Bihar
Bihar Police Constable Exam 2026: परीक्षार्थियों के लिए 13 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान
Bihar Police Constable Exam 2026: बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ी राहत दी है। परीक्षा के दौरान होने वाली भारी भीड़ और अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दानापुर मंडल ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। रेलवे प्रशासन 27 और 28 जून को कुल 13 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन करने जा रहा है। यह ट्रेनें पटना, पाटलिपुत्र और दानापुर समेत बिहार के विभिन्न प्रमुख स्टेशनों से अलग-अलग जिलों के लिए चलाई जाएंगी, जिससे परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कोई असुविधा न हो।
रेलवे प्रशासन की विशेष तैयारियां: Bihar Police Constable Exam 2026
दानापुर मंडल के सीनियर डीसीएम अभिनव सिद्धार्थ के अनुसार, इस परीक्षा में बैठने वाले हजारों छात्रों के सफर को सुगम बनाने के लिए यह विशेष व्यवस्था की गई है। इन स्पेशल ट्रेनों की मदद से छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल (27 और 28 जून): Bihar Police Constable Exam 2026
रेलवे ने इन दो दिनों के भीतर ट्रेनों के परिचालन को इस तरह विभाजित किया है:
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27 जून को चलने वाली ट्रेनें: परीक्षा के पहले दिन अभ्यर्थियों के आवागमन के लिए कुल छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनें पटरी पर उतारी जाएंगी।
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28 जून को चलने वाली ट्रेनें: परीक्षा के दूसरे दिन छात्रों की भारी तादाद को देखते हुए कुल सात विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
परीक्षार्थियों के लिए जरूरी सलाह: Bihar Police Constable Exam 2026
रेलवे प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों और यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की हड़बड़ी से बचने के लिए अपनी संबंधित ट्रेन और परीक्षा केंद्र की जानकारी पहले से ही जांच लें। साथ ही, यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए निर्धारित समय से थोड़ा पहले स्टेशन पहुंचने का प्रयास करें।
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Koshi में इस साल का सबसे बड़ा उफान: बराज के 24 फाटक खोले गए, तटबंधों पर हाई अलर्ट
सुपौल। नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण Koshi नदी इस मानसूनी सीजन के अपने सबसे रौद्र रूप में आ गई है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वीरपुर में कोसी बराज का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए इस साल के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
नदी के बढ़ते दबाव और खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने बराज के 24 फाटकों को खोल दिया है, जिससे सीमावर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है।
Koshi News: 1.88 लाख क्यूसेक के पार पहुंचा डिस्चार्ज, जली ‘लाल बत्ती’
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल स्थित कोसी के मुख्य जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र में मंगलवार को पानी का डिस्चार्ज 1,23,500 क्यूसेक से बढ़कर 1,26,200 क्यूसेक तक पहुंच गया। बराह क्षेत्र से आए इस पानी के दबाव के कारण कोसी बराज का जलस्तर दोपहर दो बजे तक रिकॉर्ड 1,88,210 क्यूसेक के पार चला गया। इसके साथ ही इस साल 22 जून को दर्ज किए गए सर्वाधिक जलस्तर का पिछला रिकॉर्ड भी टूट गया है।
नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से काफी ऊपर चले जाने के कारण बराज के पूर्वी छोर पर खतरे की सूचक ‘लाल बत्ती’ जला दी गई है और रेड फ्लेज (लाल झंडा) लगा दिया गया है, ताकि लोग संवेदनशील इलाकों से दूरी बना लें।
Koshi News: डीएम ने लिया सुरक्षात्मक तैयारियों का जायजा
नदी के आक्रामक तेवर को देखते हुए स्थानीय जिला पदाधिकारी (डीएम) ने प्रशासनिक टीम के साथ कोसी बराज और प्रभावित होने वाले तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने तटबंधों के भीतर बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है और अधिकारियों को चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। पूरे इलाके में प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सभी स्पर सुरक्षित, फ्लड फाइटिंग सामग्री के साथ टीमें तैयार
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि वर्तमान में नदी का बहाव तेज जरूर है, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सुरक्षित है। बराज की सुरक्षा के लिए बनाए गए सभी स्पर और मुख्य तटबंध पूरी तरह महफूज हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील और अति-संवेदनशील बिंदुओं पर बाढ़ रोधी (फ्लड फाइटिंग) सामग्री जैसे बालू के बोरे, बांस-बल्ले और कंक्रीट ब्लॉक पर्याप्त मात्रा में तैनात कर दिए गए हैं। मुख्य अभियंता और सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर लगातार बराज के कंट्रोल रूम से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
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Saharasa Crime: सूने घर का ताला तोड़ 14 लाख के जेवरात और नकदी पार
