Bihar
BNMU में हड़कंप: पूर्व महिला कर्मी ने किया आत्मदाह का प्रयास, सुरक्षाकर्मियों ने बचाया
मधेपुरा। भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) परिसर में शुक्रवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब विश्वविद्यालय की एक पूर्व महिला संविदाकर्मी ने आत्मदाह करने की कोशिश की।
हालांकि, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की सूझबूझ और तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है।
BNMU News: पेट्रोल और माचिस लेकर पहुंची थी महिला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 10:40 बजे उक्त महिला हाथ में पेट्रोल से भरी बोतल और माचिस लेकर विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हुई थी। वह अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मघाती कदम उठाने ही वाली थी कि सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दबोच लिया। पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
BNMU News: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा था ई-मेल
बताया जाता है कि इस आत्मघाती कदम को उठाने से एक दिन पहले महिला ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI), केंद्रीय गृहमंत्री, बिहार के राज्यपाल और महिला आयोग सहित कई संवैधानिक व प्रशासनिक संस्थाओं को ई-मेल भेजा था। अपने ई-मेल में उसने लिखा था कि लंबे समय से न्याय के लिए भटकने के बाद भी जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो वह यह कदम उठाने को विवश हुई है।
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BNMU News: कुलपति और उनके पीए पर लगाए गंभीर आरोप
महिला ने अपने शिकायत पत्र में बीएनएमयू के कुलपति प्रो. बी.एस. झा और उनके निजी सहायक (पीए) राहुल रंजन पर प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप मढ़े हैं। महिला का आरोप है कि पिछले दो सालों से उसके साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा था, उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और बाद में नौकरी से भी निकाल दिया गया। उसने यह भी दावा किया कि राजभवन और जिला प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उसके घर पर असामाजिक तत्व भेजकर उसे डराने और अपहरण करने की कोशिश की गई।
आरोपों की जांच में जुटी पुलिस
महिला द्वारा लगाए गए इन सनसनीखेज आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही इस मामले पर अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।