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सेल्फ स्टडी से कमाल, Saharsha के तीन भाई-बहनों ने एक साथ क्रैक की नीट परीक्षा

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Saharsha। बिहार के सहरसा जिले में प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं है। नगर निगम क्षेत्र से सटे रहुआ गांव के एक ही साधारण परिवार के तीन सगे भाई-बहनों ने नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) की परीक्षा में एक साथ सफलता का परचम लहराकर पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है।

इस साधारण परिवार से आने वाले राजेश कुमार, साक्षी कुमारी और प्रहलाद कुमार ने बिना किसी महंगी कोचिंग के, सिर्फ अपनी कड़ी मेहनत और सेल्फ स्टडी के बल पर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।

Saharsha News: किराना दुकानदार के बच्चों ने हासिल की शानदार रैंक

ये तीनों होनहार बच्चे एक स्थानीय किराना दुकानदार रोहित कुमार और पूनम कुमारी की संतान हैं। सीमित आय और संसाधनों के बावजूद बच्चों ने नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में बेहतरीन ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल की है:

  • राजेश कुमार (बड़े भाई): इन्होंने 633 अंक अर्जित कर ऑल इंडिया रैंक 3122 हासिल की है।

  • साक्षी कुमारी (बहन): इन्होंने 601 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक 9762 प्राप्त की है।

  • प्रहलाद कुमार (छोटे भाई): इन्होंने 565 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 26751 अपने नाम की है।

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Saharsha News: संघर्ष को बनाया ताकत, माता-पिता का मिला पूरा सहयोग

परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं होने के बावजूद माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई के आड़े कभी कोई परेशानी नहीं आने दी। बच्चों ने भी घर की तंगहाली को अपनी कमजोरी बनाने के बजाय ताकत में बदल दिया और बिना विचलित हुए लगातार घर पर ही पढ़ाई करते रहे। एक ही छत के नीचे रहने वाले तीन बच्चों का एक साथ देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में चुना जाना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गया है।

गांव में जश्न का माहौल, अन्य छात्रों के लिए बने मिसाल

इस अद्भुत सफलता की खबर फैलते ही रहुआ गांव में उत्सव जैसा माहौल है। बधाई देने के लिए रिश्तेदारों, पड़ोसियों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इन तीनों भाई-बहनों ने अनुशासन और आत्मविश्वास की एक नई मिसाल पेश की है, जो अन्य छात्रों के लिए बेहद प्रेरणादायक है।

पिता रोहित कुमार ने खुशी जताते हुए कहा कि कमाई सीमित थी, लेकिन बच्चों की शिक्षा हमेशा उनकी पहली प्राथमिकता रही। वहीं, तीनों सफल अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता के त्याग और ईमानदारी से की गई नियमित पढ़ाई को दिया है।

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