Bihar
Supaul में शराब तस्करों का भंडाफोड़: 2,040 बोतल नेपाली शराब जब्त
त्रिवेणीगंज (Supaul): बिहार में सख्त शराबबंदी कानून के बावजूद भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय शराब माफिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी क्रम में सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित और गुप्त कार्रवाई करते हुए तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर करारी चोट की है।
इलाके में चर्चा का विषय बने इस Triveniganj Supaul Liquor Seizure मामले में पुलिस ने पिपरा थाना क्षेत्र की सीमा से सटे बेला गांव के वार्ड संख्या 9 में ग्रामीण संपर्क मार्ग के किनारे लावारिस हालत में रखी 17 प्लास्टिक की बोरियों से 612 लीटर नेपाली शराब की बड़ी खेप जब्त की है। पुलिस की इस छापेमारी से तस्करों की योजना पूरी तरह विफल हो गई और मामले में दो नामजद तस्करों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
Supaul : आधी रात को सड़क किनारे मिलीं 17 बोरियां, अंदर था शराब का जखीरा
त्रिवेणीगंज पुलिस को बुधवार देर रात सटीक गुप्त सूचना मिली थी कि बेला गांव के सुनसान ग्रामीण मार्ग पर पिपरा सीमा के समीप शराब की एक भारी खेप एकत्र की गई है, जिसे अन्यत्र ले जाने की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने फौरन मौके पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
सड़क के किनारे काले रंग की 17 प्लास्टिक बोरियां लावारिस अवस्था में झाड़ियों के सहारे रखी हुई पाई गईं। जब पुलिस बल ने इन बोरियों को खोलकर जांचा, तो सभी बोरियां शराब की बोतलों से भरी हुई मिलीं। गिनती के दौरान बोरियों से 300 एमएल की कुल 2,040 बोतलें बरामद हुईं। बरामद शराब ‘नेपाली दिलवाले’ ब्रांड की विदेशी शराब है, जिसकी कुल मात्रा 612 लीटर आंकी गई है। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर समूची खेप को जब्त कर लिया, हालांकि पुलिस के आने की भनक लगते ही अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर मौके से भागने में सफल रहे।
Supaul: इंडो-नेपाल बॉर्डर के गुप्त मार्गों से तस्करी की थी साजिश
सुपौल जिला नेपाल सीमा से सटा होने के कारण शराब तस्कर अक्सर मुख्य सड़कों, चेकपोस्टों और पुलिस गश्ती दलों से बचकर सीमावर्ती पगडंडियों, तटबंधों और सुदूर ग्रामीण रास्तों का उपयोग करते हैं। बेला गांव का वार्ड संख्या 9 भौगोलिक रूप से त्रिवेणीगंज और पिपरा थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
तस्करों ने इस सीमावर्ती स्थान को इसलिए चुना था ताकि पुलिस की नजरों से बचते हुए आधी रात के सन्नाटे में पिकअप वैन या अन्य वाहनों के जरिए इसे आसपास के देहाती बाजारों व कस्बों में खपाया जा सके। लेकिन गश्ती टीम और स्थानीय गुप्तचर तंत्र की मुस्तैदी ने शराब माफियाओं की इस पूरी प्लानिंग को समय रहते ध्वस्त कर दिया।
दो नामजद तस्करों पर प्राथमिकी, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज
थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मौके से बरामद शराब के आधार पर दो स्थानीय नामजद तस्करों और कुछ अज्ञात सहयोगियों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि पुलिस की विशेष टीमें नामजद आरोपियों के संभावित ठिकानों, आवासों और सीमावर्ती संपर्कों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस केवल शराब जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह जांच की जा रही है कि नेपाल सीमा से शराब की यह खेप किस रास्ते से भारतीय क्षेत्र में लाई गई और इसे किस सिंडिकेट तक पहुंचाया जाना था।
सीमाई इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ी, ग्रामीणों ने ली राहत
शराबबंदी के बीच सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में शराब तस्करों की लगातार आवाजाही से स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा और सामाजिक माहौल को लेकर चिंता बनी रहती है। शराब के अवैध कारोबार के चलते गांव में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ने की आशंका रहती है।
पुलिस की इस बड़ी जब्ती और तत्परता से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन ने पिपरा, त्रिवेणीगंज और सीमा से जुड़े अन्य संवेदनशील मार्गों पर रात्रि गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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