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Bihar News: सुपौल में आंगनबाड़ी व्यवस्था बेपटरी, 3 महीने से गैस आपूर्ति ठप, बच्चों के निवाले पर संकट
Bihar News: सुपौल जिले में प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फासला एक बार फिर उजागर हो गया है। वीरपुर अनुमंडल क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में पिछले तीन महीनों से एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इस वजह से नौनिहालों को मिलने वाला गर्म पका भोजन बंद हो चुका है, जिससे बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर गहरा संकट मंडराने लगा है। विभाग ने जिस योजना को बच्चों की सेहत सुधारने के लिए शुरू किया था, वह अब गैस सिलेंडरों के खाली होने से दम तोड़ती नजर आ रही है।
खाली सिलेंडरों के भरोसे केंद्र, सेविकाओं ने सीडीपीओ से लगाई गुहार: Bihar News
मिली जानकारी के अनुसार, बसंतपुर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले कुल 184 आंगनबाड़ी केंद्रों को सुचारू रूप से चलाने के लिए एचपी गैस के दो-दो सिलेंडर दिए गए थे। लेकिन रीफिलिंग न होने के कारण यह योजना ठप पड़ी है।
परेशान आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अपनी इस समस्या को लेकर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) से लिखित शिकायत की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीपीओ ने ‘मां सीता देवी एचपी गैस ग्रामीण वितरक’ को पत्र जारी कर तुरंत आपूर्ति बहाल करने का कड़ा निर्देश दिया है। पत्र में साफ तौर पर याद दिलाया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूरक पोषाहार का नियमित संचालन अनिवार्य है।
प्रशासन की चेतावनी और ‘जीविका’ मॉडल पर तैयारी: Bihar News
इस गंभीर लापरवाही पर प्रखंड प्रशासन ने गैस एजेंसी को चेतावनी दी है कि बच्चों के अधिकारों का यह उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों में भी इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
“यह मामला पहले मेरे संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी मिली है, तो इस पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि बच्चों को जल्द से जल्द भोजन मिल सके।” – नीरज कुमार, एसडीएम, वीरपुर
“गैस आपूर्ति में आ रही दिक्कतों की हमें जानकारी है। इसका स्थायी समाधान निकालने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से उपभोक्ता संख्या (Consumer Number) मांगी जा रही है। जल्द ही ‘जीविका समूहों’ की तर्ज पर इन केंद्रों के लिए भी नियमित गैस आपूर्ति की व्यवस्था लागू की जाएगी।” – अंजू कुमारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस