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Bihar News: विदेशी मेहमानों को परोसा जाएगा सत्तू और मिथिला का मखाना
Bihar News: बिहार की समृद्ध खान-पान परंपरा और कृषि उत्पाद अब वैश्विक पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराने जा रहे हैं। आगामी ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे विदेशी प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया कर्मियों को बिहार का पारंपरिक सत्तू और मिथिला का विश्व प्रसिद्ध मखाना विशेष रूप से भेंट किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने ‘इंडिया स्टोरी’ के जरिए भारत की सांस्कृतिक व क्षेत्रीय विविधता को प्रदर्शित करने के लिए विशेष मीडिया किट तैयार की है, जिसमें बिहार के इन दोनों पारंपरिक स्वादों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
‘इंडिया स्टोरी’ मीडिया किट में तीन राज्यों की साझेदारी: Bihar News
भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की स्थानीय विरासतों को शोकेस करने के लिए रणनीतिक पहल की है:
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विविधता का प्रदर्शन: विदेश मंत्रालय के ओएसडी (पीआर) वासुदेव रवि के अनुसार, मीडिया किट का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक खान-पान और हस्तशिल्प से रूबरू कराना है।
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साझेदार राज्य: इस पहल के तहत विदेश मंत्रालय ने तीन राज्यों के साथ साझेदारी की है। इसमें बिहार के सत्तू और मखाने के साथ ओडिशा की प्रसिद्ध कोरापुट कॉफी और गुजरात के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों को स्थान दिया गया है।
‘मखाने की धरती’ मिथिला और सत्तू को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच: Bihar News
बिहार के ये दोनों उत्पाद राज्य की संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन से गहरे जुड़े हैं:
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मिथिला की पहचान मखाना: दरभंगा, मधुबनी और आसपास के जलक्षेत्रों में पीढ़ियों से उत्पादित होने वाला मखाना केवल एक कृषि उपज नहीं, बल्कि मिथिलांचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ब्रिक्स जैसे मंच पर इसकी मौजूदगी से स्थानीय मखाना उत्पादकों को वैश्विक बाजार मिलने की राह खुलेगी।
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पारंपरिक सुपरफूड सत्तू: बिहार की दैनिक जीवनशैली और ऊर्जा से भरपूर खान-पान का प्रतीक सत्तू अब विदेशी राजनयिकों और पत्रकारों के स्वाद का हिस्सा बनेगा।
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वैश्विक ब्रांडिंग: स्थानीय कृषि उत्पादों को वैश्विक कूटनीति के केंद्र में रखकर पेश किए जाने से बिहार के कुटीर उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई पहचान और ब्रांडिंग मिलेगी।
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