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ED की रडार पर Rishu Shree से जुड़ी 15 कंपनियां, 9 साल के सरकारी ठेकों का खंगाला जाएगा रिकॉर्ड
Rishu Shree Scam: बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विशेष सतर्कता इकाई (SVU) द्वारा मुख्य आरोपी और रसूखदार ठेकेदार Rishu Shree की गिरफ्तारी के बाद अब ED ने इस घोटाले की जड़ तक पहुँचने के लिए एक साथ 15 निजी कंपनियों को अपने रडार पर लिया है। जांच एजेंसी अब साल 2016 से 2025 तक यानी पिछले 9 वर्षों में दिए गए सभी ठेकों और भुगतानों की कुंडली खंगालने की तैयारी में है।
Rishu Shree Scam: बुडको (BUIDCO) के माध्यम से मिले थे सैकड़ों करोड़ के ठेके
सूत्रों के अनुसार, इन सभी 15 कंपनियों को बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग की नोडल एजेंसी बुडको (बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम) के जरिए सबसे ज्यादा काम आवंटित किए गए थे।
परियोजनाएं: इन कंपनियों को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), जलापूर्ति परियोजनाओं, शहरी सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े सैकड़ों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट सौंपे गए थे।
ED का पत्र: ED ने नगर विकास विभाग को आधिकारिक पत्र भेजकर इन सभी कंपनियों के एग्रीमेंट, टेंडर आवंटन की शर्तें और किए गए सरकारी भुगतानों का पूरा ब्योरा तलब किया है।
जांच के दायरे में आईं प्रमुख कंपनियां
जांच एजेंसी को शक है कि नियमों को ताक पर रखकर और वित्तीय दस्तावेजों में हेरफेर कर इन कंपनियों को फायदा पहुँचाया गया। रडार पर आईं प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं:
- रिलायबल एंटरप्राइजेज
- रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (ये दोनों सीधे तौर पर रिशु श्री से जुड़ी हैं)
- श्री नेस्टबिल्ड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड
- अर्बन एनवायर्नमेंटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
- वीए टेक वबाग प्राइवेट लिमिटेड
- रीताश्री एंटरप्राइजेज (सहित कुल 15 कंपनियां)
पटना से हुई थी गिरफ्तारी, बेऊर जेल में है रिशु श्री
रिशु श्री पर आरोप है कि उन्होंने नौकरशाही और राजनीतिक गलियारों में अपने ऊंचे रसूख का इस्तेमाल कर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित किया और मलाईदार टेंडर अपनी या अपने करीबियों की कंपनियों के नाम करवाए।
छापेमारी और जब्ती: पिछले दिनों रिशु श्री के ठिकानों पर हुई छापेमारी में करोड़ों रुपये के सोने के जेवर, बेहिसाब नकदी, बेनामी संपत्ति के दस्तावेज और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे।
सलाखों के पीछे: लंबी पूछताछ के बाद विशेष सतर्कता इकाई (SVU) ने पिछले हफ्ते रिशु श्री को पटना से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है।
Rishu Shree Scam: अधिकारियों और कद्दावर नेताओं पर भी कड़ेगा शिकंजा
मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन निवारण अधिनियम – PMLA) के तहत भी जांच समानांतर रूप से चल रही है। ED मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर फोकस कर रही है:
टेंडर आवंटन प्रक्रिया में तकनीकी और वित्तीय नियमों का उल्लंघन।
सरकारी खजाने से जारी किए गए फंड का वास्तविक रूट और शेल कंपनियों का इस्तेमाल।
घूस के रूप में अधिकारियों और बिचौलियों तक पहुँचे पैसे का ट्रेल।
इस बड़े एक्शन के बाद बिहार की नौकरशाही और ठेकेदारी से जुड़े सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। सूत्रों का दावा है कि बुडको के कई वर्तमान और पूर्व वरिष्ठ अधिकारी बहुत जल्द जांच एजेंसी के समन के दायरे में आने वाले हैं।