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पूजा के बहाने तीन नाबालिगों का अपहरण, चंडी स्थान पर तांत्रिक गिरफ्तार

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बच्चों से चंडी स्थान में पूजा कराने की बात कही.

मोबाइल कॉल से खुला राज, ग्रामीणों की सतर्कता से टली अनहोनी, बैग से छुरा बरामद- मुरलीगंज मुरलीगंज के गौशाला से रविवार की देर शाम तीन नाबालिग बच्चों को एक कथित तांत्रिक द्वारा उठाकर कुमारखंड प्रखंड के लक्ष्मीपुर चंडी स्थान ले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र के बहाने बच्चों को ले जाने की इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है. पीड़ित परिजनों के अनुसार, रविवार शाम करीब सात बजे एक अज्ञात व्यक्ति गौशाला गेट पर पहुंचा, जहां तीनों बच्चे रोहित कुमार (16), मिथुन कुमार (13) और रघु कुमार (8) खेल रहे थे. उसने बच्चों से चंडी स्थान में पूजा कराने की बात कही. बच्चों द्वारा मना करने पर आरोपी ने जबरन तीनों को टोटो में बैठाकर अपने साथ ले गया. देर शाम तक बच्चे घर नहीं लौटे तो, परिजन चिंतित हो गए और उनकी तलाश शुरू की. इसी दौरान रोहित कुमार ने किसी तरह मोबाइल से अपनी बहन को फोन कर बताया कि वे लक्ष्मीपुर चंडी स्थान पर हैं और वहां पूजा-पाठ कराया जा रहा है. सूचना मिलते ही परिजन एक टोटो चालक के साथ मौके पर पहुंचे, जहां स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तांत्रिक को बच्चों के साथ पकड़ लिया गया. -पुलिस ने पहुंच बच्चों को कराया मुक्त- ग्रामीणों द्वारा पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना नाम कन्हैया कुमार, पिता स्व बेदी लाल ठाकुर, निवासी तेगरहा पुरानी बाजार, थाना तेगरहा, जिला बेगूसराय बताया. उसके बैग की तलाशी लेने पर एक छुरा और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ. जिससे किसी बड़ी तांत्रिक क्रिया अथवा बलि की आशंका जताई जा रही है. घटना की सूचना पर कुमारखंड पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों को सुरक्षित मुक्त कर परिजनों को सौंप दिया. बाद में आरोपी को मुरलीगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया. पीड़ित महिलाओं शनिचरी देवी और गौरी देवी ने मुरलीगंज थाने में आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. मामले में प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि आवेदन के आलोक में पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी से पूछताछ जारी है. प्राथमिकी दर्जकर न्यायिक हिरासत में भेजे जाएंगे.

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Bihar

Madhepura News: मधेपुरा में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, आधी रात गूंजा ‘जय कन्हैया लाल की’, मंदिरों में उमड़ी भीड़

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Madhepura News: जिलेभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और अपार उल्लास के साथ मनाया गया। शुक्रवार की मध्यरात्रि में घड़ी की सुइयां 12 पर पहुंचते ही शंखनाद, घंटियों की गूंज और ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

बड़ी दुर्गा स्थान में आधी रात को हुआ कान्हा का प्राकट्य: Madhepura News

शहर के मुख्य बाजार स्थित सार्वजनिक श्री बड़ी दुर्गा स्थान में जन्माष्टमी पर विशेष रौनक देखने को मिली:

  • भव्य सजावट: मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगे फूलों और तोरण द्वारों से भव्य रूप दिया गया था।

  • अभिषेक और श्रृंगार: रात ठीक 12 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुजारियों ने लड्डू गोपाल को पंचामृत स्नान कराकर नवीन वस्त्र व आभूषण पहनाए और विधिवत जन्मोत्सव संपन्न कराया।

  • महाप्रसाद वितरण: भगवान के जन्म के बाद भक्तों के बीच पंजीरी, माखन-मिश्री और चरणामृत का महाप्रसाद बांटा गया।

राधा-कृष्ण बने नन्हें बच्चे रहे मुख्य आकर्षण: Madhepura News

जन्मोत्सव के दौरान महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखा गया:

  • मनमोहक रूप: कई अभिभावक अपने छोटे बच्चों को बाल गोपाल और राधा रानी के रूप में सजाकर मंदिर पहुंचे, जो आकर्षण का केंद्र बने रहे।

  • भजन-कीर्तन: पारंपरिक परिधानों में पहुंचीं महिलाओं ने देर रात तक सोहर और बधाई गीत गाकर वातावरण को कृष्णमय बनाए रखा।

सिंहेश्वर, मुरलीगंज और उदाकिशुनगंज में भी रही भारी भीड़: Madhepura News

जिला मुख्यालय के अलावा सिंहेश्वर धाम, मुरलीगंज, उदाकिशुनगंज और बिहारीगंज सहित विभिन्न प्रखंडों के मंदिरों में देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

 

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Bihar

Madhepura Ganesh Utsav: मधेपुरा में 14 सितंबर से 12 दिवसीय भव्य गणेश महोत्सव, 90 फीट ऊंचा पंडाल, 56 भोग और रामलीला रहेगी मुख्य आकर्षण

