारोबार देखा जा रहा है। थोक विक्रेताओं का अनुमान है कि यदि अंतरराज्यीय मांग की यही रफ्तार बरकरार रही, तो आगामी दिनों में चावल के भाव में और उछाल देखने को मिल सकता है।
दलहन और तिलहन का बाजार रहा स्थिर
मंडी में अनाज के अलावा दलहन (दालों) और तिलहन के बाजार में सामान्य स्थिरता दर्ज की गई। अरहर, चना, मसूर और मूंग की दालों में सीमित उतार-चढ़ाव के साथ नियमित कारोबार हुआ। वहीं, सरसों और अन्य खाद्य तेलों के बाजार में त्योहारी मांग का हल्का प्रभाव देखने को मिला, जिससे कीमतें स्थिर स्तर पर टिकी रहीं।
त्योहारी सीजन और नई फसलों पर टिकी बाजार की दिशा
मंडी विश्लेषकों और वरिष्ठ कारोबारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार का रुख मुख्य रूप से दो बातों पर निर्भर करेगा—पहला, त्योहारी सीजन में घरेलू खपत की तेजी और दूसरा, खरीफ फसलों की नई खेप की आवक। जानकारों ने किसानों और स्थानीय व्यापारियों को सुझाव दिया है कि वे जल्दबाजी में अपनी उपज बेचने के बजाय दैनिक बाजार के उतार-चढ़ाव और ताजा मंडी भावों की निरंतर समीक्षा करते रहें, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिल सके।
यह भी पढ़े: Supaul: SH-91 पर बाइक सवार युवक को टक्कर मार अगवा किया, ग्रामीणों पर 4 राउंड फायरिंग
यह भी पढ़े: सीएम हेमंत सोरेन ने अनुसेवक अंगद महतो को दी भावभीनी विदाई