Bihar
Supaul: शादी के 10 साल बाद महिला की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
Supaul: बिहार के सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कटैया रही टोला में शनिवार रात 30 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान लाल दास की पत्नी गीता देवी के रूप में की गई है।
महिला की आकस्मिक मौत की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। वहीं, सूचना मिलते ही मृतका के मायके वाले भी मौके पर पहुंचे और दामाद व ससुराल पक्ष पर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
Supaul: पोस्टमार्टम को लेकर ससुराल और मायके में 7 घंटे चला विवाद
घटना की सूचना मिलते ही पिपरा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान शव के पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर ससुराल पक्ष और मायके पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौते के लिए करीब पांच से सात घंटे तक स्थानीय स्तर पर पंचायत और बातचीत का दौर चलता रहा।
हालांकि, मायके वाले किसी भी समझौते पर तैयार नहीं हुए और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहते हुए पोस्टमार्टम कराने की जिद की। अंततः दोनों पक्षों में सहमति न बनते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपौल सदर अस्पताल भेज दिया गया।
10 वर्ष पूर्व हुई थी शादी, नशे को लेकर विवाद की चर्चा
परिजनों के अनुसार, मृतका गीता देवी सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र के डूमरा निवासी मंचित ताती की पुत्री थीं। उनकी शादी लगभग 10 वर्ष पूर्व कटैया निवासी लाल दास के साथ पूरे रीति-रिवाज से हुई थी। दांपत्य जीवन के दौरान उनके दो छोटे बच्चे हुए।
ग्रामीणों ने बताया कि गीता देवी शांत और शालीन स्वभाव की महिला थीं। स्थानीय लोगों में यह चर्चा रही कि पति लाल दास अक्सर नशे का सेवन करता था, जिसके चलते घर में आए दिन कलह और घरेलू तनाव की स्थिति बनी रहती थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन दावों की सत्यता की जांच की जा रही है।
मासूम बच्चों के भविष्य पर संकट, गांव में पसरा सन्नाटा
गीता देवी की असामयिक और रहस्यमयी मौत के बाद उनके दोनों मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। छोटे बच्चों की परवरिश और देखरेख को लेकर परिवार और रिश्तेदारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसे देखकर मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और लिखित आवेदन पर टिकी पुलिसिया कार्रवाई
पिपरा थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने बताया कि महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर भेजा गया था। शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल सुपौल में कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मायके पक्ष की ओर से अभी तक कोई विधिवत लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। पुलिस विभिन्न संभावित बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है। मायके वालों की ओर से लिखित शिकायत मिलने और पोस्टमार्टम की विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा, जिसके आधार पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।