Bihar
Madhepura में नि:शुल्क ओपीडी में उमड़ी भीड़: 100 से अधिक बच्चों की हुई स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ डॉक्टर ने दी अहम सलाह
Madhepura। बच्चों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मधेपुरा शहर में एक सराहनीय पहल की गई है. रविवार को शहर के जपालपट्टी चौक स्थित नि:शुल्क ओपीडी में स्वास्थ्य जांच के लिए सुबह से ही अभिभावकों और बच्चों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
इस विशेष शिविर में सुप्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोरंजन कुमार (एमडी, पीडियाट्रिक्स) ने 100 से अधिक बच्चों के स्वास्थ्य की गहन जांच की और उनके परिजनों को उचित चिकित्सकीय परामर्श दिया. कम खर्च में विशेषज्ञ डॉक्टर का परामर्श मिलने से स्थानीय लोगों ने बड़ी राहत महसूस की है.
Madhepura News: कम खर्च और आवश्यक दवाओं पर विशेष जोर
शिविर के दौरान डॉ. मनोरंजन कुमार ने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए न्यूनतम खर्च में बेहतर इलाज की बात कही. उन्होंने बताया कि ओपीडी में बच्चों को केवल वही दवाएं लिखी जा रही हैं जो उनके स्वास्थ्य के लिए नितांत आवश्यक हैं, और जांच भी बेहद जरूरी होने पर ही कराने की सलाह दी जा रही है.
डॉक्टर ने कहा:
“अनावश्यक महंगी जांचों और दवाओं के बोझ से मरीजों को बचाना भी एक आदर्श चिकित्सा पद्धति का हिस्सा है. सही समय पर सटीक और सीमित दवाओं के जरिए बच्चों की अधिकांश बीमारियों का प्रभावी उपचार बेहद आसानी से संभव है.”
Madhepura News: अभिभावकों को दी स्वास्थ्य व स्वच्छता की अहम सलाह
स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ डॉ. मनोरंजन कुमार ने बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग भी की. उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संतुलित आहार (न्यूट्रिशन), समय पर नियमित टीकाकरण (वैक्सीनेशन) और व्यक्तिगत स्वच्छता (हाइजीन) बनाए रखने पर विशेष जोर दिया.
उन्होंने माता-पिता को सचेत करते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही भारी पड़ सकती है. अतः जैसे ही बच्चों में किसी बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई दें, घरेलू नुस्खों में समय गंवाने के बजाय तुरंत किसी योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
स्थानीय जनता ने की इस सामाजिक पहल की सराहना
जपालपट्टी चौक पर आयोजित इस नि:शुल्क ओपीडी सेवा को लेकर मरीजों के परिजनों में खासा उत्साह और संतोष देखा गया. शिविर में पहुंचे लोगों ने इस मानवीय पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में जहां डॉक्टरों की फीस और इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है, वैसे में विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा मुफ्त परामर्श मिलना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का भी मानना है कि समय-समय पर आयोजित होने वाले ऐसे नि:शुल्क शिविरों और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के माध्यम से बच्चों में होने वाली कई गंभीर बीमारियों की शुरुआती दौर में ही पहचान कर उनका सही इलाज किया जा सकता है.
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