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Bihar News: बिहार में लगेंगी 25 नई चीनी मिलें, दिल्ली में निवेशकों के सामने रखी ‘गन्ना निवेश नीति-2026’, जमीन और मंजूरी की गारंटी
Bihar News: बिहार में गन्ना उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य के गन्ना उद्योग विभाग ने देश-विदेश के प्रमुख निवेशकों व उद्योगपतियों के समक्ष ‘बिहार गन्ना निवेश नीति-2026‘ का प्रारूप पेश किया। इसके तहत राज्य में 25 नई अत्याधुनिक चीनी मिलों के साथ-साथ गन्ने पर आधारित सहायक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
25 नई चीनी मिलें और गन्ने से बायो-एनर्जी पर जोर: Bihar News
सम्मेलन में विभागीय प्राथमिकताओं को साझा करते हुए नीतिगत रूपरेखा स्पष्ट की गई:
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औद्योगिक विस्तार: गन्ना मंत्री संजय कुमार ने कहा कि गन्ना बिहार की कृषि व अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है। सरकार का लक्ष्य राज्यभर में 25 नई चीनी मिलें और सह-उत्पाद आधारित कारखाने स्थापित करना है।
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एथेनॉल और बिजली उत्पादन: नीति का उद्देश्य केवल चीनी उत्पादन तक सीमित न रहकर गन्ने से एथेनॉल, सह-उत्पादन आधारित बिजली (Co-generation) और बायो-एनर्जी परियोजनाओं को बढ़ावा देना है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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किसानों को उन्नत संसाधन: गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद और आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की दिशा में भी विशेष पहल की जा रही है।
निवेशकों को भूमि आवंटन और त्वरित स्वीकृतियों का भरोसा: Bihar News
9 और 10 सितंबर को आयोजित सम्मेलन में भारत सरकार और शुगर एसोसिएशन के सहयोग से उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया:
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प्राथमिकता के आधार पर सहायता: बिहार के नोडल अधिकारी वेदव्रत कुमार ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि निवेश प्रस्ताव लाने वाले उद्यमियों को भूमि उपलब्धता और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत प्रोजेक्ट मंजूरियों में राज्य सरकार सर्वाेच्च प्राथमिकता देगी।
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स्टॉल पर दिखी दिलचस्पी: सम्मेलन परिसर में लगाए गए बिहार सरकार के विशेष स्टॉल पर बड़ी संख्या में निवेशकों ने संपर्क कर नई नीति के तहत मिलने वाली रियायतों और सब्सिडियों की जानकारी ली तथा इकाइयां लगाने में रुचि दिखाई।
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केंद्रीय सचिव ने किया उद्घाटन: इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय सचिव संतोष कुमार सारंगी ने किया, जिसमें देश-विदेश के चीनी और कृषि विशेषज्ञों ने आधुनिक गन्ना तकनीक पर अपने विचार साझा किए।