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Saharsa के मटेश्वर धाम में श्रावणी मेला की तैयारी तेज: DM-SP ने लिया जायजा, बोले—श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

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Saharsa के मटेश्वर धाम में श्रावणी मेला की तैयारी तेज

Saharsa। आगामी श्रावणी मेला 2026 को लेकर सहरसा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. लाखों श्रद्धालुओं के सुगम जलार्पण और आगमन को ध्यान में रखते हुए सिमरी बख्तियारपुर स्थित प्रसिद्ध मटेश्वर धाम में तैयारियां अंतिम चरण में हैं.

शनिवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंहाग ने संयुक्त रूप से मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया तथा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

Saharsa News: श्रद्धालुओं को सुविधाएं और सुगम दर्शन दिलाना लक्ष्य

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मटेश्वर धाम आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू दर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का आदेश दिया.

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Saharsa News: पेयजल, सफाई और चेंजिंग रूम की होगी समुचित व्यवस्था

मेला क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए PHED को पर्याप्त पानी के टैंकर और चापाकल लगाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही:

  • शौचालय व सफाई: स्थायी और पर्याप्त अस्थायी शौचालयों का निर्माण होगा तथा नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर द्वारा नियमित सफाई के लिए विशेष स्वच्छता कर्मी तैनात किए जाएंगे.

  • महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम: मंदिर के निकट पोखर व अन्य चिन्हित स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे.

  • रोशनी का प्रबंध: निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ पर्याप्त संख्या में जेनरेटर और सोलर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होगी.

Saharsa News: 24 घंटे CCTV निगरानी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था

सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा. महत्वपूर्ण स्थलों पर दंडाधिकारियों (Magistrates) के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी.

मेडिकल कैंप, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक प्लान तैयार

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सिविल सर्जन को मेडिकल टीम, जीवनरक्षक दवाओं और एम्बुलेंस के साथ 24 घंटे स्वास्थ्य शिविर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, NH से मटेश्वर धाम तक बेहतर यातायात व्यवस्था, मजबूत बैरिकेडिंग और वाहनों के लिए पार्किंग स्थल बनाए जा रहे हैं.

बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता निशांत कुमार, नगर आयुक्त प्रभात झा समेत मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

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Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर JDU की प्रतिक्रिया: अंजुम आरा बोलीं—’यह फैसला विपक्ष के आगे झुकना नहीं, छात्रों का सम्मान है’

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Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर JDU की प्रतिक्रिया

पटना। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख घटक दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है.

पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता अंजुम आरा ने सरकार के इस कदम का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों को प्राथमिकता देती है, और यह निर्णय उसी सोच का हिस्सा है.

Dharmendra Pradhan Resignation: राजनीतिक दबाव का आरोप खारिज

विपक्ष के उन दावों को सिरे से खारिज करते हुए, जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार ने दबाव में आकर यह कदम उठाया है, जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह किसी राजनीतिक दबाव का नतीजा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने और विद्यार्थियों के सम्मान को प्राथमिकता देने का फैसला है.

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Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पत्र का जिक्र और कार्यशैली की तारीफ

अंजुम आरा ने धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पत्र में अपनी भावनाएं और छात्रों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र में पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया है, जिसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाना चाहिए.

युवाओं के प्रति एनडीए सरकार प्रतिबद्ध

पार्टी की ओर से कहा गया कि एनडीए सरकार पहले भी देश के युवाओं और छात्रों के हित में बड़े फैसले लेती रही है और आगे भी इसी तरह उनके कल्याण के लिए तत्पर रहेगी.

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NEET पेपर लीक: सुपौल में भीम आर्मी का जोरदार प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और CBI जांच की मांग

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NEET पेपर लीक

Supaul। नीट (NEET) पेपर लीक मामले और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सुपौल में भी युवाओं और सामाजिक संगठनों का गुस्सा देखने को मिला.

शनिवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन की जिला इकाई ने डिग्री कॉलेज चौक के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया. जिलाध्यक्ष संतोष कुमार पासवान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई.

NEET पेपर लीक: समाहरणालय मार्च: गेट पर रोका गया, DM को सौंपा ज्ञापन

धरना प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता समाहरणालय का घेराव करने के लिए मार्च निकालते हुए आगे बढ़े. सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को समाहरणालय के मुख्य गेट पर ही रोक लिया. इसके बाद जिलाधिकारी (DM) सावन कुमार खुद मौके पर पहुंचे और भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया.

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NEET पेपर लीक: भीम आर्मी की प्रमुख मांगें

ज्ञापन के माध्यम से भीम आर्मी ने प्रशासन और सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखीं:

  • NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए.

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें.

  • दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की जांच हो तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं.

  • प्रभावित परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए.

प्रशासन मुस्तैद, एसडीएम और एसडीपीओ ने रखी नजर

प्रदर्शन के दौरान शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुपौल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा. एसडीएम मनोहर कुमार साह और एसडीपीओ राजीव रंजन ने खुद शहर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. जिलाधिकारी सावन कुमार ने ज्ञापन को राष्ट्रपति कार्यालय भेजने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया.

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Madhepura: समाहरणालय घेराव को निकले छात्रों पर पुलिस का एक्शन, करीब डेढ़ दर्जन प्रदर्शनकारी हिरासत में

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Madhepura: समाहरणालय घेराव को निकले छात्रों पर पुलिस का एक्शन, करीब डेढ़ दर्जन प्रदर्शनकारी हिरासत में

Madhepura। बिहार बंद के आह्वान के तहत शनिवार को मधेपुरा में विभिन्न छात्र संगठनों ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, नीट (NEET) पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र समाहरणालय का घेराव करने जा रहे थे।

हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कॉलेज चौक पर ही बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया और लगभग डेढ़ दर्जन छात्र नेताओं को डिटेन कर सदर थाने ले गई।

Madhepura Police: टीपी कॉलेज से शुरू हुआ था जुलूस

शनिवार की सुबह विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं टीपी कॉलेज के पास जमा हुए। यहां से उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। छात्रों की योजना समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने की थी।

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Madhepura Police: कॉलेज चौक पर बैरिकेडिंग, बढ़ा तनाव

जुलूस जैसे ही कॉलेज चौक पहुंचा, वहां पहले से मौजूद भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कुछ छात्रों ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक खींचतान और तनाव की स्थिति बनी रही। इसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति को संभाला और करीब 18-20 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

Madhepura: समाहरणालय घेराव को निकले छात्रों पर पुलिस का एक्शन, करीब डेढ़ दर्जन प्रदर्शनकारी हिरासत में

Madhepura: समाहरणालय घेराव को निकले छात्रों पर पुलिस का एक्शन, करीब डेढ़ दर्जन प्रदर्शनकारी हिरासत में

Madhepura Police: अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, कड़ी की गई सुरक्षा

घटनास्थल पर स्थिति को अनियंत्रित होने से रोकने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संतोष कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) प्रवेंद्र भारती खुद मौके पर मौजूद रहकर निगरानी करते रहे। उनके साथ सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद सिंह और बेलारी थानाध्यक्ष स्नेहा कुमारी समेत कई थानों की पुलिस तैनात रही।

छात्रों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि नीट पेपर लीक जैसी बार-बार होने वाली धांधलियों ने लाखों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। छात्रों ने मांग की कि:

  • पूरे परीक्षा घोटाले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दें।

  • प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

पुलिस की तत्परता के कारण छात्र समाहरणालय परिसर तक नहीं पहुंच सके और एक बड़ा बवाल होने से टल गया। फिलहाल एहतियात के तौर पर शहर के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

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