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Madhepura Ganesh Utsav: आस्था और उल्लास के साथ मधेपुरा में गणेश महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। आगामी 14 सितंबर से 25 सितंबर तक चलने वाले 12 दिवसीय भव्य गणेश पूजनोत्सव में 90 फीट ऊंचा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा। आयोजन समिति ने पूजा, आरती, 56 भोग, महाप्रसाद, रामलीला मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक रूपरेखा तैयार की है। महोत्सव का समापन 25 सितंबर को नगर भ्रमण व विसर्जन शोभायात्रा के साथ होगा।

सिद्धिविनायक मंदिर की तर्ज पर 90 फीट ऊंचा पंडाल: Madhepura Ganesh Utsav

समिति ने पंडाल निर्माण के लिए पश्चिम बंगाल के रायगंज (उत्तर दिनाजपुर) के प्रसिद्ध कारीगर जोगेन बरमन को आमंत्रित किया है, जबकि टेंट कार्य गणपति टेंट हाउस (मधेपुरा) द्वारा किया जा रहा है:

  • भव्य स्वरूप: उप कोषाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि पंडाल का डिजाइन मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।

  • प्राण प्रतिष्ठा व दैनिक आरती: 14 सितंबर (सोमवार) की रात भगवान गणेश की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी, 15 सितंबर को प्रथम पूजा और प्रतिदिन शाम 7:30 बजे भव्य महाआरती आयोजित की जाएगी।

  • 56 भोग व भंडारा: 24 सितंबर की रात विघ्नहर्ता को 56 भोग अर्पित कर विशाल महाप्रसाद (भंडारा) वितरित किया जाएगा।

रामलीला और स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम: Madhepura Ganesh Utsav

धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी:

  • रामलीला मंचन: 14 से 23 सितंबर तक प्रत्येक रात 8 बजे से मधुबनी के प्रसिद्ध रंगकर्मी ललित नारायण यादव के निर्देशन में रामलीला का मंचन किया जाएगा।

  • सांस्कृतिक संध्या: दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक स्थानीय स्कूली बच्चों द्वारा नृत्य, नाटक और देशभक्ति गीतों के कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।

प्रशासनिक अनुमति व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: Madhepura Ganesh Utsav

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं:

  • सीसीटीवी और सुरक्षा बल: पूरे मेला परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी तथा पुलिस बल के साथ समिति के स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।

  • प्रवेश व निकास व्यवस्था: भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं।

  • शोभायात्रा: 25 सितंबर की शाम बैंड-बाजे और सजीव झांकियों के साथ भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी।

 

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Madhepura News: सड़क हादसे के घायलों को मिलेगा ₹1.50 लाख तक कैशलेस इलाज, 7 दिनों की सुविधा, आयुष्मान कार्ड भी जरूरी नहीं

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Madhepura News: सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने और उन्हें त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार की कैशलेस उपचार योजना प्रभावी रूप से लागू है। ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा ने प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी देते हुए बताया कि मोटर वाहन दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को निर्धारित अस्पतालों में अधिकतम ₹1.50 लाख तक का निःशुल्क कैशलेस इलाज मिलेगा। यह सुविधा दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक मान्य होगी और इसके लिए मरीज के पास आयुष्मान कार्ड का होना अनिवार्य नहीं है।

योजना से जुड़ी प्रमुख बातें: Madhepura News

योजना से जुड़ी प्रमुख बातें और शर्तें डीएसपी ने योजना के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को स्पष्ट किया:

  • कैशलेस सुविधा, नकद राशि नहीं: यह ₹1.50 लाख की राशि घायल के बैंक खाते में नहीं भेजी जाएगी, बल्कि यह अस्पताल में इलाज के खर्च की अधिकतम सीमा (कैशलेस पैकेज) है।

  • एडवांस जमा करने से मुक्ति: इलाज शुरू कराने से पहले परिजनों को किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • रेफरल की सुविधा: यदि संबंधित अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक या उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, तो मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया जा सकेगा।

  • आयुष्मान कार्ड की बाध्यता नहीं: बिना आयुष्मान कार्ड वाले पीड़ित भी इसके पात्र हैं, जबकि पूर्व से आयुष्मान लाभार्थी होने पर उन्हें दोनों योजनाओं के प्रावधानों का लाभ मिल सकता है।

हादसा होते ही 112 पर दें सूचना: Madhepura News

हादसा होते ही 112 पर दें सूचना, इलाज में न हो देरी ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि दुर्घटनास्थल पर विवाद या मुआवजे की मांग में समय गंवाने के बजाय ‘गोल्डन आवर’ में घायल की जान बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए:

  • आपातकालीन कॉल: दुर्घटना होते ही तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस और एंबुलेंस को सूचित करें।

  • पुलिस प्रक्रिया के कारण इलाज न रुके: दुर्घटना का विवरण ई-डीएआर (e-DAR) पोर्टल पर दर्ज किया जाता है, लेकिन कागजी या विधिक कार्रवाई के इंतजार में अस्पताल घायल का जीवन रक्षक उपचार नहीं रोक सकते।

  • इलाज से इनकार पर समाधान: यदि कोई पैनलबद्ध अस्पताल इलाज में आनाकानी करता है, तो परिजन अस्पताल में तैनात ‘आरोग्य मित्र’, नोडल पदाधिकारी या आधिकारिक हेल्पलाइन पर तत्काल शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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