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Bihar Judicial News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 1032 मामलों का ऐतिहासिक निपटारा, ₹8.98 करोड़ की सेटलमेंट राशि तय, 10 बेंचों पर हुई सुनवाई
Bihar Judicial News: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के तत्वावधान में शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार, प्राधिकार की सचिव पूजा कुमारी साह, डीडीसी अरुण कुमार और जिला अधिवक्ता संघ के सचिव गणेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लोक अदालत में कुल 5890 चिन्हित मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर 1032 मामलों का निष्पादन करते हुए कुल 8 करोड़ 98 लाख 27 हजार 947 रुपये की सेटलमेंट राशि तय की गई।
‘आपसी सुलह से समय, धन और श्रम की बचत’: Bihar Judicial News
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोक अदालत के महत्व को रेखांकित किया:
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स्थायी व त्वरित समाधान: प्रभारी प्रधान जिला जज सतीश कुमार ने कहा कि लोक अदालत विवादों के त्वरित और स्थायी निपटारे का सबसे सशक्त माध्यम है। आपसी सहमति से मामले सुलझने से दोनों पक्षों में सौहार्द बना रहता है और किसी की हार नहीं होती।
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समय और पैसे की बचत: उन्होंने आमजन से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि इस मंच के जरिए विवाद समाप्त होने से कोर्ट-कचहरी के अनावश्यक चक्करों से मुक्ति मिलती है और धन तथा श्रम दोनों की बचत होती है।
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ट्रैफिक चालान में राहत: लोक अदालत में बड़ी संख्या में लंबित ट्रैफिक ई-चालान के मामलों का भी मौके पर ही निस्तारण किया गया।
1032 मामलों में ₹8.98 करोड़ का हुआ सेटलमेंट: Bihar Judicial News
प्राधिकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के मामलों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई:
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आपराधिक सुलहनीय वाद: कुल 4297 पुराने आपराधिक मामलों में से 660 का दोनों पक्षों की सहमति से निष्पादन किया गया।
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बैंक रिकवरी: बैंकों के 2421 ऋण वसूली मामलों में से 425 मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला गया।
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कुल निपटारा: कुल 1032 मामलों के सफल निस्तारण के साथ 8.98 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि पर सहमति बनी।
10 समर्पित बेंचों पर विभिन्न श्रेणियों के मामलों की हुई सुनवाई: Bihar Judicial News
मामलों के सुगम और त्वरित निष्पादन के लिए कुल 10 बेंचों का गठन किया गया था:
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बेंच 1: प्रभारी जिला जज सतीश कुमार व अधिवक्ता अर्जुन कुमार (MACT, पारिवारिक, उपभोक्ता, सिविल व उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक वाद)।
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बेंच 2: न्यायाधीश रघुवीर प्रसाद व अधिवक्ता सुचिन्द्र कुमार सिंह (आपराधिक सुलहनीय व विद्युत वाद)।
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बेंच 3: सीजेएम नूतन कुमारी व अधिवक्ता निशांत कुमार (सीजेएम कोर्ट के सुलहनीय मामले)।
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बेंच 4: एसीजेएम योगेश कुमार मिश्रा व अधिवक्ता संगीत झा (ट्रैफिक चालान वाद)।
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बेंच 5: एसीजेएम शोभा व अधिवक्ता नलिन चंद्र (एसीजेएम तृतीय एवं प्रथम के मामले)।
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बेंच 6: एसीजेएम विकास कुमार व अधिवक्ता बबलू कुमार (दूरसंचार, BSS, उत्कर्ष, मुथूट, RBL, बंधन व सेंट्रल बैंक वाद)।
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बेंच 7: एसीजेएम शोभना श्वेतांकी व अधिवक्ता कन्हैया कुमार (धारा 107/144, दाखिल-खारिज, श्रम, माप-तौल, जल बिल व खनन वाद)।
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बेंच 8: एसडीजेएम आशुतोष अभिमन्यु व अधिवक्ता अरुण कुमार (एसडीजेएम वाद, SBI एवं इंडियन बैंक मामले)।
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बेंच 9 व 10: जेएम शशांक कुमार व अधिवक्ता आलोक सिन्हा तथा जेएम अभिनव राज व अधिवक्ता अमरेंद्र झा ने अन्य महत्वपूर्ण वादों का निस्तारण किया।
परिसर में सहायता केंद्र सक्रिय पक्षकारों की सुविधा और मार्गदर्शन के लिए कोर्ट परिसर में दो हेल्प डेस्क स्थापित किए गए थे। सहायता केंद्र-1 पर हेमंत कुमार, सुमित, वीरेंद्र और गौतम तथा सहायता केंद्र-2 पर गौरव, शंकर और दीपक ने दिनभर वादकारियों को संबंधित बेंचों तक पहुंचाने व कागजी प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग दिया।
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