सहरसा। बिहार के सहरसा शहर में चोरों (Saharasa Crime) के हौसले बुलंद हैं। शहर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत शारदा नगर (वार्ड संख्या-38) में अज्ञात चोरों ने एक सूने घर को निशाना बनाते हुए करीब 14 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
इस बड़ी चोरी की वारदात के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
Saharasa Crime: तड़के तीन बजे मुख्य गेट का ताला तोड़कर घुसे चोर
पीड़ित गृहस्वामी राकेश सिन्हा (पिता स्वर्गीय अच्युतानंद सिन्हा) ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि घटना मंगलवार (14 जुलाई) की अहले सुबह करीब तीन बजे की है। चोरों ने सबसे पहले सूने घर के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और भीतर दाखिल हो गए। अंदर घुसने के बाद अपराधियों ने सीधे गोदरेज की अलमारी के लॉकर को निशाना बनाया और उसे कटर या किसी औजार से तोड़ दिया।
Saharasa Crime: लॉकर में रखे सोने-चांदी के कीमती आभूषण और 1.72 लाख कैश गायब
चोरों ने लॉकर खंगालकर उसमें रखे कीमती आभूषणों और नकदी को समेट लिया। चोरी गए सामान की सूची में शामिल हैं:
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सोने के आभूषण: मंगलसूत्र, मांग टीका, सोने की चेन, पुरुषों व महिलाओं की अंगूठियां, झुमका, नोज पिन, लॉकेट, सोने के सिक्के और सोने का पोला।
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चांदी के आभूषण: चांदी के सिक्के, कमरधनी और चांदी का छल्ला।
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नकद राशि: लॉकर के भीतर रखे ₹1.72 लाख कैश।
डायल 112 की टीम और सदर थाना पुलिस जांच में जुटी
गृहस्वामी को जब सुबह चोरी का पता चला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस सहायता नंबर ‘डायल 112’ पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही आपातकालीन पुलिस वाहन के साथ-साथ सदर थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और टूटे हुए लॉकर सहित अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सदर थाना पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने और स्थानीय लोगों से पूछताछ करने में जुटी है। पीड़ित परिवार ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और सामान की बरामदगी की गुहार लगाई है। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है।
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Madhepura में दो घंटे की आफत: जलमग्न हुआ मुख्य बाजार, दुकानों में घुसा पानी
Madhepura। मधेपुरा में महज दो घंटे की तेज बारिश ने पूरे शहर के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को इस बारिश से राहत तो मिली, लेकिन देखते ही देखते यह खुशी आफत में तब्दील हो गई।
जलजमाव की वजह से शहर की मुख्य सड़कें और व्यस्ततम बाजार घुटनों तक पानी में डूब गए, जिससे आम जनता, दुकानदारों और फुटपाथ विक्रेताओं को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है।
Madhepura News: दुकानों में घुसा गंदा पानी, व्यापारियों को लाखों का नुकसान
बारिश का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि मुख्य बाजार, स्टेशन रोड और कर्पूरी चौक जैसे प्रमुख रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों में जलभराव हो गया। कई जगहों पर पानी का स्तर घुटनों से ऊपर पहुंच जाने के कारण राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। स्थिति तब और भयावह हो गई जब नालियों का गंदा पानी कई स्थायी दुकानों के भीतर प्रवेश कर गया। इससे दुकानदारों के कपड़े, जूते-चप्पल, किराना और इलेक्ट्रॉनिक सामान भीगकर बर्बाद हो गए, जिससे उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है और कई व्यापारियों को अपनी दुकानें अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं।
Madhepura News: फुटपाथ दुकानदारों की डूबी पूंजी, मची अफवाह
इस अचानक आई जल-प्रलय का सबसे बुरा असर सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों पर पड़ा है। पानी के तेज बहाव के कारण फल, सब्जी और कपड़े बेचने वाले दुकानदारों को अपना सामान समेटने का अवसर भी नहीं मिल सका, जिससे उनकी पूंजी और दिनभर की कमाई पानी में डूब गई। स्थानीय कारोबारियों ने नगर परिषद के खिलाफ गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे नियमित रूप से टैक्स देते हैं, लेकिन नालियों की समय पर सफाई न होने का खामियाजा उन्हें हर साल भुगतना पड़ता है।
चरमराई जलनिकासी व्यवस्था और बीमारियों का बढ़ा खतरा
बारिश थमने के घंटों बाद भी शहर से पानी का निकास नहीं हो पाना प्रशासनिक दावों की पोल खोलता है। शहर की अधिकांश नालियां कचरे और सिल्ट से पूरी तरह जाम हैं, जिसके चलते पानी सड़कों पर ही जमा रह गया। लबालब भरी सड़कों पर वाहन चलाना बेहद खतरनाक साबित हो रहा है और कई मोटरसाइकिल सवार दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचे। पानी के इस ठहराव से अब इलाके में डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित बीमारियों और मच्छरों के प्रकोप की आशंका बढ़ गई है, जिसे देखते हुए नागरिकों ने प्रशासन से तुरंत फॉगिंग कराने की मांग की है।
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