Bihar
Supaul: 10 हजार रुपये के विवाद में युवक की गमछे से गला घोंटकर हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
Supaul: सुपौल जिले के छातापुर थाना क्षेत्र में पांच अक्टूबर से लापता मजदूर सुलचन मुखिया की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मजदूरी के महज 10 हजार रुपये के विवाद में दोस्तों ने ही गमछे से गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी और शव को झाड़ियों में फेंक दिया था।
पुलिस ने इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को त्रिवेणीगंज एसडीपीओ दिलीप कुमार ने प्रेस वार्ता कर घटना का खुलासा किया।
Supaul: पार्टी के दौरान हुआ विवाद, गमछे से घोंटा गला
एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच और तकनीकी अनुसंधान में यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक सुलचन मुखिया अपनी मजदूरी के करीब 10 हजार रुपये लेकर आरोपियों के साथ पार्टी करने गया था। पार्टी के दौरान ही मजदूरी और रुपये के लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने सुलचन को दबोच लिया और उसके ही गमछे से गला घोंटकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक की जेब में रखे 10 हजार रुपये नकद और उसका मोबाइल फोन लूट लिया तथा पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को रानीपट्टी नहर के समीप फेंक दिया।
Supaul: छह अक्टूबर को नहर किनारे मिला था शव, एसपी ने बनाई थी एसआईटी
सुलचन मुखिया के गायब होने के बाद परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। छह अक्टूबर को रानीपट्टी नहर के पास ग्रामीणों ने एक अज्ञात शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसकी पहचान सुलचन के रूप में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुपौल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सरथ आर.एस. ने स्वयं घटनास्थल का मुआयना किया और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
एफएसएल और श्वान दस्ते की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन
एसआईटी ने मामले के त्वरित खुलासे के लिए तकनीकी शाखा, विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) और श्वान दस्ता (डॉग स्क्वॉड) की मदद ली। घटनास्थल और आसपास के इलाकों से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए। मृतक के अंतिम संपर्कों और मोबाइल टावर लोकेशन के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और सघन छापेमारी कर दो नामजद अभियुक्तों को दबोच लिया।
दो नामजद गिरफ्तार, लूटी गई नकदी की बरामदगी के लिए दबिश
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छातापुर वार्ड संख्या 11 निवासी मोहन मुखिया के पुत्र आकाश कुमार तथा वार्ड संख्या 14 निवासी धीरेंद्र राम के पुत्र विकास कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। मृतक की पत्नी के लिखित बयान के आधार पर छातापुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/3(5) के तहत कांड संख्या 301/26 दर्ज किया गया है, जिसमें चार नामजद तथा चार-पांच अज्ञात को अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस लूटी गई राशि, मोबाइल और प्रयुक्त गमछे की बरामदगी के साथ फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
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